Sunday, October 17, 2021
HomeराजनीतिTikTok समेत 59 चीनी एप पर रोक, सीमा पर तनाव के बीच मोदी सरकार...

TikTok समेत 59 चीनी एप पर रोक, सीमा पर तनाव के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला

भारत सरकार ने इन 59 एप्स को ब्लॉक करने का निर्णय लेते हुए कहा कि ये सारे एप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, प्रतिरक्षा, सुरक्षा एवम् सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं।

चीन के साथ जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 59 चीनी एप पर रोक लगा दी है।

इनमें टिकटॉक (TikTok) भी शामिल है। इसके अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर जैसे और भी कई ब्लॉक किए गए हैं। सरकार ने इन एप्स को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है।

भारत सरकार ने इन 59 एप्स को ब्लॉक करने का निर्णय लेते हुए कहा कि ये सारे एप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, प्रतिरक्षा, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं। सरकार ने भारतीय नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और निजता पर चिंता जताते हुए कहा कि एंड्रायड और iOS प्लेटफॉर्म्स पर ये सारे एप्स डेटा चुराते हैं और विदेशों में स्थित सर्वर पर भेज देते हैं।

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा है कि कई लोगों ने डेटा सुरक्षा को ले कर सरकार से शिकायत की थी। सरकार ने उसका संज्ञान लेते हुए इन्हें ब्लॉक करने का निर्णय लिया है, क्योंकि ये न सिर्फ डेटा चोरी करते हैं बल्कि बिना यूजर को बताए, उनका इस्तेमाल गलत तरीकों से करते हैं। इससे अंततः भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने लिखित बयान में कहा है कि यह हमारे लिए त्वरित कार्रवाई करने का समय है, क्योंकि इस तरह के खतरे गंभीर चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि आपातस्थिति मान कर यह फैसला लिया गया है।

गौरतलब है कि गलवान घाटी में चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों पर धोखे से वार किया था। इसमें भारत के 20 सैनिक बलिदान हो गए थे। इसके बाद से ही देश में चीनी उत्पादों और एप के बहिष्कार की मॉंग ने जोर पकड़ रखा था। कई चीनी परियोजनाओं पर भी पिछले दिनों रोक लगाई गई थी।

गलवान की हिंसक झड़प के बाद चीन के भीतर भी वहॉं के सरकार को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। संघर्ष में चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर आई थी। हालॉंकि चीन ने अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है। इसकी वजह से सैनिकों के परिजन गुस्से में हैं। बताया जाता है कि कम्युनिस्ट सरकार अब उनकी आवाज दबाने में लगी है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम ‘छोकरा’, लक्ष्मण ‘लौंडा’ और ‘सॉरी डार्लिंग’ पर नाचते दशरथ: AIIMS वाले शोएब आफ़ताब का रामायण, Unacademy से जुड़ा है

जिस वीडियो को लेकर विवाद है, उसे दिल्ली AIIMS के छात्रों ने शूट किया है। इसमें रामायण का मजाक उड़ाया गया है। शोएब आफताब का NEET में पहला रैंक आया था।

‘जैसा बोया, वैसा काटा’: Scroll की वामपंथी लेखिका जेनेसिया अल्वेस ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को ठहराया सही

बांग्लादेश में हिंदुओं और मंदिरों पर हुए इस्लामी चरमपंथी हमलों को स्क्रॉल की लेखिका एल्वेस ने जायज ठहराया और जैसा बोया वैसा काटा की बात कही।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,261FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe