Homeराजनीतिहेमंत बिस्वा सरमा: असम के मुख्यमंत्री, सर्वानंद सोनोवाल ने दिया इस्तीफा

हेमंत बिस्वा सरमा: असम के मुख्यमंत्री, सर्वानंद सोनोवाल ने दिया इस्तीफा

असम में भाजपा के विधायक दल की बैठक में हेमंत बिस्वा सरमा के नाम को मुख्यमंत्री के तौर पर प्रस्तावित कर दिया गया। मौजूदा मुख्यमंत्री के पद से सर्वानंद सोनोवाल ने इस्तीफा दे दिया है।

असम चुनाव के बाद प्रदेश में नए सीएम की तलाश अब खत्म हो गई है। हेमंत बिस्वा सरमा प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। माना जा रहा है कि सर्बानंद सोनोवाल को दिल्ली लाया जा सकता है।

असम में भाजपा के विधायक दल की बैठक रविवार (9 मई 2021) को हुई, जिसमें हेमंत बिस्वा सरमा के नाम को मुख्यमंत्री के तौर पर प्रस्तावित कर दिया गया है।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव व असम में पार्टी के ऑब्जर्वर अरुण सिंह रविवार को गुवाहाटी पहुँचे। इस मीटिंग में पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी शामिल रहे।

इससे पहले शनिवार को हिमंत बिस्वा सरमा और सर्बानंद सोनोवाल दिल्ली पहुँचे थे। यहाँ गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी महासचिव बीएल संतोष के साथ मुलाकात की थी। बैठकों के बाद शनिवार देर रात दोनों गुवाहाटी वापस लौटे थे।

2 मई, 2021 को घोषित राज्य विधानसभा चुनाव परिणामों में, बीजेपी ने असम में 126 में से 60 सीटें जीती थीं, जबकि उसके गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने क्रमशः 9 और 6 सीटें जीती थीं।

गौरतलब है कि हेमंत बिस्वा सरमा पहले कॉन्ग्रेस के नेता थे, लेकिन 2014 के आम चुनाव के बाद 2015 में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक वह सोमवार, 10 मई को राज्य के अगले मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने दिया इस्तीफा

असम के मौजूदा मुख्यमंत्री के पद से सर्वानंद सोनोवाल ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने रविवार को राजभवन में अपना इस्तीफा राज्यपाल जगदीश मुखी को सौंप दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -