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सेंट्रल विस्टा पर विलाप, राजस्थान में ₹125 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास: कॉन्ग्रेस की हिप्पोक्रेसी का ताजा नमूना

मोदी सरकार पर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर लगातार हमला करने वाले राहुल गाँधी महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार द्वारा महामारी के समय करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के मामले पर चुप हो जाते हैं।

जब से मोदी सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है तब से ही राहुल गाँधी, उनकी कॉन्ग्रेस पार्टी और पार्टी के कई नेता इस प्रोजेक्ट को रोकने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी और शशि थरूर जैसे उसके नेताओं ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को ‘क्रिमिनल वेस्टेज’ कहते हुए इस पूरी परियोजना को ही रद्द करने की माँग की।

जहाँ एक ओर कॉन्ग्रेस सेंट्रल विस्टा को ‘जनता के पैसों की बर्बादी’ बता रही है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान में कॉन्ग्रेस की ही सरकार ने में 125 करोड़ रुपए की पुनर्निर्माण परियोजनाओं को मँजूरी दी है। राजस्थान सरकार द्वारा जारी किए गए एक विज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 03 जून 2021 को जोधपुर में तीन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

राजस्थान कॉन्ग्रेस के द्वारा दिया गया विज्ञापन

राजस्थान सरकार द्वारा मँजूर की गई तीन परियोजनाएँ हैं: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, इंटरनेशनल स्टैन्डर्ड ऑडिटोरियम और बरकतुल्लाह खान स्टेडियम का पुननिर्माण। इनके लिए क्रमशः 45 करोड़ रुपए, 60 करोड़ रुपए और 20 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा इसके विज्ञापन पर भी कई करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।   

जैसे ही राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का यह विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, यूजर्स ने कॉन्ग्रेस की हिप्पोक्रेसी पर जमकर निशाना साधा। सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कॉन्ग्रेस सेंट्रल विस्टा को जनता के पैसों की बर्बादी कहती है, लेकिन राजस्थान में खुद पुनर्विकास परियोजनाओं में करोड़ों खर्च कर रही है। केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई यूजर्स ने राजस्थान में वैक्सीन की बर्बादी पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि वैक्सीन की बर्बादी पर चुप रहने वाले महामारी के दौर में भी पुनर्विकास परियोजनाओं पर करोड़ों खर्च करने के लिए तैयार हैं।

राजस्थान के अलावा कॉन्ग्रेस के गठबंधन वाली महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार ने भी नरीमन पॉइंट में विधायकों के आवास (हॉस्टल) के लिए 900 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला था। महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय की आलोचना की गई क्योंकि यह टेंडर ऐसे समय में निकाला गया जब राज्य Covid-19 महामारी के भीषण दौर में था और कई आर्थिक समस्याएँ सामने खड़ी थीं।  

हालाँकि मोदी सरकार पर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर लगातार हमला करने वाले राहुल गाँधी महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार द्वारा महामारी के समय करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के मामले पर चुप हो जाते हैं। जबकि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को मँजूरी चायनीज कोरोना वायरस संक्रमण के शुरू होने से पहले ही दे दी गई थी।  

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ओम द्विवेदी
ओम द्विवेदी
Writer. Part time poet and photographer.

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