Saturday, April 4, 2020
होम देश-समाज केरल में डॉक्टर ने किया CAA का समर्थन, अस्पताल ने नौकरी से निकाला: थरूर...

केरल में डॉक्टर ने किया CAA का समर्थन, अस्पताल ने नौकरी से निकाला: थरूर ने कहा- मैं क्या करूँ, कोर्ट जाओ

"मुझे रातों-रात एक ऐसा आदमी घोषित कर दिया गया, जो मुस्लिमों के खून का प्यासा है। जबकि मैंने किसी धर्म का जिक्र ना कर के सिर्फ घुसपैठियों को निकालने की बात कही थी। मुझे 24 घंटों के अंदर नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया।"

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन करना किसी को कितना महँगा पड़ सकता है, इसका उदाहरण कल एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए सामने आया है। सोशल मीडिया पर CAA (The Citizenship Amendment Act, 2019) का समर्थन करने वाले लगातार उन्हें होने वाली असुविधाओं के बारे में बात कर रहे हैं। जैसे कि यदि आप केरल में रहकर CAA का विरोध नहीं करते हैं तो आपको डॉक्टर या अस्पताल इलाज नहीं देगा। ख़ास बात यह है कि ऐसे मामले सामने आने पर कोई भी नेता ऐसे में आपकी मदद के लिए आगे आने को तैयार नहीं दिखाई दे रहा है।

हाल ही में केरल के ही एक डॉक्टर को सिर्फ इस वजह से नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि वह CAA के समर्थन में सरकार और कानून के साथ खड़ा था। ज्ञात हो कि इससे पहले भी केरल में ही एक डॉक्टर इस्लामिक जिहादियों की नजरों में सिर्फ CAA का समर्थन करने की वजह से आ चुके हैं। यह इसी तरह का दूसरा प्रकरण सामने आया है।

ट्विटर पर @vedvyazz नाम से ट्विटर अकाउंट चलाने वाले एक डॉक्टर ने अपनी कहानी लिखी है कि किस तरह से उनकी पूरी पहचान और उनके कार्यस्थल से लेकर उसके घर तक की गोपनीय जानकारी को कुछ CAA विरोधियों द्वारा सार्वजनिक कर दिया गया और आखिर में उन्हें नौकरी से निकाले जाने के बाद डर के कारण अपने ही पैतृक शहर से भागने को मजबूर कर दिया गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

VedVyazz ने कई ट्वीट्स एक साथ कर के अपनी पूरी कहानी को लिखा है। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अप्रैल में मैं पलक्कड़ केरल में एक नए अस्पताल में नौकरी के लिए आया था। मेरे पुरखों ने पलक्कड़ में ही जीवन बिताया है। और मेरे पिता इस बात से खुश थे कि जिस जगह को छोड़कर हमारे पूर्वज आए थे, मैं वहाँ वापस जा रहा हूँ।”

VedVyazz के सभी ट्वीट्स को आप यहाँ पढ़ सकते हैं, जिनका कि इस रिपोर्ट में हिंदी में अनुवाद किया गया है –

“स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं के लिए पलक्कड़ (केरल) में लोगों के पास पहले बस दो ही विकल्प हुआ करते थे, या तो वो कोयम्बटूर जाएँ या फिर त्रिसूर जाएँ। इस नए अस्पताल को इसीलिए खोला गया था ताकि स्थानीय लोगों को यह सुविधा मिल सके।”

“….इस अस्पताल में मेरी नौकरी ICU में लगी थी। व्यक्तिगत तौर पर मैं वैचारिक रूप से बहुत ज्यादा मुखर हूँ। इसलिए जब CAA विरोधी माहौल शुरू हुआ तो मैं भी ट्विटर पर CAA के समर्थन में अपनी बात लिखता रहा। जैसा कि आतंकवाद से पीड़ित देश में और जहाँ सीमाओं से अवैध घुसपैठिए घुस जाते हों, मैंने भी ऐसे घुसपैठियों को निकाल दिए जाने की इस पहल का समर्थन किया।”

“इस दौरान @yehlog नाम के एक ट्विटर हैंडल ने मेरी सारी जानकारी, मेरा वास्तविक नाम, मैं कहाँ काम करता हूँ आदि सार्वजानिक कर दीं और मुझे रातों-रात एक ऐसा आदमी घोषित कर दिया गया जो कि मुस्लिमों के खून का प्यासा हो।”

“यह हैरान करने वाला था क्योंकि मैं पहले भी अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए भी लिख चुका हूँ। मेरे प्रबंधन को ऐसे ई-मेल भेजे गए कि आपके संस्थान में एक नरसंहार करने वाला कट्टर डॉक्टर काम करता है, जो कि मुस्लिमों के स्वास्थ्य से समझौता कर सकता है।”

“अब अस्पताल के प्रबंधन को लगता है कि मैंने अपने ट्वीट के जरिए (जहाँ कि मैंने किसी धर्म का जिक्र ना कर के सिर्फ घुसपैठियों को निकालने की बात कही है) उनकी छवि को नुकसान पहुँचाया है। और मुझे चौबीस घंटों के अंदर नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया।”

“आप अपने घर को सिर्फ तीन सूटकेस में फिट नहीं कर सकते। इसलिए सिर्फ तीन घंटों के अंदर मुझे अपने पूर्वजों का शहर इस तरह से छोड़कर भागना पड़ा जैसे कोई चोर उस अपराध के लिए भागता है, जो कि उसने किया ही ना हो।”

VedVyazz ने लिखा है कि उन्हें ICU में कुछ गंभीर रूप से बीमार लोगों के उपचार को छोड़कर फ़ौरन जाना पड़ा और अपनी जानकारी सर्वजनिक हो जाने के बाद उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट को भी डिएक्टिवेट कर दिया। उन्होंने लिखा है कि ऐसा उन्होंने कायरतापूर्वक नहीं बल्कि अपनी गोपनीयता सार्वजनिक कर दिए जाने के डर से किया।

“मुझे नौकरी से निकाल दिए जाने की खबर उन लोगों तक पहुँच गई है, जो कि ऐसा चाहते थे और वो इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर जश्न मना रहे हैं। हालाँकि जिसने वास्तव में कुछ खोया है, वो ऐसा संस्थान और ऐसी जगह है, जो पहले से ही कम स्टाफ की समस्या से गुजर रहा है और फिर उसे एक कर्मठ डॉक्टर को नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया।”

इसके आगे VedVyazz ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि सबसे हास्यास्पद बात तो यह है कि एक आदमी को अपने पूर्वजों की जगह को चौबीस घंटों के भीतर सिर्फ इस वजह से छोड़ना पड़ रहा है क्योंकि वह भारत में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बनाए गए कानून पर सरकार का समर्थन कर रहा था।

इस पूरी घटना पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए VedVyazz ने लिखा है कि वह एक चेतावनी देना चाहते हैं कि वह नरसंहार के दोषी हैं या नहीं लेकिन वह एक नौसिखिया होने के दोषी जरूर हैं। उन्होंने लिखा है- “नौसिखिया, इसलिए क्योंकि मैं यह यकीन करता था कि अपने विचारों को लेकर मुखर होने में कोई हानि नहीं है।”

VedVyazz ने लिखा है कि यहाँ ऐसे संगठन हैं, जो ऐसे डॉक्टर्स को तलाश रहे हैं जो सरकार के समर्थन में हैं और राजनीतिक मुद्दों पर लिखते हैं। मैं पहला शिकार नहीं हूँ और मैं अंतिम नहीं हो सकता हूँ! कुछ लोग कड़ी मेहनत करने वाले ऐसे पेशेवरों की जानकारी उजागर करने के लिए व्याकुल हैं, जो अपने जीवन को संकट में डालते हैं। समय के साथ हमने उनकी वास्तविक पहचान और इरादे को उजागर करना शुरू कर दिया! कुछ कहानियों को बताना पड़ता है, कुछ चुप्पियों को तोड़ना पड़ता है। हमारी लड़ाई अभी शुरू हुई है! जय हिन्द!”

इसके बाद जब कुछ लोगों ने ट्विटर पर VedVyazz के समर्थन में केरल के तिरुअनंतपुरम से कॉन्ग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर से मदद माँगनी चाही, तो शशि थरूर ने यह कहकर किनारा कर लिया कि यह उस संस्थान का व्यक्तिगत निर्णय है।

ट्वीट के जवाब में शशि थरूर ने लिखा- “मुझे एक निजी अस्पताल द्वारा एक कर्मचारी के सम्बन्ध में लिए गए निर्णय पर हस्तक्षेप करने का कोई आधार नजर नहीं आ रहा है। उसे अनैतिक रूप से निकाले जाने के खिलाफ कोर्ट जाना चाहिए।”

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: विश्व में कुल संक्रमितों की संख्या 1063933, मृतकों की संख्या 56619, जबकि भारत में 2547 संक्रमित, 62 की हुई मौत

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाईट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कोरोना मामलों की संख्या में 478 की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही देश में कुल कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़कर 2,547 हो गए हैं, जिनमें 2,322 सक्रिय मामले हैं। वहीं, अब तक 62 लोगों की इस वायरस के संक्रमण के कारण मौत हो गई है, जबकि 162 लोग ठीक भी हो चुके हैं।

मुंबई हवाईअड्डे पर तैनात CISF के 11 जवान निकले कोरोना पॉजिटिव, 142 क्वारन्टाइन में

बीते कुछ दिनों में अब तक CISF के 142 जवानों को क्वारन्टाइन किया जा चुका है, इनमें से 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है

कोरोना मरीज बनकर फीमेल डॉक्टर्स को भेज रहे हैं अश्लील सन्देश, चैट में सेक्स की डिमांड: नौकरी छोड़ने को मजबूर है स्टाफ

क्या आप सोच सकते हैं कि ऐसे समय में, जब देश-दुनिया के तमाम लोग कोरोना की महामारी से आतंकित हैं। कोई व्यवस्था को बनाए रखने में अपना दिन-रात झोंक देने वाले डॉक्टर्स से बदसलूकी कर सकता है? खुद को कोरोना का मरीज बताकर महिला डॉक्टर्स को अश्लील संदेश भेज सकता है? उन्हें अपनी सेक्सुअल डिज़ायर्स बता सकता है?

तीन दिन से भूखी लड़कियों ने PMO में किया फोन, घंटे भर में भोजन लेकर दौड़े अधिकारी, पड़ोसियों ने भी नहीं दिया साथ

तीन दिन से भूखी इन बच्चियों ने काेविड-19 के लिए जारी केंद्र सरकार की हेल्प डेस्क 1800118797 पर फोन कर अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी। और जैसे चमत्कार ही हो गया। एक घंटे भीतर ही इन बच्चियों के पास अधिकारी भोजन लिए दौड़े-दौड़े आए।

गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यों को कोरोना से लड़ने के लिए आवंटित किए 11092 करोड़ रुपए, खरीद सकेंगे जरूरी सामान

मोदी सरकार ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाते हुए आज राज्यों को 11,092 करोड़ देने की घोषणा की

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

प्रचलित ख़बरें

‘नर्स के सामने नंगे हो जाते हैं जमाती: आइसोलेशन वार्ड में गंदे गाने सुनते हैं, मॉंगते हैं बीड़ी-सिगरेट’

आइसोलेशन में रखे गए जमाती बिना कपड़ों, पैंट के नंगे घूम रहे हैं। यही नहीं, आइसोलेशन में रखे गए तबलीगी जमाती अश्लील वीडियो चलाने के साथ ही नर्सों को गंदे-गंदे इशारे भी कर रहे हैं।

या अल्लाह ऐसा वायरस भेज, जो 50 करोड़ भारतीयों को मार डाले: मंच से मौलवी की बद-दुआ, रिकॉर्डिंग वायरल

"अल्लाह हमारी दुआ कबूल करे। अल्लाह हमारे भारत में एक ऐसा भयानक वायरस दे कि दस-बीस या पचास करोड़ लोग मर जाएँ। क्या कुछ गलत बोल रहा मैं? बिलकुल आनंद आ गया इस बात में।"

मुस्लिम महिलाओं के साथ रात को सोते हैं चीनी अधिकारी: खिलाते हैं सूअर का माँस, पिलाते हैं शराब

ये चीनी सम्बन्धी उइगर मुस्लिमों के परिवारों को चीन की क्षेत्रीय नीति और चीनी भाषा की शिक्षा देते हैं। वो अपने साथ शराब और सूअर का माँस लाते हैं, और मुस्लिमों को जबरन खिलाते हैं। उइगर मुस्लिम परिवारों को जबरन उन सभी चीजों को खाने बोला जाता है, जिसे इस्लाम में हराम माना गया है।

क्वारंटाइन में नर्सों के सामने नंगा होने वाले जमात के 6 लोगों पर FIR, दूसरी जगह शिफ्ट किए गए

सीएमओ ने एमएमजी हॉस्पिटल के क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती तबलीगी जमात के लोगों द्वारा नर्सों से बदतमीजी करने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि क्वारंटाइन में रखे गए तबलीगी जमात के लोग बिना पैंट के घूम रहे हैं। नर्सों को देखकर भद्दे इशारे करते हैं। बीड़ी और सिगरेट की डिमांड करते हैं।

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

171,455FansLike
53,017FollowersFollow
211,000SubscribersSubscribe
Advertisements