Homeराजनीतिकेरल विधानसभा में पास हुआ 'CAA विरोध प्रस्ताव' गैरकानूनी और असंवैधानिक: आरिफ मोहम्मद खान

केरल विधानसभा में पास हुआ ‘CAA विरोध प्रस्ताव’ गैरकानूनी और असंवैधानिक: आरिफ मोहम्मद खान

"इस प्रस्ताव की कोई कानूनी और संवैधानिक वैधता नहीं, क्योंकि नागरिकता केंद्र का मामला है। इसका राज्य से कोई मतलब ही नहीं है।"

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ केरल विधानसभा में पास किए गए प्रस्ताव को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया है। उनका कहना है कि नागरिकता विशेष रूप से केंद्र का विषय है, इसलिए इस प्रस्ताव का वास्तव में कुछ महत्व नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, “इस प्रस्ताव की कोई कानूनी और संवैधानिक वैधता नहीं, क्योंकि नागरिकता केंद्र का मामला है। इसका राज्य से कोई मतलब ही नहीं है।”

यहाँ बता दें कि केरल के राज्यपाल शुरुआत से ही सीएए का विरोध करने वालों के ख़िलाफ़ रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने बतौर राज्यपाल विधानसभा में पास किए प्रस्ताव को भी खारिज करते हुए कहा है कि ये प्रस्ताव स्पष्ट रूप से गैरकानूनी और असंवैधानिक है। स्पष्ट है कि अब केरल विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा पास किए गए प्रस्ताव का कोई अर्थ नहीं रहा। क्योंकि इस प्रस्ताव पर आगे काम करने के लिए पिनरई विजयन सरकार को राज्यपाल के हस्ताक्षर लेने अनिवार्य हैं, जो खुले तौर पर इसकी मुखालफत कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ केरल विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव को असंवैधानिक बताया था। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संविधान के अनुच्छेद 245/46 और 256 का हवाला देते हुए कहा था कि केरल विधानसभा का प्रस्ताव गलत है और संविधान की भावनाओं के खिलाफ है।

अपनी बात को रखते हुए कानून मंत्री ने हैरानी प्रकट की थी कि जिस सरकार ने संविधान की शपथ ली है, वह गैर संवैधानिक बात कर रही है कि सीएए राज्य में लागू नहीं होने देंगे। यह कानून संसद द्वारा पारित है। नागरिकता लेना-देना संविधान की सातवीं अनुसूची का विषय है और इस पर कानून बनाने का अधिकार केवल संसद को है। इसलिए संसद नागरिकता संबंधी किसी विषय पर कानून बना सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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