Wednesday, April 21, 2021
Home राजनीति जिस आंदोलन में रेप, हत्या, किडनैपिंग हुई, उसमें दर्ज केस वापस: हेमंत सोरेन का...

जिस आंदोलन में रेप, हत्या, किडनैपिंग हुई, उसमें दर्ज केस वापस: हेमंत सोरेन का पहला काम, ऋण माफी पर चुप्पी

"हेमंत सोरेन सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा टाँय-टाँय फिस्स हो गई। किसानों के ऋण माफी की घोषणा करने की बात को नई सरकार ने भुला दिया।"

हेमंत शोरेन दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। रविवार (29 दिसंबर 2019) को शपथ ग्रहण के तीन घंटे के अंदर ही हेमंत सोरेन ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में एक बड़ा फैसला लिया। फैसला था – पत्थलगड़ी आंदोलन में शामिल लोगों पर दर्ज एफआइआर वापसी। साथ ही रघुबर दास की सरकार द्वारा किए गए सीएनटी-एसपीटी (छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट, संथाल परगना टेनेंसी एक्ट) संशोधन का विरोध करने वालों भी दर्ज एफआइआर वापस लिया जाएगा। कैबिनेट मीटिंग में इन दोनों मामलों में दर्ज FIR वापस लेते हुए आवश्यक कार्यवाही का निर्देश संबंधित आला अधिकारियों को दिया गया।

अपने चुनावी एजेंडे को लेकर आगे बढ़ने में हेमंत सोरेन ने कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी दिखाई। मसलन वो दोपहर 2:19 पर शपथ लेते हैं और 5: 45 शाम में कैबिनेट की पहली मीटिंग में ही FIR वापसी का फैसला। दरअसल झारखंड में आदिवासी हितों के नाम पर राजनीति करने वाले शिबू सोरेन ने चुनाव से पूर्व ही स्पष्ट कह दिया था कि उनकी सरकार बनते ही पत्थलगड़ी हिंसा के आरोपितों पर से सभी केस हटा लिए जाएँगे। शिबू सोरेन की राजनीति का फल खा रहे हेमंत भला अपने पिताजी की बातों से पीछे कैसे हटते! भले ही इस पत्थलगड़ी आंदोलन में जम कर हिंसा हुई हो या इसके नाम पर गैंगरेप तक किया गया हो। भले ही इस दौरान खूँटी के सांसद करिया मुंडा के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का पत्थलगड़ी समर्थकों ने अपहरण तक कर लिया हो। भले ही किसी पत्रकार की जान तक चली गई है!

पत्थलगड़ी आंदोलन

झारखंड को अगर जानते हैं तो पत्थलगड़ी का नाम ज़रूर सुना होगा आपने। इसका मोटा-मोटी मतलब हुआ – स्वतंत्र सरकार। मतलब पहले से स्थापित सरकार से परे, एकदम आजाद। मतलब हमारी सीमाओं में सिर्फ हमारा कानून चलेगा, राज्य या केंद्र सरकार जैसी किसी व्यवस्था या संस्था का कोई मतलब नहीं। और इन सीमाओं को पत्थल (पत्थर) गाड़ कर, उस पर अपने कानून की बातें लिखकर घोषित किया जाता था।

ऐसे किसी आंदोलन को राज्य-विद्रोहियों या देशद्रोहियों का समर्थन न मिले, यह संभव नहीं। और हुआ भी वैसा ही। आदिवासियों के इस मूवमेंट को कुछ मिशनरियों व कट्टरवादियों का समर्थन मिला। इसे रघुवर दास की सरकार और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लड़ाई का प्रतीक बना दिया गया था। खूँटी, गुमला से लेकर एक समय तक यह आंदोलन लोहरदगा, राँची और सिमडेगा तक फैल गया था।

कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए तब रघुबर दास की सरकार ने नुक्कड़ नाटकों, ग्राम सभाओं आदि से भी जन-कल्याणकारी योजनाओं, आम लोगों के हितों में उठाए गए सरकारी कदम से जन-जन तक बात पहुँचाने की कोशिश की थी। लेकिन बाहर से मिल रहे समर्थन के कारण भ्रम की स्थिति बनी रही और आंदोलन हिंसक होता गया। यहाँ तक कि सरकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए कोचांग नामक गाँव में नुक्कड़ नाटक करने आई 5 लड़कियों का अपहरण कर उनका बलात्कार किया गया था।

अंततः प्रशासन को पुलिस एक्शन का सहारा लेना पड़ा। और इस हिंसक व भ्रमित आंदोलन को खत्म किया गया। लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार और सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। क्योंकि विपक्षी पार्टियों (हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रमुख रूप से) ने पुलिस एक्शन को आदिवासियों पर हिंसक कार्रवाई के तौर पर पेश किया। नक्सल-मिशनरी समर्थित इस मूवमेंट वाले इलाक़ों में मुख्यमंत्री रघुबर दास के ख़िलाफ़ ख़ूब दुष्प्रचार अभियान चलाया गया। लोगों के बीच अफवाह फैलाई गई कि भाजपा आदिवासी विरोधी है।

झारखंड: जनता और विकास

नतीजा सबके सामने है। पत्थलगड़ी आंदोलन में शामिल लोगों पर हुई FIR वापस। आप आरोप भी नहीं लगा सकते क्योंकि इसी चुनावी वादे के साथ लोकतांत्रिक तरीके से चुन कर सत्ता हासिल की है हेमंत सोरेन ने। लेकिन क्या सिर्फ यही एक वादा किया गया था झारखंड की जनता से? नहीं। तभी तो किसानों की ऋण माफी घोषणा भी इन्हीं चुनावी वादों में से एक थी। और यह महत्वपूर्ण इसलिए थी क्योंकि जिन-जिन राज्यों में BJP से सत्ता छीन कर गैर-भाजपा पार्टियों ने कुर्सी पाई है, हर उस राज्य में “किसानों की ऋण माफी” को ही प्रमुख रूप से चुनावी घोषणा में उछाला गया था।

विडंबना देखिए कि मध्य प्रदेश, राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक में इसके लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हर बार इन राज्यों के मुख्यमंत्री गोल-मोल जवाब देकर निकल लेते हैं। हेमंत सोरेन ने इतना करना भी उचित नहीं समझा। या फिर प्राथमिकता में ही नहीं रही होगी। क्योंकि उनकी प्राथमिकता थी – पत्थलगड़ी, अपने बाबूजी की राजनीति! तभी तो भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने तंज मारा, “हेमंत सोरेन सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा टाँय-टाँय फिस्स हो गई। किसानों के ऋण माफी की घोषणा करने की बात को नई सरकार ने भुला दिया।”

फीका ही रहा मोरहाबादी का मेला, उद्धव की तरह हेमंत सोरेन भी नहीं जमा सके कर्नाटक जैसा रंग

शिव मंदिर में फेंके प्रतिबंधित मांस के टुकड़े, बीफ के कारण पहले भी इस इलाके में हुआ था बवाल

…तो झारखंड के CM होंगे हेमंत सोरेन, लेकिन इनकी संपत्ति 5 साल में दोगुनी से अधिक, 10 साल में 11 गुनी!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,304FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe