Friday, October 30, 2020
Home राजनीति अब कॉन्ग्रेस के अस्तित्व पर संकट, जब्त हो सकता है 'हाथ' का निशान: जानें,...

अब कॉन्ग्रेस के अस्तित्व पर संकट, जब्त हो सकता है ‘हाथ’ का निशान: जानें, क्यों पैदा हुए ये हालात

चुनाव आयोग प्राय: पार्टी के आंतरिक मुद्दों में हस्तक्षेप करने से दूर रहता है। हालाँकि, अगर वह चाहे तो किसी भी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नियमों और विनियमों का पालन करने में विफल रहने के लिए कार्रवाई शुरू कर सकता है।

कॉन्ग्रेस के लिए अभी तक स्थायी अध्यक्ष न चुन पाना अब उनकी पार्टी के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है। संडे गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार अगर कॉन्ग्रेस, चुनाव आयोग को संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहती है कि वह पिछले साल राहुल गाँधी के इस्तीफे के बाद स्थायी अध्यक्ष का चुनाव क्यों नहीं कर पाई है, तो पार्टी को निलंबन या अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें कि 2019 के आम चुनावों में हार के बाद राहुल गाँधी ने अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कॉन्ग्रेस कार्य समिति द्वारा सोनिया गाँधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था। सोमवार को बतौर अंतरिम अध्यक्ष उनका साल भर पूरा हो जाएगा।

पार्टी का दावा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण नए प्रमुख का चुनाव करने की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है और सामान्य स्थिति बहाल होते ही चुनाव आयोग के प्रावधानों का अनुपालन करने का आश्वासन दिया गया है।

चुनाव आयोग प्राय: पार्टी के आंतरिक मुद्दों में हस्तक्षेप करने से दूर रहता है। हालाँकि, अगर वह चाहे तो किसी भी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नियमों और विनियमों का पालन करने में विफल रहने के लिए कार्रवाई शुरू कर सकता है। चुनाव आयोग सिंबल ऑर्डर के तहत चुनाव चिह्न को भी फ्रीज कर सकता है।

राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29 (A), उप-खंड (V) द्वारा शासित होते हैं। इसकी शुरुआत 1989 में हुई। कॉन्ग्रेस सहित प्रत्येक राजनीतिक दल को खुद को फिर से पंजीकृत करना होगा, और भारत के संविधान के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने और नियत समय पर होने वाले चुनावों में भाग लेने के लिए सहमत होना होगा।

हालाँकि अनिवार्य अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कोई नियम नहीं हैं। चुनाव आयोग समय-समय पर इस मामले पर निर्देश दे सकता है। चुनाव आयोग अब जाँच कर सकता है कि क्या कॉन्ग्रेस संगठन में पद खाली होने के बाद एक निश्चित अवधि के भीतर नए अध्यक्ष के चुनाव के संबंध में कोई विशेष प्रावधान है। आयोग पार्टी को इस निर्धारित समय सीमा के भीतर आंतरिक चुनाव कराने का आदेश दे सकता है।

ग्रैंड-ओल्ड-पार्टी के लिए चिंता का विषय यह है कि पार्टी के भीतर संकट और अधिक गहरा जाने की संभावना है। अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को हाल ही में गंगा राम अस्पताल में कुछ स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण भर्ती कराया गया था। यदि वह अपनी वार्षिक मेडिकल चेकअप के लिए विदेश जाने का फैसला करती है, तो पार्टी को उनकी जगह किसी और को चुनने की आवश्यकता हो सकती है, खासकर अगर राहुल गाँधी कार्यभार सँभालने के लिए अनिच्छुक हैं। पार्टी का अध्यक्ष केवल ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी द्वारा ही चुना जा सकता है।

इस बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित पार्टी कैडर की माँग है कि AICC को जल्द से जल्द संगठनात्मक पदों पर नियुक्ति की जाए। साथ ही वे कॉन्ग्रेस संसदीय बोर्ड की विधिवत निर्वाचित कार्यसमिति के साथ, व्यापक आधार रखने वाले नेताओं को प्रतिनिधित्व प्रदान करने की भी माँग कर रहे हैं।

