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येचुरी को ‘सीता-राम’ से इतनी आपत्ति है तो अपना नाम रावण, कंस या औरंगजेब रख लें: स्वामी रामदेव

स्वामी रामदेव ने कम्युनिस्टों, ईसाइयों व मुगलों पर अपने राज्य के विस्तार के लिए न्याय व कानून के नाम पर 50 करोड़ निर्दोष लोगों का कत्ल करने की बात कही। उन्होंने पूछा कि क्या येचुरी इस अत्याचार को हिंसा कहने का साहस कर पाएँगे?

योगगुरु बाबा रामदेव ने कुछ संतों के साथ मिलकर माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह शिकायत येचुरी के द्वारा हिंदुओं को हिंसक बताने और रामायण, महाभारत को लेकर की गई टिप्पणी के लिए की है। स्वामी रामदेव ने शनिवार (मई 4, 2019) को हरिद्वार में की गई एक बैठक के दौरान माकपा महासचिव सीताराम येचुरी को आड़े हाथों लिया।

स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत की संस्कृति और उसकी सभ्यता हजारों हजार साल पुरानी है, लेकिन उस पर जो अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी सीताराम येचुरी ने की है उससे पूरे देश में आक्रोश है। हरिद्वार में बाबा रामदेव के नेतृत्व में संत समाज ने येचुरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि अगर येचुरी को राम और सीता के नाम से इतनी आपत्ति है तो अपने नाम से सीता और राम हटाकर रावण, कंस या औरंगजेब रख लें।

इसके साथ ही स्वामी रामदेव ने कम्युनिस्टों, ईसाइयों व मुगलों पर अपने राज्य के विस्तार के लिए न्याय व कानून के नाम पर 50 करोड़ निर्दोष लोगों का कत्ल करने की बात कही। उन्होंने पूछा कि क्या येचुरी इस अत्याचार को हिंसा कहने का साहस कर पाएँगे?

गौरतलब है कि येचुरी ने शुक्रवार (मई 3, 2019) को कहा था रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी हुई है, लेकिन एक प्रचारक के तौर आप सिर्फ महाकाव्य के तौर पर उसे बताते हैं, उसके बाद भी दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं है। उन्होंने कहा था कि रामायण और महाभारत हिंसा के उदाहरणों से भरे पड़े हैं। ऐसे में ये दावा करना गलत है कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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