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‘हमें अलग तमिलनाडु माँगने के लिए मजबूर मत करो’: DMK सांसद भी बोले राहुल गाँधी की भाषा, पेरियार को याद कर देश तोड़ने की धमकी

उन्होंने आगे कहा, "मैं बेहद विनम्रता से पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध कर रहा हूँ कि वे हमें एक बार फिर से अलग तमिलनाडु की माँग को उठाने के लिए मजबूर ना करें। कृपया हमें राज्य की स्वायत्तता दें।"

तमिलनाडु (Tamilnadu) में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद ए राजा ने केंद्र को चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि पार्टी को फिर से अलग तमिलनाडु की माँग करने के लिए मजबूर ना किया जाए। उन्होंने यह बातें स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों की सभा में बोलते हुए कही।

समारोह में बोलते हुए, राजा ने कहा, “DMK ने अलग तमिलनाडु का आह्वान छोड़ दिया है और राज्य की स्वायत्तता के लिए आया है। लेकिन हमारे वैचारिक गॉडफादर पेरियार ने अपनी मृत्यु तक अलग तमिलनाडु की माँग की। हालाँकि हमने उस माँग को दरकिनार कर दिया और देश की अखंडता और लोकतंत्र के लिए संघवाद को स्वीकार कर लिया।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं बेहद विनम्रता से पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध कर रहा हूँ कि वे हमें एक बार फिर से अलग तमिलनाडु की माँग को उठाने के लिए मजबूर ना करें। कृपया हमें राज्य की स्वायत्तता दें।”

बता दें कि ए राजा नीलगिरी मतदाताओं के लिए संसद सदस्य और DMK के उप महासचिव हैं। राजा एक स्वतंत्र तमिलनाडु की वकालत कर रहे थे, जिसकी शुरुआत पेरियार ने की थी। पेरियार को ‘द्रविड़ आंदोलन का जनक’ माना जाता है। बता दें कि ए राजा मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री थे, उसी समय 2 जी स्पेक्ट्रम धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था।

‘राज्यों के संघ’ के रूप में भारत पर राहुल गाँधी की टिप्पणी

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की सरकार में डीएमके के साथ भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस भी भागीदार है। पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और वायनाड से पार्टी सांसद राहुल गाँधी ने हाल ही में कहा था कि भारत एक राष्ट्र नहीं है। राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में ‘द प्रिंट’ की कालम्निस्ट श्रुति कपिला से कहा था कि भारत, ब्रिटेन जैसे राष्ट्र की तुलना में यूरोपीय संघ की तरह ‘राज्यों के संघ’ की तरह है। ए राजा का विचार भी राहुल गाँधी की टिप्पणी जैसा ही है।

बता दें कि पिछले कई महीनों से, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी तथाकथित ‘भारत के विचार’ के बाल्कनाइज़्ड संस्करण (Balkanised Version) को बढ़ावा दे रहे हैं, जो इसे एक राष्ट्र के बजाय ‘राज्यों के संघ’ के रूप में दिखाता है। राहुल गाँधी के मुताबिक भारत को हमारे संविधान में एक राष्ट्र के रूप में परिभाषित नहीं किया गया है, बल्कि भारत के नाम से जाने जाने वाले राज्यों के एक संघ के रूप में परिभाषित किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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