Monday, July 15, 2024
Homeराजनीतिदिल्ली की नई शराब नीति पर केजरीवाल सरकार को कुमार विश्वास ने घेरा, कहा-...

दिल्ली की नई शराब नीति पर केजरीवाल सरकार को कुमार विश्वास ने घेरा, कहा- ‘…500 करोड़ की डील में मामला सेट’, विरोध में BJP भी सड़क पर

कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा, "पीनेवालों की उम्र 21 से 18 करने और 1000 नए ठेके खुलवाने की नीति लागू करने की सिफारिश लेकर 2016 में दिल्ली शराब माफिया, दारू जमाखोर विधायक के साथ मेरे पास आया था। मैंने दुत्कार कर भगाया... अब छोटेवाले के साले ने 500 करोड़ की डील में मामला सेट कर लिया है।"

दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू हो चुकी है। इस नई नीति के तहत दिल्ली में शराब पीने वालों की उम्र 25 से 21 कर दी गई है। दिल्ली सरकार अपनी इस नीति के लिए विपक्ष के साथ ही अपने कई पुराने साथियों का भी विरोध झेल रही है। 

एक ओर जहाँ आज (3 जनवरी 2022) नई आबकारी नीति के खिलाफ पूरी दिल्ली में भाजपा ने चक्का जाम किया, वहीं पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता व कवि कुमार विश्वास ने भी दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया। 

कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा, “पीनेवालों की उम्र 21 से 18 करने और 1000 नए ठेके खुलवाने की नीति लागू करने की सिफारिश लेकर 2016 में दिल्ली शराब माफिया, दारू जमाखोर विधायक के साथ मेरे पास आया था। मैंने दुत्कार कर भगाया था और दोनों नेताओं को चेताया था। अब छोटेवाले के साले ने 500 करोड़ की डील में मामला सेट कर लिया है।”

कुमार विश्वास और नरेश बाल्यान का ट्विटर वार

विश्वास के ट्वीट पर आप विधायक नरेश बाल्यान ने भी उन्हें जवाब दिया जिसमें उन्होंने लिखा, “लगता है आज सुबह गलत पदार्थ का सेवन कर लिया है आपने, 2021 तक दिल्ली में शराब पीने की आयु 25 वर्ष थी, नई नीति के बाद 21 वर्ष की गई है, दूसरा तथ्य यह है कि शराब का एक भी ठेका नहीं बढ़ा है, 4 कम हुए है, बाकी हमें पता है कि राज्यसभा का दर्द जीवन भर रहेगा, ऐसे ही झूठ फैलाते रहे!”

इस पर कुमार विश्वास ने भी जवाब में ट्वीट करते हुए ये खुलासा कर दिया कि वो जिस दारू जमाखोर विधायक की बात कर रहे थे वह बाल्यान ही हैं। कुमार विश्वास ने लिखा, “चोर जो चुप ही लगा जाता तो वो कम पिटता, बाप का नाम बताने की जरूरत क्या थी। मैंने तो बस “दारू जमाखोर विधायक” लिखा था, तुम ही आए थे यह जताने की जरूरत क्या थी बालक?

बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता और भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी नई एक्साइज पॉलिसी को लेकर केजरीवाल सरकार को घेरा।

आदेश गुप्ता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि केजरीवाल सरकार की नई शराब नीति के विरोध में भाजपा की लड़ाई जारी रहेगी! हम दिल्ली को शराब की नगरी नहीं बनने देंगे!

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “उप मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि दिल्ली के मुख्यमंत्री क्या बोलते हैं! अरविंद केजरीवाल ने अपनी पुस्तक ‘स्वराज’ में लिखा था कि शराब का एक ठेका खोलने पर नेताओं और अफसरों की जेब भरी जाती है। दिल्ली में हजारों की संख्या में ठेके खोले गए हैं, तो आप की सरकार ने कितनी घूस खाई है?”

बता दें कि दिल्ली में बुधवार (5 जनवरी 2022) से शराब की बिक्री पूरी तरह निजी हाथों में चली जाएगी। नई आबकारी नीति के तहत राजधानी को 32 जोन में बाँट कर 849 लाइसेंस आवंटित किए गए। इसके तहत प्रत्येक जोन में 26-27 दुकानें बुधवार से संचालित होंगी। हर इलाके में आसानी से शराब उपलब्ध हो, इसके लिए दिल्ली के 272 वार्ड को जोन में विभाजित किया गया है।

एक जोन में आठ से नौ वार्ड शामिल हैं और हर वार्ड में अनिवार्य तौर पर तीन से चार दुकानें खुलेंगी। आबकारी विभाग की तरफ से कहा गया है कि सभी दुकानों को खोलने की तैयारी है। लाइसेंस हासिल करने वाली फर्मों ने पूरी तैयारी कर ली है। वहीं दूसरी ओर नई नीति लागू होने के साथ ही शराब आठ से नौ फीसदी महँगी होने का अनुमान है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चलती रहेगी आय से अधिक संपत्ति मामले CBI की जाँच: दौलत के 5 साल...

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI जाँच से राहत देने से मना कर दिया है।

मंगलौर के बहाने समझिए मुस्लिमों का वोटिंग पैटर्न: उत्तराखंड की जिस विधानसभा से आज तक नहीं जीता कोई हिन्दू, वहाँ के चुनाव परिणामों से...

मंगलौर में हाल के विधानसभा उपचुनावों में कॉन्ग्रेस ने भाजपा को हराया। इस चुनाव में मुस्लिम वोटिंग का पैटर्न भी एक बार फिर साफ़ हो गया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -