Tuesday, May 18, 2021
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सुशासन, विश्वास, विकास के तीन साल: उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ ने लिखा ऑपइंडिया के लिए

आज विकास, विश्वास और सुशासन के साथ देश के समक्ष नया उत्तर प्रदेश खड़ा है। निरोगी प्रदेश के संकल्प को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए "कु-व्यवस्था" के वायरस से संक्रमित आईसीयू में पड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुशासन की "प्राण वायु" प्रदान करना आवश्यक था।

अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि ‘हमारी सोच और हमारे सिद्धांत ये हैं कि गरीब और अशिक्षित लोग हमारे ईश्वर हैं, यही हमारा सामाजिक और मानवीय धर्म है।’ इसी विचार को आत्मसात कर लोक कल्याण के लिए कार्य कर रही उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। मुझे यह कहते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि हमारी सरकार के ये तीन वर्ष अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उदय के थे।

चुनौतियाँ

इस दौरान हमारी सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मसलन सपा-बसपा के कार्यकाल में प्रदेश की जर्जर हो चुकी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, नकल माफियाओं पर अंकुश लगाकर गुणवत्तापरक शिक्षा की बहाली और सबसे अहम कार्य प्रदेश की चौपट हो चुकी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना था। जिसमें हम सफल भी रहे।

आज विकास, विश्वास और सुशासन के साथ देश के समक्ष नया उत्तर प्रदेश खड़ा है। निरोगी प्रदेश के संकल्प को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए “कु-व्यवस्था” के वायरस से संक्रमित आईसीयू में पड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुशासन की “प्राण वायु” प्रदान करना आवश्यक था।

यहाँ यह जानना दिलचस्प है कि प्रदेश में देश के स्वतन्त्र होने के 76 साल तक केवल 12 मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में थे। अतएव हमने सहज, सुव्यवस्थित और साधन सम्पन्न चिकित्सकीय सुविधाओं हेतु मात्र 03 वर्षों में ही 07 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित कर उनमें एमबीबीएस की कक्षाएँ प्रारम्भ करा दीं। इसके साथ ही 13 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की स्वीकृति भी केंद्र सरकार से प्राप्त की। इस प्रकार कुल 28 मेडिकल कॉलेजों की सेवाएँ उत्तर प्रदेश को प्राप्त होंगी। यही नहीं गोरखपुर और रायबरेली में एम्स अपना प्रस्तावित आकार प्राप्त कर रहा है।

स्वास्थ्य सेवाएँ

यह स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी एवं स्वच्छ भारत अभियान की सक्रियता का परिणाम है कि पूर्वी यूपी में 4 दशकों से बच्चों में महामारी के रूप में जानी जाने वाली इंसेफ्लाइटस रोगियों की संख्या में 56 प्रतिशत की कमी हुई है तथा 90 प्रतिशत मृत्यु में कमी आई है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आम जन की आस्था सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पर बढ़ी है। सरकारी अस्पतालों में फिर भीड़ दिखाई पड़ने लगी है। हमने प्रदेश को निरोगी बनाने के संकल्प में एक और रचनात्मक प्रयोग करते हुए संवेदित, सक्रिय और संवर्धित चिकित्सकीय सेवाओं के लिए प्रत्येक रविवार को प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर “मुख्यमंत्री आरोग्य मेला” का आयोजन प्रारम्भ किया है।

साभार :ट्विटर

2 फरवरी से प्रारम्भ हुई इस योजना में लाखों की संख्या में आमजन निःशुल्क सुविधाएँ प्राप्त कर रहे हैं। आज प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण जैसी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हमारा स्वास्थ्य विभाग पूर्णतः तैयार है। जन जागरण के बिगुल से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक, सरहदी क्षेत्रों की नाकेबंदी से लेकर थर्मल एनालाइजर तक की स्थापना तक, कोई भी प्रयास हमारे सामर्थ्य से बाहर नहीं है। शिक्षा के आलोक में ही कोई भी समाज उन्नति-पथ पर गति कर सकता है। तो सबसे पहले हमने नकल माफियों के चंगुल से शिक्षा को मुक्त कराया।

कृषि

उत्तरप्रदेश में भाजपा सरकार के समक्ष सबसे चुनौतिपूर्ण कार्य किसानों के चेहरे पर खुशी वापस लाना था। गन्ने की खेती करने वाले किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे थे कि कोई उनकी परेशानी को समझे। भाजपा के आते ही उनकी परेशानियों का समाधान हुआ और आज उत्तर प्रदेश देश में गन्ना और चीनी उत्पादन में लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 12 हजार करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में भेजे गए। साथ ही किसानों का 36 हजार करोड़ रुपए का ऋण माफ किया और ऐसे करके हमने किसानों से किए अपने वादों को पूरा किया है।

शिक्षा

“ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से 92 हजार से अधिक प्राइमरी पाठशालाओं को आधारभूत सुविधाएँ जैसे बाउंड्रीवाल, शौचालय, पेयजल, विद्युतीकरण आदि से संपन्न किया है। इन विद्यालयों में 45,383 शिक्षकों की भर्ती की गई है तथा 69,000 शिक्षकों की भर्ती अंतिम चरण में है। इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा में भी 55 नए सरकारी इंटर कॉलेज की स्वीकृति दी गई है। यही नहीं वंचना के दंश से पीड़ित श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों के जीवन में ज्ञान के आलोक को विस्तारित करने हेतु प्रत्येक मण्डल मुख्यालय में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की कार्रवाई को आगे बढ़ाया है।

सदियों से हाशिए पर पड़े वनटांगिया, कोल, मुसहर एवं थारू जनजातियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के क्रम में उनके सभी ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित कर सरकार द्वारा संचालित समस्त जन कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया। उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त कराया।

नारी सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण के लिए भी हमारी सरकार ने बेहतर कार्य किया है। ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत 01 लाख से अधिक गरीब कन्याओं को 51 हजार रुपए प्रति लाभार्थी देते हुए योजना से लाभान्वित किया गया। ‘ऐंटी रोमियो स्क्वाड’ की स्थापना कर पुलिस के द्वारा मनचलों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रदेश में अच्छा कार्य हुआ है। ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ लागू की गई। स्वास्थ्य विभाग और महिला कल्याण विभाग के कार्यक्रमों को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किए जाने का परिणाम यह है कि प्रदेश के जनपदों में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। निराश्रित महिला पेंशन योजना में लाभार्थियों की संख्या मे काफी वृद्धि हुई है। लखनऊ, बदायूँ व गोरखपुर में महिला पीएसी बटालियन की स्थापना की जा रही है। ‘पिंक बस सेवा’ की शुरुआत की गई है। इन बसों में महिला कंडक्टर के साथ सुरक्षाकर्मी की तैनाती की जा रही है तथा इन बसों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे है।

कानून-व्यवस्था

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर हमें विरासत में अपराधियों के सम्मुख बेबस पुलिस मिली थी। जो “सेफ जोन” होना चाहिए था वो स्थान अपराधियों के “सफारी जोन” थे। फिर हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कठोरतम प्रयास किए। परिणामतः आज अपराधी प्रदेश छोड़ कर भाग रहे हैं या जेलों में कैद हैं। बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रदेश में 41 नए थाने, 13 नई चौकियाँ स्थापित की गई। 1.7 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई। लखनऊ तथा गौतमबुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू किया गया।

अपराध के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ। अपराध के आँकड़ों में बहुत गिरावट आई। डकैती के मामलों में वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2019 में 59.70 प्रतिशत सुधार हुआ, तो वहीं इसी अवधि में हत्या के मामलों में 47.09 प्रतिशत की कमी आई। कश्मीर में धारा 370 के निर्मूलन के आदेश के समय, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि विवाद मामले में निर्णय के समय प्रशासन और पुलिस के प्रभावी नियन्त्रण का ही परिणाम था, कि पूरे प्रदेश में एक भी हिंसात्मक घटना नहीं हुई।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कुछ अराजक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से कानून-व्यवस्था को खराब करने का असफल प्रयास किया, किन्तु बाद में इसे भी प्रभावी और परिणामदायक ढंग से नियंत्रित कर लिया गया। उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके द्वारा नष्ट की गई सम्पत्तियों की क्षतिपूर्ति उपद्रवियों से ही की गई, तो उप्र शासन के इस प्रयास को पूरे देश में व्यापक समर्थन भी मिला। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था को सराहा और कहा कि उप्र की तर्ज पर अपराधियों के खिलाफ कड़ा कानून लागू किया जाए। यह उपद्रवियों व उनके रहनुमाओं पर बड़ी चोट थी।

यह कुशल नियोजन व अनुशासित व्यवस्था का ही सुफल है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय की दर में अनवरत वृद्धि हो रही है। आँकड़ों में कहें तो 2014-15 में प्रति व्यक्ति आय 42,267 रुपए थी जो वर्तमान में बढ़कर 70,419 रुपए हो गई है। यह हमारी पारदर्शी व्यवस्था की उपलब्धि ही कही जाएगी कि विगत तीन वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा 03 लाख लोगों को प्रदान की गईं सरकारी नौकरियाँ, विवाद मुक्त हैं। मेरे लिए यह निजी संतुष्टि का विषय है कि इन तीन वर्षों में प्रदेश कई क्षेत्रों में देश में शीर्ष पर पहुँचा है। कौशल विकास नीति, राज्य स्वास्थ्य नीति लागू कर एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष को आपदा घोषित करने में उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य बना। ई-मार्केट (जेम) के अंतर्गत सर्वाधिक खरीददारी करने में भी टॉप वायर पुरस्कार हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना में 09, मनरेगा में 07, रूर्बन मिशन में 02, आजीविका मिशन में 01, ग्राम स्वराज अभियान में 01 और एनआईआरडीपी में 01 पुरस्कार प्राप्त हुए। तीन वर्ष में ही मातृ मृत्यु दर में सबसे अधिक 30 प्रतिशत गिरावट आई। पोषण माह के लिए सर्वोच्च पुरस्कार मिला। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के 14 निकाय सम्मानित हुए एवं सर्वाधिक तिलहन उत्पादन के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार मिला। द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) योजना जैसे अभिनव प्रयोग को देश-विदेश में लागू करने की अनुशंसा की गई तो ‘एक जनपद-एक उत्पाद योजना’ को भारत सरकार ने देश के हर जनपद में लागू करने योग्य योजना कहा।

अन्य उपलब्धियाँ

महिला सशक्तिकरण के तहत वन स्टॉप सेंटर स्थापित करने के लिए नारी शक्ति पुरस्कार, डिजिटल भूमि प्रणाली के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेस पुरस्कार, अधिक विद्युत संयोजन के लिए सौभाग्य योजना पुरस्कार, दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले।

दुग्ध, चीनी, गन्ना, खाद्य उत्पादन में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर है। देश में सबसे ज्यादा चिकित्सा संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में भी प्रदेश अग्रणी है। यह पुरस्कार हमें नित नया अभिनव करने को प्रोत्साहित करते हैं। इन सबसे प्रदेश की पहचान विकसित प्रदेश के रूप में हो रही है। गाँव, गरीब, किसान, महिला, मजदूर, नौजवान सहित सभी के हित-कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। 23 करोड़ लोगों की विशाल आबादी वाला उत्तर प्रदेश सकारात्मक उत्पादक परिवर्तन लाते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की भावनानुरूप वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है।

निवेश एवं आधारिक संरचना

अंत्योदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को मूर्तरूप प्रदान करती हमारी वैचारिक दृष्टि अवध के मन, पूर्वांचल की आशा, बुंदेलखण्ड की अपेक्षा और पश्चिमांचल की अभिलाषा को संतुष्ट करने के क्रम में अनवरत प्रयत्नशील है। भ्रष्टाचार और कदाचार में लिप्त प्रत्येक व्यक्ति पर हमारी व्यवस्था द्वारा जीरो टालरेंस के तहत की जा रही कार्यवाहियाँ, प्रदेश में “बदली हुई व्यवस्था” का संदेश देने में सफल हुई हैं। और यही संदेश हमारी पूँजी है। बजट, योजनाओं का वित्तीय ढाँचा होता है। देश के सबसे बड़े प्रदेश उप्र के समावेशी विकास के लिये हमने इस वर्ष 05 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपए का बजट प्रस्तुत किया, जो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है।

युवाओं को समर्पित इस ऐतिहासिक बजट में मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (APPRENTICESHIP) तथा युवा उद्यमिता विकास अभियान (YUVA) जैसी योजनाएँ स्वरोजगार और स्वावलंबन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। जाति, मत और मजहब से ऊपर उठकर सभी वर्गों का ख्याल रखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में सुशासन का राज स्थापित किया है। अपराधमुक्त, भयमुक्त और अन्यायमुक्त वातावरण से प्रदेश का चतुर्दिक विकास हो रहा है। प्रदेश की जनता का सरकार पर भरोसा लौटा है। उत्तर प्रदेश को पुराना गौरव वापस दिलाने के लिए हमारी सरकार कृति संकल्पित है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से शेष दो वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रगति नए आयाम लिखेगा।

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योगी आदित्यनाथhttp://www.yogiadityanath.in/
मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश); गोरक्षपीठाधीश्वर, श्री गोरक्षपीठ; सदस्य, विधान परिषद, उत्तर प्रदेश

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