इन दिनों चूँकि कई पावर सेंटर्स उभरे हैं, इसलिए कॉन्ग्रेस पार्टी वर्तमान में भाजपा के दाँव-पेंच को लेकर काफी अतिसंवेदनशील और सतर्क है। कॉन्ग्रेस नेताओं का मानना है कि संगठन की वर्तमान स्थिति नेतृत्वहीन और दिशाहीन है।

मध्य प्रदेश में इस साल की शुरुआत में पार्टी की सरकार गिर गई थी। वहीं राजस्थान सरकार संकट का सामना कर रही है। ऐसी भी रिपोर्टें हैं, जो बताती हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार भी मध्यप्रदेश की तरह गिर सकती है। झारखंड में गठबंधन की सरकार को भी अपना भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। वहीं भाजपा, कॉन्ग्रेस के भीतर चल रहे ड्रामे पर करीब से नजर रखे हुए है और बदली परिस्थितियों का लाभ उठाने का इंतजार कर रही है।

कॉन्ग्रेस पार्टी के पास प्रमुख मुद्दों में से एक राहुल गाँधी की अस्पष्टता है। एक ओर उन्होंने कथित तौर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी प्रमुख के रूप में वापस नहीं लौटना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर, जब उनके करीबी सहयोगी उनकी बहाली की माँग उठाते हैं, तो वह चुप रहना पसंद करते हैं।

इसके अलावा, सोनिया गाँधी का स्वास्थ्य उन्हें अध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहने की अनुमति नहीं देता है। इसलिए, पार्टी को संगठन के हित में जल्द से जल्द उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त करना पड़ सकता है। हालाँकि, प्रमुख चिंताओं में से एक यह है कि उसके लंबे कार्यकाल ने निर्णय लेने की प्रक्रिया को केंद्रीकृत कर दिया है। पार्टी के ज्यादातर फैसले वे बिना किसी परामर्श प्रक्रिया के खुद ही लेती हैं।

जब से सोनिया गाँधी ने पार्टी की बागडोर सँभाली, वह सर्वोच्च नेता रही हैं। वह यूपीए शासन के दौरान राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की संयोजक भी थीं। कुछ का मानना है कि अधिकार और शक्ति का इस तरह एक हाथों में होने से पार्टी को नुकसान हुआ है। इसके अलावा, दलित-मुस्लिमों की तरफ झुकाव ने पार्टी को कमजोर कर दिया है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता अब इस विचार में हैं कि एक बार राहुल गाँधी के निर्णय के बाद, पार्टी को संगठनात्मक चुनाव के जरिए गैर-गाँधी का चयन करना चाहिए। कुछ समय के लिए कमलनाथ या भूपिंदर सिंह हुड्डा जैसे को प्रमुख बनाया जा सकता है। युवा नेता चुनाव में भाग लेकर पार्टी के भीतर अपनी हैसियत का अंदाजा लगा सकेंगे। इन चुनावी बाधाओं को जीतने वाले नेताओं को भविष्य के नेताओं के रूप में चुना जा सकता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुंगेर दुर्गा विसर्जन पर चली गोलियाँ: पुलिस पर हिंसा का आरोप | Ajeet Bharti Video on Munger Durga Visarjan violence 2020

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गोलियाँ पुलिस की ओर से चलाई गईं। मगर, एसपी लिपि सिंह ने अपने बयान में दावा किया कि गोलियाँ बदमाशों ने चलाई थीं।

सुशांत केस में गलत रिपोर्टिंग के लिए आजतक, ज़ी न्यूज़, इंडिया टीवी, न्यूज़ 24 को NBSA ने लताड़ा: चैनलों ने सार्वजनिक तौर पर माँगी...

आजतक को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ फर्जी ट्वीट्स के लिए भी लताड़ा गया था। चैनल को माफी माँगने और 1 लाख रुपए का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।

माँ की गोद में बेटे का सर, फटे सर से निकला दिमाग भूमि पर: हिन्दुओं की गति यही है प्यारे!

हिन्दू 'बीरबल की खिचड़ी' के उस ब्राह्मण की तरह है जो तुम्हारे शाही किले में जलते दीपक की लौ से भी ऊष्मा पाता है। हिन्दू को बस इससे मतलब है कि उसके आराध्य का मंदिर बन रहा है। लेकिन सवाल यह है, हे सत्ताधीश! कि क्या तुम्हें हिन्दुओं से कुछ मतलब है?

आपके बस की न हो तो आप हमें दे दो, हम मारेंगे: मृतक सुशील की पत्नी ने उठाई आवाज, घायल भाई की स्थिति गंभीर

पूरी घटना झुग्गी सराय पीपल थला की है। इस घटना में सुशील की मौत हुई है और उनके भाई अनिल, सुनील व पत्नी वंदना बुरी तरह घायल हो गए।

अल्लाह हू अकबर चिल्लाते हुए आतंकी हमला: फ्रांस में एक महिला समेत 3 लोगों का काट दिया गला

फ्रांस के नीस शहर में स्थित कैथेड्रल चर्च में एक आतंकवादी घटना हुई है। इस आतंकी घटना में एक व्यक्ति ने अल्लाह-हू-अकबर बोलते हुए...

मुंगेर SP-DM दोनों हटाए गए, 3 थानों में आगजनी: अनुराग की हत्या के विरोध में आक्रोशित लोगों का फूटा गुस्सा

मुफस्सिल, कोतवाली और पूरब सराय - इन तीन थानों में आगजनी हुई। आक्रोशित लोगों ने जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय और...

प्रचलित ख़बरें

मुंगेर: वरिष्ठ महिला IPS अधिकारी ने SP लिपि सिंह को याद दिलाए नियम, कहा- चेतावनी व आँसू गैस का था विकल्प

वरिष्ठ महिला IPS अधिकारी ने नियम समझाते हुए कहा कि पुलिस को गोली चलाने से पहले चेतावनी देनी चाहिए, या फिर आँसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना चाहिए।

पिता MP, पति DM, खुद SP: मुंगेर की ‘जनरल डायर’, जिस पर लगा था पुलिस के काम के लिए नेता की गाड़ी के इस्तेमाल...

अगस्त 2019 में लिपि सिंह पर आरोप लगा था कि वो दिल्ली के साकेत कोर्ट में अनंत सिंह के लिए जब ट्रांजिट रिमांड लेने गई थीं, तो उन्होंने जदयू नेता की गाड़ी का इस्तेमाल किया था।

मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुझे पोर्न दिखाया, गंदे सवाल किए, अंगों को ले कर अश्लील गालियाँ दी: साध्वी प्रज्ञा

भगवा आतंक के नाम पर पुलिस बर्बरता झेल चुकी साध्वी प्रज्ञा का कहना है कि जब जब उनकी बेल की बात चली तो न्यायाधीशों तक को धमकी देने का काम हुआ।

‘हमारा मजहब कबूल कर के मेरे बेटे की हो जाओ’: तौसीफ की अम्मी ने भी बनाया था निकिता पर धर्म परिवर्तन का दबाव

"तुम हमारा मजहब कबूल कर लो और मेरे बेटे की हो जाओ। अब तुमसे कौन शादी करेगा। तुम्हारा अपहरण भी हो गया है और अब तुम्हारा क्या होगा।"

माँ की गोद में बेटे का सर, फटे सर से निकला दिमाग भूमि पर: हिन्दुओं की गति यही है प्यारे!

हिन्दू 'बीरबल की खिचड़ी' के उस ब्राह्मण की तरह है जो तुम्हारे शाही किले में जलते दीपक की लौ से भी ऊष्मा पाता है। हिन्दू को बस इससे मतलब है कि उसके आराध्य का मंदिर बन रहा है। लेकिन सवाल यह है, हे सत्ताधीश! कि क्या तुम्हें हिन्दुओं से कुछ मतलब है?

मुंगेर हत्याकांड: एसपी लिपि सिंह के निलंबन की खबरों के बीच मुंगेर पुलिस की ‘ट्विटर आईडी’ रातों-रात डीएक्टिवेट

अलग-अलग स्रोतों से आ रही खबरों के अनुसार चार लोगों के मरने की खबरें भी आ रही हैं, जबकि आधिकारिक तौर पर एक की ही मृत्यु बताई गई है।
- विज्ञापन -
00:19:30

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जी से अजीत भारती की खास बातचीत | Union minister Prakash Javdekar talks to OpIndia

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तीन मंत्रालयों को संभालने वाले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऑपइंडिया को दिए अपने पहले इंटरव्यू के दौरान कई महत्तवपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
00:09:19

मुंगेर दुर्गा विसर्जन पर चली गोलियाँ: पुलिस पर हिंसा का आरोप | Ajeet Bharti Video on Munger Durga Visarjan violence 2020

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गोलियाँ पुलिस की ओर से चलाई गईं। मगर, एसपी लिपि सिंह ने अपने बयान में दावा किया कि गोलियाँ बदमाशों ने चलाई थीं।
00:35:09

निकिता तोमर लव जिहाद हत्याकांड: हिन्दू बेटियाँ कब तक तौसीफों का शिकार बनती रहेंगी? | Ajeet Bharti video on Nikita Tomar

हिंदू पीड़िता और मुस्लिम आरोपित की बात आते ही आखिर क्यों ये सवाल नहीं पूछा जाता कि हिंदुओं की बच्चियों को फर्जी प्रेम में क्यों फँसाया जा रहा है। क्यों उनका रेप हो रहा है।
00:20:55

नितीश के विकल्प और भी बेकार हैं: बिहार चुनाव | Bihar Elections: Nitish bad, others worse

ग्राम में चूँकि आबादी मिश्रित है इसलिए मत बेहद बँटे हुए हैं। कुछ लोगों का साफ कहना है कि नीतिश कुमार खास अच्छे नहीं है लेकिन उनके विकल्प उससे भी ज्यादा खराब हैं।
00:27:34

बिहार चुनाव-2020: जानिए क्या है युवाओं की आशाएँ | Bihar: Youth wants job, education and governance

क्या बिहार में युवा रोजगार के मसले पर अपना वोट देंगे? आखिर उनमें सरकारी नौकरियों को लेकर इतना क्रेज क्यो है?
00:30:30

बिहार चुनाव: संजय सरावगी से अजीत झा की बातचीत | BJP candidate Sanjay Saraogi talks to OpIndia

दरभंगा के शहरी क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी संजय सरावगी ने हर धारणा तोड़कर अपने व अपनी पार्टी के लिए राजद के गढ़ में जगह बनाई और जीत हासिल करते रहे।

सुशांत केस में गलत रिपोर्टिंग के लिए आजतक, ज़ी न्यूज़, इंडिया टीवी, न्यूज़ 24 को NBSA ने लताड़ा: चैनलों ने सार्वजनिक तौर पर माँगी...

आजतक को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ फर्जी ट्वीट्स के लिए भी लताड़ा गया था। चैनल को माफी माँगने और 1 लाख रुपए का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।

‘मैं मुसलमान जाति में आग लगा दूँगी मेरी लड़की मुझे वापस दो’: घर से लापता युवती की माँ ने रोते बिलखते भोपाल पुलिस से...

“मुझे मेरी लड़की वापस चाहिए नहीं तो मैं आग लगा दूँगी पूरी मुसलमान जाति में और थाने में। मुझे मेरी लड़की चाहिए बस। वो इसी के पास है।”

ट्रोलिंग से बचने के लिए अक्षय की फ़िल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ का बदला गया नाम: विवादों में घिरने के बाद निर्माताओं ने लिया फैसला

इस फ़िल्म पर लवजिहाद को बढ़ावा देने, हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसे कई संगीन आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा करणी सेना द्वारा फिल्म के मेकर्स को एक लीगल नोटिस भी भेजा गया था।

मलेशिया के पूर्व PM महातिर मोहम्मद ने ट्वीट करके फैलाई सांप्रदायिक घृणा, हत्या को ठहराया जायज: ट्विटर ने किया डिलीट

इसी घृणा फैलाने वाले व मानवता के विरुद्ध किए गए ट्वीट को ट्विटर ने डिलीट कर दिया है। ट्विटर ने इन ट्विटों को नियमों का उल्लंघन बताकर डिलीट किया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,408FollowersFollow
340,000SubscribersSubscribe