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हैदराबाद निगम चुनाव में हिंदू वोट कट रहे, वोटर कार्ड हैं, लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब: मीडिया रिपोर्ट

वीडियो में स्वाति नाम की एक हिंदू महिला दावा कर रही है कि वोटिंग लिस्ट में उनका नाम नहीं है, जबकि उनके पास वोटर कार्ड है और वो पिछले 20 सालों से वोट डालती आ रही है। इस बार जब वो वोट डालने गई तो लिस्ट से उनका नाम ही गायब था। ऐसा कई हिंदुओं के साथ हुआ।

हैदराबाद में मंगलवार (दिसंबर 1, 2020) को GHMC (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) चुनाव संपन्न हुआ। रिजल्ट 4 दिसंबर को घोषित होने वाला है। मगर इस बीच एक बेहद ही चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। दरअसल, बताया जा रहा है कि यहाँ पर हिंदू वोटरों का नाम ही लिस्ट से ‘गायब’ कर दिया गया। हालाँकि, इनके पास वोटर कार्ड हैं, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं।

‘जन की बात’ ने अपनी रिपोर्टिंग के जरिए इस बात का दावा किया। ‘जन की बात’ के मुताबिक यह घटना हैदराबाद के सबसे बड़े बूथ जाम बाग 77 डिवीजन का है। वीडियो में स्वाति नाम की एक हिंदू महिला दावा कर रही है कि वोटिंग लिस्ट में उनका नाम नहीं है, जबकि उनके पास वोटर कार्ड है और वो पिछले 20 सालों से वोट डालती आ रही है। इस बार जब वो वोट डालने गई तो लिस्ट से उनका नाम ही गायब था। ऐसा कई हिंदुओं के साथ हुआ। महिला ने बताया कि उनके पति का भी नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।

वीडियो में एक और शख्स ने दावा किया कि हिंदू वोट कट रहे हैं। पिछले साल 60,000 हिंदू वोट कटे थे। रिपोर्टर प्रदीप भंडारी ने एक लिस्ट दिखाते हुए दावा किया कि इन पर जितने भी नाम हैं, सभी हिंदू हैं। इनमें से किसी का भी नाम वोटर लिस्ट में नहीं था। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये चुनाव साजिश या रणनीति है या फिर सिर्फ एक गलती? क्या केसीआर की प्रशासन इस आरोप का जवाब देगी?

जीएचएमसी चुनाव में 1122 प्रत्याशी मैदान में हैं। यह चुनाव सभी दलों के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है लेकिन बीजेपी ने पहली बार नगर निकाय चुनाव में सक्रियता दिखाते हुए जोरदार प्रचार किया। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, स्मृति इरानी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहाँ चुनाव प्रचार किया।

एक समय तेलंगाना की राजनीति में शक्तिशाली रही तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) भी एक बार फिर खोई जमीन वापस लेने की कोशिश के तहत मैदान में उतरी है। पार्टी नेताओं ने अविभाजित आंध्रप्रदेश में एन चंद्रबाबू नायडू के मुख्यमंत्री रहते शहर के विकास के लिए किए गए कार्यों का हवाला दिया।

हैदराबाद नगर निगम चुनाव में कॉन्ग्रेस की ओर से तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी और कार्यकारी अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया। पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस को सिर्फ 2 वार्ड में जीत मिली थी।

निकाय चुनाव के लिए प्रचार करते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक नई बहस छेड़ी थी। योगी बोले, “कुछ लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि अगर हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर किया जा सकता है? मैंने कहा कि क्यों नहीं। मैं उनसे कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने के बाद जब हमने फैजाबाद का नाम अयोध्या और इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया तो फिर हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर क्यों नहीं हो सकता है?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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