Homeराजनीति'ट्विटर पर भारत का गलत नक्शा दिखाना गंभीर मसला, हलके में नहीं लेंगे': MP...

‘ट्विटर पर भारत का गलत नक्शा दिखाना गंभीर मसला, हलके में नहीं लेंगे’: MP के गृह मंत्री ने दिया कार्रवाई का आदेश

नरोत्तम मिश्रा ने आगे बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) विवेक जोहरी को निर्देश दिया है कि वो इस प्रकरण की जाँच कर के कानूनी कार्रवाई करें।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्विटर द्वारा भारत का गलत नक्शा दिखाए जाने के सम्बन्ध में कार्रवाई का निर्देश दिया है। मिश्रा ने कहा, “लंबे समय से देश के विरोध में लगातार कुछ न कुछ चल रहा है। कभी भारत माता के बारे में अनर्गल बोलना तो कभी ट्विटर पर देश का गलत नक्शा दिखाना, ये सब गंभीर मसले हैं। इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया है।

नरोत्तम मिश्रा ने आगे बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) विवेक जोहरी को निर्देश दिया है कि वो इस प्रकरण की जाँच कर के कानूनी कार्रवाई करें। अब इस मामले में केस दर्ज कर के सभी पहलुओं की जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार इस घटना को लेकर गंभीर है। बता दें कि ट्विटर ने विरोध के बाद भारत के उस नक़्शे को हटा दिया था, जिसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख को भारत से अलग दिखाया गया था।

इधर अभी ट्विटर वाला मामला थमा भी नहीं था कि दिग्गज सर्च इंजन गूगल (Google) भी अब माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर की राह पर चल पड़ा है। गूगल ने अपने ‘ट्रेंड्स’ सेक्शन में भारत का गलत नक्शा दिखाया, जिसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख के हिस्सों को गायब कर दिया गया है। अगर आप गूगल के ट्रेंड सेक्शन में जाएँगे और भारत के मौजूदा ऑनलाइन सर्च ट्रेंड्स को चेक करेंगे तो पाएँगे कि उसी वेबपेज पर जो भारत का नक्शा है, वो गलत है।

सोमवार (28 जून, 2021) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के नक़्शे से अलग दिखाया था। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट की इस हरकत के बाद ही सरकार ने इसका खामियाजा भुगतने का इशारा कर दिया था। हालाँकि, मामला गरमाते ही ट्विटर ने वेबसाइट के कैरियर सेक्शन में दिख रहे नक्शे को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा लिया था। बीजेपी की आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने भी ट्विटर को उसकी गैर जिम्मेदाराना हरकत के लिए आड़े हाथों लिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -