Sunday, June 26, 2022
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46 MLA साथ, शिवसेना-उद्धव से बात नहीं: एकनाथ शिंदे ने क्लियर किया प्लान, बोले असम के CM- बाढ़ के समय टैक्स देने वाले पर्यटकों का स्वागत

उधर शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने पार्टी के सभी विधायकों के नाम एक पत्र जारी किया है, जिसमें उन्हें बुधवार (22 जून, 2022) की शाम होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

महाराष्ट्र में सियासी उठा-पटक के बीच सूरत में डेरा जमाए शिवसेना के बागी विधायकों को अब असम के गुवाहाटी में शिफ्ट किया गया है। बागी दल के नेता एकनाथ शिंदे ने बताया है कि उनके पास 46 विधायकों का समर्थन है, जिनमें से 6-7 निर्दलीय हैं और बाकी के शिवसेना के हैं। उन्होंने बताया कि फ़िलहाल न तो उन्हें भाजपा की तरफ से कोई ऑफर आया है, न ही उनकी पार्टी से कोई बात हो रही है। उन्होंने बताया कि शिवसेना या पार्टी सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से भी फ़िलहाल कोई बात नहीं हो रही।

ANI से बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, “जहाँ तक ताज़ा राजनीतिक हालात की बात है, हमलोग बालासाहेब ठाकरे के शिवसैनिक हैं और हमेशा शिवसैनिक ही रहेंगे। भविष्य में क्या करना है, इस सम्बन्ध में अभी हमने कोई निर्णय नहीं लिया है।” उधर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि बाढ़ आपदा के इस समय में टैक्स देने वाले होटल अतिथियों का राज्य में स्वागत है। उन्होंने कहा कि ये जो टैक्स देते हैं, उससे सरकार को राजस्व प्राप्त होता है।

सीएम सरमा ने कहा कि अगर गुवाहाटी सभी राज्यों का राजनीतिक केंद्र बन जाता है, यहाँ तक कि केंद्र सरकार और अन्य देशों का भी, वो इसका स्वागत करेंगे। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि बस यहाँ के होटल बुक रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के इस आपदा के समय राज्य को वित्त चाहिए और टैक्स देने वाले पर्यटक चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर होटल के कमरे फुल हो जाते हैं तो इससे सरकार की भी कमाई होगी।

उधर शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने पार्टी के सभी विधायकों के नाम एक पत्र जारी किया है, जिसमें उन्हें बुधवार (22 जून, 2022) की शाम होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि जो भी विधायक अनुपस्थित रहेगा, ये समझा जाएगा कि उसने स्वेच्छा से शिवसेना छोड़ दी है। साथ ही बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के अनुपस्थित रहने वाले विधायकों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कराने की धमकी भी दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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