Wednesday, May 22, 2024
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‘…तो छाती में छुरा मार देता… मैं भिखमंगा हूँ… देश ने मुझे जूते मारे हैं’ – राहुल गाँधी

राहुल गाँधी ने कहा, "मैं सत्ता के बीच में पैदा हुआ। बिल्कुल बीच में हूँ। बड़ी अजीब से बीमारी है... मुझे उसमें इंटरेस्ट ही नहीं है। क्यों... मैं रात को सोता हूँ, अपने देश को समझने की कोशिश करता हूँ। जैसे एक प्रेमी होता है और जिससे वह प्रेम करता है उसे समझने की कोशिश करता है।"

कॉन्ग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) का विवादों के साथ चोली-दामन का संबंध है। वे जब भी कुछ कहते हैं तो उस पर विवाद हो जाता है। शनिवार को दिल्ली के जवाहर भवन में दलितों पर लिखी पुस्तक ‘द दलित ट्रुथ’ के विमोचन के दौरान ऐसा कुछ उन्होंने कहा, जिससे विवाद हो गया है। लोग उन पर दलितों को उकसा कर समाज में हिंसा फैलाने का आरोप लगा रहे हैं।

दलितों का दर्द बाँटने के लिए पहुँचे राहुल गाँधी ने विमोचन के दौरान उत्तर प्रदेश के उना की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी घटना उनके साथ हुई होती, उनके भाई को मारा गया होता तो वे आत्महत्या करने की जगह आरोपितों का पता लगाते और उन्हें चाकू मार देते। पीड़ित युवकों से मिलने के दौरान हुई बातचीत का जिक्र करते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि जब आत्महत्या करना ही है तो मार कर मरना चाहिए।

राहुल गाँधी के ट्विटर हैंडल द्वारा शेयर किए गए उन्हें वीडियो में 15वें मिनट से लेकर 26वें मिनट तक में इस पूरे प्रसंग को सुना जा सकता है। इस दौरान राहुल गाँधी ने अपने पिता राजीव गाँधी की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता के हत्यारों को माफ कर चुके हैं, लेकिन उना कांड के पीड़ितों में अगर वे शामिल रहते तो आरोपितों को चाकू जरूर मारते।

राहुल गाँधी ने कहा, जब मैं एक पीड़ित से अस्पताल में मिला तो वह बोला कि जब मैंने व्हाट्सएप देखा तो उसमें मेरे भाई को कुत्ते जैसे मारा जा रहा था और मैं उसे सह नहीं पाया और घर घर जाकर कीटनाशक पी लिया। दूसरे से पूछा उसने कहा कि इस हिंसा को सह नहीं पाया और घर के पीछे जाकर कीटनाशक पी लिया।”

कानून के पास जाने के बजाए आरोपितों को चाकू मारने के अपने सुझाव को ‘आइडिया’ बताते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “मैंने सोचा कि ये घर के पीछे जाकर क्यूँ कीटनाशक पी रहे थे? जैसे ये मैं सोच रहा था, मेरे दिमाग में एक दूसरा आइडिया आया। कहने से झिझक रहा हूँ। मेरे दिमाग में आई कि अगर मैं इसकी जगह होता और मैं मरने के लिए तैयार होता तो मरने से पहले जिसने मेरे भाई को मारा था उसको मार देता।”

अपनी आइडिया को विस्तार से बताते हुए राहुल गाँधी आगे कहते हैं, “मैंने उससे (अस्पताल में भर्ती उना कांड का पीड़ित से) कहा कि जिसने आपके भाई को मारा उसके नाम का पता लगा सकते हो। उसने कहा हाँ। तो मैंने कहा कि आपके रसोई में छुरी है। उसने कहा कि हाँ है। उसने पूछा कि ऐसा क्यों पूछ रहे हो। मैंने कहा कि अगर मैं आपकी जगह होता और मैं अपने आपको लाश बनाने के लिए तैयार होता, आत्महत्या करने के तैयार होता तो उससे पहले ये पता लगाता कि ये कौन है जिसने मेरे भाई को मारा। रसोई से चाकू निकालता, बस में जाता, उसके घर जाता और छाती में छुरा मार देता।”

उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग में आया कि अगर मेरी बहन को किसी ने बांधकर कुत्ते जैसे मारा होता तो मैं आत्महत्या करने से पहले उसको एक चाकू तो मार देता। मेेरे पिता के खिलाफ हिंसा किया गया, उन्हें मारा गया। लेकिन मेरे दिल में पिता के हत्यारों के खिलाफ कोई नफरत नहीं है। मगर जब मैं अस्पताल में था तो मैंने सोचा कि अगर मेरे साथ ऐसा होता तो मैं मार देता।”

मैं प्रेमी की तरह देश को समझने की कोशिश कर रहा हूँ

राहुल गाँधी ने कहा कि वह एक प्रेमी की तरह है और उसी भाव से देश को समझने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सत्ता के बीचों-बीच पैदा हुए हैं, लेकिन वो सत्ता के बजाए देश के बारे में हमेशा सोचते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वो रात में सोते समय देश को समझने की कोशिश करे हैं।

राहुल गाँधी ने कहा, “मैं सत्ता के बीच में पैदा हुआ। बिल्कुल बीच में हूँ। बड़ी अजीब से बीमारी है… मुझे उसमें इंटरेस्ट ही नहीं है। क्यों… मैं रात को सोता हूँ, अपने देश को समझने की कोशिश करता हूँ। जैसे एक प्रेमी होता है और जिससे वह प्रेम करता है उसे समझने की कोशिश करता है, वैसे ही मैं सुबह उठकर समझने की कोशिश करता हूँ।”

मैं भिखमंगा हूँ… देश ने मुझे जूते मारे: राहुल गाँधी

इस दौरान राहुल ने कहा, “मैं भिखमंगा हूँ। सुनो क्यों…. क्योंकि मेरे देश ने बिना कोई कारण पूरा का पूरा प्यार मुझे दे दिया। तो मेरे ऊपर एक कर्ज है।” उन्होंने आगे कहा, “देश ने मुझे सिर्फ प्यार ही नहीं दिया, देश ने मुझे जूते भी मारे हैं। आप समझ नहीं सकते कि कितनी जोरों से, कितनी हिंसा से इस देश ने मुझे मारा है, पीटा है। जब मैंने इस पर सोचा तो जवाब मिला कि देश मुझे सिखाना चाह रहा है।”

पुनर्जन्म और भाजपा नेता

इस दौरान राहुल गाँधी ने भगवान राम और पुनर्जन्म की बात की। उन्होंने कहा कि संसद में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से उनकी मुलाकात हुई। खाना-पान और व्यायाम वगैरह की बात हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने भाजपा के उस नेता औस राम और पुनर्जन्म की बात भी की।

राहुल गाँधी ने कहा, “मैंने उनसे पूछा कि क्या आप पुनर्जन्म में विलीव करते हो। कहता है मैं तो नहीं करता। फिर मैंने कहा कि जब पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करते हो तो राम में विश्वास कैसे कर सकते हो। वह चौंक गया। कहता बात तो सही है, बाहर किसी को मत बता देना।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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