Sunday, October 17, 2021
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कोरोना संकट पर वित्त मंत्रालय ने दी बड़ी राहत: ITR, GST सहित कई घोषणाएँ, दूसरे बैंक के ATM से पैसे निकालने पर नहीं लगेगा कोई चार्ज

वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि TDS पर ब्याज दर 18% की जगह 9% किया गया। विवाद से विश्वास योजना को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है और इस पर 10 प्रतिशत का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं है। सीतारमण ने अन्य बड़े ऐलान भी किए। इसमें मार्च, अप्रैल, मई का जीएसटी रिटर्न भरने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ाई गई। इसकी फाइलिंग में देरी पर कोई जुर्माना नहींं लगेगा।

भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। भारत में अब तक इसके 503 केस सामने आ चुके हैं जिनमें से 9 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना के खतरे से निपटने के लिए देश के कई राज्यों में लॉकडाउन घोषित किया गया है। कुछ जगहों पर लापरवाही की वजह से कर्फ्यू लगा दिया गया है। 

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (मार्च 24, 2020) को मीडिया को संबोधित किया। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कई राहतों का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स और जीएसटी को लेकर अहम ऐलान किया। निर्मला सीतारमण ने लोगों को राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख (2018-19) को बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया है। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 मार्च थी। इसके बाद जमा करने पर 10% जुर्माना था। अब रिटर्न की देरी पर 12% की जगह 9% चार्ज लगेगा। इसके साथ ही आधार-लिंक पैन की आखिरी तारीख को 30 जून 2020 तक किया गया। यह भी पहले 31 मार्च तक थी।

इसके अलावा वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि TDS पर ब्याज दर 18% की जगह 9% किया गया। विवाद से विश्वास योजना को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है और इस पर 10 प्रतिशत का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं है। सीतारमण ने अन्य बड़े ऐलान भी किए। इसमें मार्च, अप्रैल, मई का जीएसटी रिटर्न भरने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ाई गई। इसकी फाइलिंग में देरी पर कोई जुर्माना नहींं लगेगा। निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि 5 करोड़ सालाना से कम कारोबार वाली कंपनियों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम क्लियरेंस अब एक जरूरी सर्विस है, इसलिए 30 जून, 2020 तक यह 24/7 काम करेगी। नई कंपनीज बनाने वालों को अपने व्यापार के लिए डिक्लरेशन करने के निर्धारित 6 महीने की अवधि को बढ़ाकर एक साल किया गया। बोर्ड की बैठक आयोजित करने की अनिवार्यता को 60 दिनों की अवधि के लिए बढ़ाया जा रहा है, यह छूट अगली दो तिमाहियों के लिए है। 2020 में अभी जिन कंपनियों ने डायरेक्टर्स की एक भी मीटिंग नहीं की है, उनको नियम का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस से जुड़े कार्यों में अब CSR का फंड दिया जा सकता है। यानी यह फंड अब कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जाएगा।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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