Homeराजनीतिफ्लोर टेस्ट में भी एकनाथ शिंदे पास, सरकार के पक्ष में 164 वोट पड़े:...

फ्लोर टेस्ट में भी एकनाथ शिंदे पास, सरकार के पक्ष में 164 वोट पड़े: वोटिंग से पहले भी उद्धव के MLA ने बदला पाला

फ्लोर टेस्ट से पहले उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए विधायक श्यामसुंदर शिंदे भी एकनाथ शिंदे गुट के साथ हो गए। उससे पहले संतोष बांगड ने पाला बदला था।

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बनी शिवसेना-बीजेपी की सरकार ने सोमवार (4 जुलाई 2022) को बहुमत हासिल कर लिया। विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान सरकार के पक्ष में 164 वोट पड़े। वहीं विरोध में महज 99 विधायकों ने वोट किया। बता दें कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में फिलहाल एक पद रिक्त है। ऐसे में शिंदे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 144 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी।

राहुल नार्वेकर के स्पीकर चुने जाने के बाद ही यह साफ हो गया था कि शिंदे सरकार आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी। लेकिन सोमवार को इसके विरोध में पड़े वोट चौंकाने वाले हैं। क्योंकि स्पीकर के चुनाव में उद्धव खेमे के उम्मीदवार राहुल साल्वे के पक्ष में 107 वोट पड़े थे। इसका कारण विपक्ष के कई विधायकों का मतदान के दौरान गैर हाजिर रहना बताया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को फ्लोर टेस्ट से पहले एक और झटका लगा। एक और विधायक श्यामसुंदर शिंदे बहुमत परीक्षण से ठीक पहले एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। बता दें कि कल से शिवसेना के दो विधायक पाला बदल चुके हैं। शिवसेना के नए बागी विधायक संतोष बांगड ने शिंदे के समर्थन में वोट किया है।

इधर शिंदे व उद्धव गुट के बीच व्हिप विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। शिवसेना की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर की तरफ से एकनाथ शिंदे गुट की ओर से जारी व्हिप को मान्यता देने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि स्पीकर को यह अधिकारी नहीं है, क्योंकि पार्टी अभी भी उद्धव गुट की है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर भी 11 जुलाई को सुनवाई करेगा। 

उल्लेखनीय है कि एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार के महत्वपूर्ण विश्वास मत से एक दिन पहले उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा था। रविवार (3 जुलाई 2022) रात महाराष्ट्र विधानसभा के नवनियुक्त अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने उद्धव गुट के अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल का नेता और सुनील प्रभु को चीफ व्हिप के तौर पर मान्यता देने से इनकार कर दिया था। स्पीकर ने शिंदे को शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में शिंदे और चीफ व्हिप के रूप में भरत गोगावाले को मान्यता दे दी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -