नहीं चलेगा पवार का पावर, BJP को महाराष्ट्र में 200+ सीटें: ABP के ओपिनियन पोल में देवेंद्र के करिश्मे पर मुहर

जहाँ हरियाणा में भाजपा को तीन चौथाई से अधिक सीटें मिल रही हैं, महाराष्ट्र में भी पार्टी बड़ी बहुमत की तरफ बढ़ रही है। भाजपा की सीटों का आँकड़ा 200 पार होता दिख रहा है और ओपिनियन पोल में इसे 205 सीटें दी गई हैं। वहीं कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन मात्र 55 सीटों पर सिमट कर रह जाएगा।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव और मतगणना के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने 21 अक्टूबर को चुनाव और 24 अक्टूबर को मतगणना कराने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के साथ-साथ हरियाणा में भी विधानसभा चुनाव होंगे। इसके साथ-साथ कई अन्य राज्यों में 64 सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव होगा और इसमें कॉन्ग्रेस की भी कड़ी परीक्षा होगी। इसी बीच एबीपी न्यूज़ का ओपिनियन पोल भी आ गया है।

महाराष्ट्र में लोगों ने सीएम पद के लिए देवेंद्र फडणवीस को अपनी पहली पसंद माना है और दूसरे-तीसरे नंबर पर आने वाले नेता उनके नजदीक कहीं नहीं ठहरते। ऐसा सामने आया है एबीपी न्यूज़ के ओपिनियन पोल में। देवेंद्र फडणवीस को 39% लोगों ने मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद माना है जबकि 6% लोग उद्धव ठाकरे के पक्ष में थे। बता दें कि उद्धव की शिवसेना भी राजग का हिस्सा है। कॉन्ग्रेस के अशोक चव्हाण को और एनसीपी के शरद पवार को पाँच-पाँच प्रतिशत लोगों ने सीएम के लिए पहली पसंद माना। दोनों ही पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

महाराष्ट्र में कुल विधानसभा सीटों के लिए चुनाव आयोजित किए जाएँगे। एबीपी न्यूज़ के ओपिनियन पोल के अनुसार, जहाँ हरियाणा में भाजपा को तीन चौथाई से अधिक सीटें मिल रही हैं, महाराष्ट्र में भी पार्टी बड़ी बहुमत की तरफ बढ़ रही है। भाजपा की सीटों का आँकड़ा 200 पार होता दिख रहा है और ओपिनियन पोल में इसे 205 सीटें दी गई हैं। वहीं कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन मात्र 55 सीटों पर सिमट कर रह जाएगा।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो एबीपी के ओपिनियन पोल में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को 46% वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं कॉन्ग्रेस-एनसीपी को 30% वोट मिलने का अनुमान है फ़िलहाल इस ओपिनियन पोल से यह साबित हो रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का करिश्मा बरकरार है, वहीं पवार कॉन्ग्रेस के साथ मिल कर भी फ्लॉप साबित होंगे।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

कमलेश तिवारी हत्याकांड
आपसी दुश्मनी में लोग कई बार क्रूरता की हदें पार कर देते हैं। लेकिन ये दुश्मनी आपसी नहीं थी। ये दुश्मनी तो एक हिंसक विचारधारा और मजहबी उन्माद से सनी हुई उस सोच से उत्पन्न हुई, जहाँ कोई फतवा जारी कर देता है, और लाख लोग किसी की हत्या करने के लिए, बेखौफ तैयार हो जाते हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

107,076फैंसलाइक करें
19,472फॉलोवर्सफॉलो करें
110,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: