Sunday, July 14, 2024
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मनोज सिन्हा होंगे जम्मू-कश्मीर के नए LG: भौचक्के उमर अब्दुल्ला ने कहा- सरकार ऐसे ही नाम चुनती है जिसकी उम्मीद न हो

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “बीती रात जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल पद के लिए एक या दो नामों की चर्चा सबसे ज़्यादा थी। उन दोनों नामों से मनोज सिन्हा का दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था। भले अंतिम योजना कैसी भी बनी हो लेकिन यह सरकार कुछ न कुछ ऐसा लेकर आती है जो सभी के लिए अप्रत्याशित होता है।”

भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व रेलमंत्री (राज्य) मनोज सिन्हा अब जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल पद संभालने वाले हैं। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल गिरीश चन्द्र मुर्मू ने इस्तीफ़ा दे दिया था जिसके बाद यह फैसला लिया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जीसी मुर्मू का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है। 

भाजपा नेता मनोज सिन्हा मूल रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। संगठन के विश्वसनीय नेताओं में से एक गिने जाने वाले मनोज सिन्हा उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सांसद रह चुके हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह रेलवे और दूरसंचार के राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनका नाम मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में भी आगे था। लेकिन 2019 के आम चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  

मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी से दो बार सांसद रह चुके हैं। इस पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी बयान दिया था। उन्होंने कहा, “बीती रात जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल पद के लिए एक या दो नामों की चर्चा सबसे ज़्यादा थी। उन दोनों नामों से मनोज सिन्हा का दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था। इस सरकार पर एक बात के लिए भरोसा ज़रूर किया जा सकता है। भले अंतिम योजना कैसी भी बनी हो लेकिन यह सरकार कुछ न कुछ ऐसा लेकर आती है जो सभी के लिए अप्रत्याशित होता है।”  

गुज़रे वर्ष 31 अक्टूबर के दिन जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में बाँटा गया था। इसमें जम्मू कश्मीर को एक हिस्से में रखा गया और लद्दाख को दूसरे हिस्से में। जीसी मुर्मू केंद्र शासित राज्य के पहले उप राज्यपाल बने थे। उनके पहले सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे। जीसी मुर्मू गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। 

नरेन्द्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल के दौरान जीसी मुर्मू प्रधान सचिव का पद भी संभाल चुके हैं। उन्होंने 5 अगस्त 2020 के दिन इस्तीफ़ा दिया, ठीक इसी दिन बीते साल जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया गया था। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए को पूरी तरह ख़त्म कर दिया गया था।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुर्मू का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया था। जीसी मुर्मू आज यानी गुरूवार के दिन जम्मू कश्मीर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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