Homeदेश-समाजDYFI नेता शेजिन ने ज्योत्सना से की शादी, केरल में परिवार ने लगाया 'लव...

DYFI नेता शेजिन ने ज्योत्सना से की शादी, केरल में परिवार ने लगाया ‘लव जिहाद’ का आरोप: बोला संगठन – ‘ ये RSS का एजेंडा’

गौरतलब है कि ईसाई महिला के परिवार वालों ने कोझीकोड में DYFI कन्नोथ क्षेत्र के सचिव शेजिन पर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया था।

केरल में वामपंथी नेता और ईसाई महिला की शादी के मामले में लव जिहाद को लेकर मचे बवाल के बीच बुधवार (13 अप्रैल, 2022) को सीपीआई (एम) कोझिकोड के जिला सचिव पी मोहनन ने लव जिहाद के एंगल को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “ये कोई लव जिहाद नहीं है। यह अल्पसंख्यकों को टार्गेट करने का RSS का एजेंडा है। जॉर्ज एम थॉमस की जुबान फिसल गई थी।”

डीवाईएफआई कोडेंचेरी ने सोशल मीडिया के जरिए दावा किया कि लव जिहाद का तर्क एक मनगढ़ंत कहानी है, जिसके जरिए कुछ ताकतें केरल की धर्मनिरपेक्ष सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।

दरअसल, मंगलवार को कोझिकोड जिला सचिवालय के सदस्य और दो बार विधायक रहे जॉर्ज एम थॉमस ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेता एमएस शेजिन की ज्योत्सना मैरी जोसेफ से शादी ने जिले के कोडेनचेरी क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ दिया था। उनका कहना था कि शेजिन मुस्लिम है और महिला कैथोलिक क्रिश्चियन हैं। हालाँकि, बाद पार्टी की यूथ विंग ने एक बयान जारी कर अंतरधार्मिक और धर्मनिरपेक्ष विवाह के लिए अपना समर्थन दोहराया।

गौरतलब है कि ईसाई महिला के परिवार वालों ने कोझीकोड में DYFI कन्नोथ क्षेत्र के सचिव शेजिन पर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया था।

क्या है विवाद

गौरतलब है कि इस शादी पर विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि कोडनचेरी के रहने वाली शेजिन थेयापारा की रहने वाली ज्योत्सना मैरी जोसेफ को भगा ले गए थे और बाद में उससे शादी कर लिया। उससे पहले दोनों करीब सात महीने तक रिलेशनशिप में भी रहे। ज्योत्सना सऊदी अरब में नर्स थी और उसके परिवार वालों ने उसकी सगाई कहीं और तय कर दी थी, वो अपने घर आई थी। लेकिन सगाई से पहले ही वो शेजिन के साथ भाग गई। इस मामले में ज्योत्सना का कहना है कि वो अपनी मर्जी से भागी है। लेकिन उसके परिजनों का आरोप है कि उस पर ऐसा कहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -