‘आपकी ऋण माफ़ी अब चुनाव के बाद होगी’: गोभक्त कमलनाथ का लोगों को SMS

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इस मैसेज को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा है, “CM कमलनाथ अंतर्यामी हो गए हैं। उनकी आत्मा ने पहले ही सुन लिया था कि 3 घंटे बाद आचार संहिता लगने वाली है। दरअसल, कॉन्ग्रेस तो बहाना तलाश रही थी कि कब आचार संहिता लगे और पैसा न देना पड़े।"

“XYZ जी, जय किसान फसल ऋण माफी योजना में आपका आवेदन मिला है। लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण आपकी ऋण माफी अभी स्वीकृत नहीं हो पाई है। चुनाव के बाद शीघ्र स्वीकृत की जाएगी।” 10 मार्च, 2.24 PM पर मुख्यमंत्री कमलनाथ का यह मैसेज जारी हुआ।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी तरह के SMS दोपहर 2 बजे के करीब ऋण माफी के अन्य आवेदकों को भी भेजे गए, जबकि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के लिए चुनाव आयोग ने शाम को 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मानो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इंतजार कर रहे थे कि जल्द से जल्द आचार संहिता लगे, ताकि किसानों का ऋण माफ न हो। वहीं, मैसेज बताए गए समय से जल्दी भेजने को लेकर ऋण माफी से जुड़े सरकारी दफ्तरों खामोशी पसर गई है।

सत्ता हासिल करने के 7 दिन के भीतर होना था किसानों का 2 लाख तक का ऋण माफ

प्रदेश में सत्ता हासिल करने के 7 दिन के भीतर ही किसानों का ₹2 लाख तक का कर्ज माफ करने का दावा करने वाली कॉन्ग्रेस सरकार 75 दिन के बाद भी अपने वादे को पूरा नहीं कर पाई है। आवेदन जमा होने के बाद चिह्नित किसानों को प्रमाण-पत्र तो दे दिए परंतु बैंकों में पैसा न होने के कारण किसान ठगा महसूस कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री कमलनाथ के हवाले से भेजे जा रहे मोबाइल संदेशों में कहा जा रहा है, “जय किसान फसल ऋण माफी योजना में आपका आवेदन मिला है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण आपकी ऋण माफी नहीं हो पाई है। चुनाव के बाद शीघ्र स्वीकृति की जावेगी।”

बैतूल बाजार क्षेत्र के किसानों सहित अन्य किसान भी बता रहे हैं कि मोबाइल पर ऐसे मैसेज मिले हैं। इसी तरह के मैसेज विदिशा, सीहोर जिले के किसानों के मोबाइल पर रविवार (मार्च 10, 2019) दोपहर में किसानों को प्राप्त हुए हैं।

ऋण माफ़ी के वादे पर अब तक कमलनाथ का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा है

कॉन्ग्रेस सरकार के ऋण माफ़ी के दावे और हक़ीक़त में अब तक जमीन आसमान का अंतर देखने को मिला है। कभी किसानों के खाते में 13 रुपए डाल दिए गए, तो कभी कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किसानों को दौड़ा कर पीटा गया है।

गो-भक्ति पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं CM कमलनाथ

गाय माता के प्रति मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के CM गो-भक्त कमलनाथ भाजपा से ज्यादा संवेदनशील हैं और गो हत्या के मामलों पर बिलकुल भी नरमी बरतने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। गाय को ‘चुनावी माता’ बनाकर कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणापत्र में ग्राम पंचायतों में गौशाला बढ़ाने का वादा किया था। कॉन्ग्रेस पार्टी ने डंके की चोट पर गाय के पीछे-पीछे चलने का ऐलान कर दिया था और गौशाला बनाने के लिए अनुदान देने की बात भी कही है। लेकिन वोट बैंक बनाने के लिए की जा रही गाय माता की सेवा के साथ वो अन्य काम पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

अंतर्यामी हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ: भार्गव

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इस मैसेज को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा है, “CM कमलनाथ अंतर्यामी हो गए हैं। उनकी आत्मा ने पहले ही सुन लिया था कि 3 घंटे बाद आचार संहिता लगने वाली है। दरअसल, कॉन्ग्रेस तो बहाना तलाश रही थी कि कब आचार संहिता लगे और पैसा न देना पड़े। लोकसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस सरकार ने झुनझुना थमाया था। पैसा है नहीं, कहाँ से देते। किसान अब समझ चुके हैं कि ऋण माफ़ी के नाम पर कॉन्ग्रेस ने उनके साथ मजाक किया है।”

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