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‘भाषाओं के परिवार में डायपर वाले बच्चे की तरह है हिंदी, इसे जबरदस्ती हमारे गले मत उतारो’

कमल हासन ने एक वीडियो जारी कर कहा था, “भाषा को लेकर एक और आंदोलन होगा, जो तमिलनाडु में जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन की तुलना में बहुत बड़ा होगा। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन तमिल हमेशा हमारी मातृभाषा रहेगी....."

तमिलनाडु में चल रहे हिंदी पर विवाद के बीच मक्कल नीधि मय्यम (MNM) के चीफ और अभिनेता कमल हासन ने एक कार्यक्रम में हिंदी भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। कमल हासन ने हिंदी की तुलना ‘डायपर में छोटे बच्चे’ से की है। कमल हासन ने अपने भाषण में कहा कि तमिल और संस्कृत जैसी पुरानी भाषाओं की तुलना में हिंदी भाषा एक डायपर पहने छोटे बच्चे जैसी है। कमल हासन ने यह बात चेन्नई के लोयला कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान की। इस कार्यक्रम में कमल हासन से भाषाओं पर चल रही राजनीति पर सवाल किया गया था।

इस दौरान कमल हासन ने कहा, “भाषाओं के इस परिवार में सबसे छोटी भाषा हिंदी है। यह डायपर में एक छोटा बच्चा है। हमें इसका ध्यान रखना होगा। हिंदी- तमिल, संस्कृत और तेलुगु की तुलना में, यह अभी भी सबसे छोटी भाषा है। मैं हिंदी का अपमान नहीं करता, लेकिन इसे जबरदस्ती हमारे गले मत उतारो।” 

बता दें कि इससे पहले भी कमल हासन ने हिंदी के खिलाफ अपनी आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था, “भाषा को लेकर एक और आंदोलन होगा, जो तमिलनाडु में जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन की तुलना में बहुत बड़ा होगा। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन तमिल हमेशा हमारी मातृभाषा रहेगी। 1950 में देशवासियों से वादा किया गया था कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी। कोई शाह, सम्राट या सुल्तान इस वादे को अचानक से खत्म नहीं कर सकता।”

गौरतलब है कि तमिलनाडु में यह पूरा मामला हिंदी दिवस के मौके पर अमित शाह के ट्वीट के बाद शुरू हुआ था। जहाँ अमित शाह ने एक देश एक भाषा की बात कही थी। जिसको लेकर तमिलनाडु में खासा विरोध देखा गया था। तमिलनाडु की भाषा पर राजनीति हमेशा से ही चलती रही है, जहाँ तमिल कार्ड खेलकर राजनेता अपनी अपनी राजनीति करते रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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