Homeराजनीति₹100 करोड़ की वसूली के आरोपित अनिल देशमुख के साथ खड़े हुए शरद पवार,...

₹100 करोड़ की वसूली के आरोपित अनिल देशमुख के साथ खड़े हुए शरद पवार, मंत्री जयंत पाटिल ने कहा- इस्‍तीफे की जरूरत नहीं

चिट्ठी में एनसीपी नेता और गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपए हर महीने वसूली करवाने का आरोप है। इन आरोपों के बाद दिल्‍ली में शरद पवार के घर रविवार रात महाविकास अघाड़ी के नेताओं की बैठक हुई। इसमें सुप्रिया सुले, प्रफुल्‍ल पटेल, अजित पवार, संजय राउत सहित कई नेता मौजूद रहे।

मुंबई के मुकेश अम्बानी के घर एंटीलिया मामले की जाँच के बीच मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाए गए परमबीर सिंह के एक लेटर बम से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। सीएम उद्धव ठाकरे को लिखी गई परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद जो सनसनीखेज खुलासा हुआ है और जिस तरह से वसूली गैंग में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का नाम सामने आया उससे सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके इस्तीफे की माँग की ताकि स्वतंत्र रूप से जाँच हो सके।

चिट्ठी में एनसीपी नेता और गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपए हर महीने वसूली करवाने का आरोप है। इन आरोपों के बाद दिल्‍ली में शरद पवार के घर रविवार रात महाविकास अघाड़ी के नेताओं की बैठक हुई। इसमें सुप्रिया सुले, प्रफुल्‍ल पटेल, अजित पवार, संजय राउत सहित कई नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद मंत्री जयंत पाटिल ने अपने बयान में यह साफ़ कहा कि अनिल देशमुख का इस्‍तीफा नहीं लिया जाएगा। देशमुख के इस्‍तीफे की जरूरत नहीं है। मामले की जाँच महाराष्‍ट्र एटीएस और एनआइए कर रही है।

इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि गृहमंत्री पर जो आरोप लगाए गए हैं, वो गंभीर हैं और उनके खिलाफ फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेना है और इस पर एक-दो दिनों में बातचीत करके फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी यहाँ आने से पहले इस विषय पर मुख्यमंत्री ठाकरे से भी बातचीत हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पवार ने पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की आरोपों वाली चिट्ठी को लेकर कहा, “पत्र में 100 करोड़ वसूलने के लिए कहा गया। मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने पत्र में कहीं नहीं लिखा कि क्या पैसे दिए गए हैं?” इसके साथ ही पवार ने यह भी कहा कि अब सरकार ने परमबीर सिंह को पुलिस कमिश्नर से हटाकर होमगार्ड में भेजा तो उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। ये बात उन्होंने तब क्यों नहीं कही, जब वे सीपी के पद पर थे।

उन्होंने कहा कि मैं खुद मुख्यमंत्री से बात करूँगा और उनसे कहूँगा कि गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए है, इसलिए ऐसे अधिकारी से जाँच कराई जाए जिनकी निष्ठा अच्छी हो। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘सचिन वाजे को वापस लाने का फैसला खुद पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का था। यहाँ तक कि मनसुख हीरेन की पत्नी ने भी आरोप लगाया है कि सचिन वाजे उनके पति की मौत के लिए जिम्मेदार है। वाजे को वापस लेने में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का कोई रोल नहीं है।

गौरतलब है कि पवार ने साथ ही यह भी कहा था कि विपक्ष का माँग करना उनका हक है, पर सरकार को कोई खतरा नहीं है। इसका सरकार पर कोई असर नहीं होगा। अनिल देशमुख पर हम मुख्यमंत्री से बात करेंगे। पार्टी के लोगों से बात करेंगे और अनिल देशमुख से भी बात करेंगे कि उनका क्या कहना है? कल-परसों तक मिलकर हम लोग देशमुख पर फैसला ले लेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -