Tuesday, June 25, 2024
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प्रियंका गाँधी की रैली के बाद कॉन्ग्रेस कार्यालय पर लगा ताला: 2019 से नहीं दिया किराया, बुजुर्ग मालिक को सालों दे रहे ‘लॉलीपॉप’

''राहुल गाँधी जी गोरखपुर के राजमन राय जी की रातों की नींद उड़ी हुई है कॉन्ग्रेस की 'प्रापर्टी हड़पो नीति' के चलते। आपसे अनुरोध है कि इन बुजुर्ग को बख्श दीजिए, आदत के अनुसार इनकी संपत्ति पर कब्जा मत करिए, इनका किराया दे दीजिए।''

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा की रैली के बाद गोरखपुर जिला कॉन्ग्रेस कमेटी के कार्यालय पर फिर से ताला जड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि तीन साल से किराया नहीं देने पर मकान मालिक ने कॉन्ग्रेस कार्यालय पर ताला लगा दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मनी त्रिपाठी ने ‘गोरखपुर के बुजुर्ग राजमन राय जी का किराया मत मारिए, दे दीजिए, नैतिकता नाम की कोई चीज़ बची है?’ लिखते हुए ट्विटर अकाउंट पर इसका वीडियो पर भी शेयर किया है।

उन्होंने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस पार्टी को टैग करते हुए लिखा, ”राहुल गाँधी जी गोरखपुर के राजमन राय जी की रातों की नींद उड़ी हुई है कॉन्ग्रेस की ‘प्रापर्टी हड़पो नीति’ के चलते। आपसे अनुरोध है कि इन बुजुर्ग को बख्श दीजिए, आदत के अनुसार इनकी संपत्ति पर कब्जा मत करिए, इनका किराया दे दीजिए।”

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी साल 2019 में लोकसभा चुनाव के पहले पुरदिलपुर स्थित कॉन्ग्रेस के कार्यालय पर ताला लगा दिया गया था, जिसके बाद कॉन्ग्रेसियों ने ट्रांसपोर्ट नगर में किराए पर कमरा लेकर कार्यालय खोला था। इस मामले में पीड़ित मकान मालिक का कहना है कि मैंने कॉन्ग्रेस कार्यालय पर ताला इसलिए मारा है, क्योंकि मुझे आज तक किराया नहीं मिला है। मैं बार-बार किराया माँगता हूँ, तो कहते हैं बस प्रियंका जी से बात हो गई है, अध्यक्ष जी से बात हो गई है, लेकिन ऐसा कहकर मुझे लॉलीपॉप देते रहे।

उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 से लेकर अब तक का किराया बाकी है। अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला है। ताला मारने के बाद मेरी उनसे कोई बात नहीं हुूई है, क्योंकि उन्हें संपर्क करने में शर्म आ रही है। किराया नहीं मिला तो कानूनी कार्रवाई भी करूँगा। बता दें कि 31 अक्टूबर को प्रियंका गाँधी वाड्रा की चंपा देवी पार्क में हुई रैली के तत्काल बाद मकान मालिक ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित जिला कॉन्ग्रेस कमेटी के कार्यालय पर ताला लगा दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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