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बाबरी मस्जिद विध्वंस: कल्याण सिंह पर आरोप तय, ₹2 लाख के निजी मुचलके पर मिली जमानत

कोर्ट ने कल्याण सिंह पर आरोप तय कर दिए हैं। उन पर आईपीसी की धारा 153a, 153b और 295 समेत कई धाराओं में आरोप दर्ज किए गए हैं।

राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट से जमानत मिल गई है। कल्याण सिंह को 2 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली। कल्याण सिंह शुक्रवार (सितंबर 27, 2019) को करीब 12:00 बजे कोर्ट में पेश हुए थे। कल्याण सिंह की तरफ से वकीलों ने कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन दाखिल की थी। साथ ही कल्याण सिंह की तरफ से मामले में जमानत अर्जी भी दाखिल की गई थी। वकीलों ने उनकी खराब सेहत का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दाखिल की थी।

साथ ही कोर्ट ने कल्याण सिंह पर आरोप तय कर दिए हैं। उन पर आईपीसी की धारा 153a, 153b और 295 समेत कई धाराओं में आरोप दर्ज किए गए हैं। पेशी के लिए जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कल्याण सिंह ने कहा था, “सीबीआई कोर्ट ने मुझे आज तलब किया था इसलिए मैं जा रहा हूँ। मैंने हमेशा न्यायालय का सम्मान किया है और करता रहूँगा।”

गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराया गया था। तब कल्याण सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने बाबरी मस्जिद को नुकसान न होने देने का वादा किया था, लेकिन इसके बाद भी मस्जिद को गिरा दिया गया था। घटना के बाद सिंह ने मामले की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

कल्याण सिंह को 3 सितंबर 2014 को राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था। 5 साल तक संवैधानिक पद पर होने के कारण सिंह को अदालत की ओर से तलब नहीं किया गया। अनुच्छेद 361 के तहत पेशी से छूट मिली हुई थी। संवैधानिक पद पर होने के कारण न्यायालय ने उन पर बाद में आरोप तय करने को कहा था। अब कल्याण सिंह के राज्यपाल के पद से हटने के बाद सीबीआई कोर्ट ने उन्हें तलब किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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