Tuesday, April 16, 2024
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UP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लल्लू, प्रियंका गाँधी के निजी सचिव समेत कई पर FIR: पार्टी के पूर्व प्रवक्ता ने कहा- पीटा, सांप्रदायिक गालियाँ दी

शिकायत में दीक्षित ने कहा है कि 29 जून को जब वे हजरतगंज में कॉन्ग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे तो उन पर हमला किया गया।

कॉन्ग्रेस के निष्कासित नेता कोणार्क दीक्षित की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रियंका गाँधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह, अनीस अख्तर, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद तारिक समेत 100-150 अन्य के खिलाफ 30 जून 2021 को एफआईआर दर्ज की। इसकी एक प्रति दीक्षित ने ट्विटर पर शेयर भी की है। अपने ट्वीट में उन्होंने ‘जय कॉन्ग्रेस’ लिखा है।

प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और उनके सहयोगियों के खिलाफ हुसैनगंज थाने में दंगा भड़काने, जान-बूझकर अपमान करने, आपराधिक धमकी देने और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506 और 153ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिकायत में पार्टी के पूर्व प्रवक्ता दीक्षित ने कहा है कि 29 जून को वे लखनऊ के हजरतगंज स्थित कॉन्ग्रेस मुख्यालय नेहरू भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर के करीब 3-4 बजे आरोपितों ने उन पर पथराव किया।  एफआईआर में कोणार्क दीक्षित ने बताया है कि जब वे कॉन्ग्रेस मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे, तो अनीश अख्तर, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद तारिक के नेतृत्व में लगभग 100-150 लोग लाठी, लोहे की छड़ और पत्थरों के साथ उनके पास पहुँचे और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। 

एफआईआर की कॉपी
एफआईआर की कॉपी

भीड़ ने कथित तौर पर दीक्षित और उनके लोगों से कहा कि वे राज्य कॉन्ग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्लू, संदीप सिंह और यूपी के तत्कालीन AICC सचिव- जुबैर खान के अपमान का बदला लेने आए थे। दीक्षित ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि भीड़ ने उन्हें गालियाँ दीं और सार्वजनिक रूप से उनकी पिटाई की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर जातिवादी और सांप्रदायिक गालियाँ देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि आरोपित और उनके साथी उनके (दीक्षित) जीवन के लिए खतरा हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व प्रवक्ता कोणार्क दीक्षित ने लखनऊ पुलिस से कॉन्ग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। उनकी शिकायत के आधार पर अब एक प्राथमिकी दर्ज की गई और लखनऊ पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी।

बता दें कि इस हमले के बाद, इंडिया टुडे से बात करते हुए, कोणार्क ने कहा था, “मुझ पर हमला किया गया, जिसके बाद मैंने शिकायत दर्ज करने के लिए 112 डायल किया। मेरे पास विरोध करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ये दोनों कॉन्ग्रेस पार्टी को खत्म कर रहे हैं, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते।” राज्य के कॉन्ग्रेस मुख्यालय को दीक्षित ने ‘वामपंथी’ कार्यालय करार दिया।

मालूम हो कि कोणार्क दीक्षित को एक अन्य कॉन्ग्रेस नेता गौरव दीक्षित के साथ, कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में, पिछले साल अप्रैल में 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इन दोनों ने उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ सवर्ण विरोधी नीतियों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए एक अभियान शुरू किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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