Sunday, July 25, 2021
Homeबड़ी ख़बरगहलोत ने राष्ट्रपति की जाति पर की टिप्पणी, घटिया राजनीति करने में और नीचे...

गहलोत ने राष्ट्रपति की जाति पर की टिप्पणी, घटिया राजनीति करने में और नीचे गिरी कॉन्ग्रेस

भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा कि देश के राष्ट्रपति पर इस तरह का बयान देने के मामले पर वह संज्ञान ले और अशोक गहलोत को नोटिस देकर उन्हें माफ़ी माँगने के लिए कहा जाए।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुने जाने के पीछे की वजह उनकी जाति बताया है। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे श्री रामनाथ कोविंद पर टिप्पणी से आहत भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। दरअसल, राजस्थान के मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि रामनाथ कोविंद इसीलिए राष्ट्रपति बने क्योंकि वो दलित हैं। गहलोत ने कहा:

“क्योंकि गुजरात के चुनाव आ रहे थे, वो इस बात से घबरा चुके थे कि उनकी सरकार गुजरात में नहीं बनने जा रही है। मेरा ऐसा मानना है कि रामनाथ कोविंद जी को जातीय समीकरण बैठाने और कोली समुदाय को लुभाने के लिए राष्ट्रपति बनाया गया और आडवाणी साहब छूट गए।”

अशोक गहलोत के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने राष्ट्रपति का अपमान किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा:

“आज हम बहुत दुःख के साथ ये बात पूरे देश के सामने रखना चाहते हैं कि आज कॉन्ग्रेस पार्टी ने बहुत ही निचले स्तर पर जाकर चुनावी मर्यादा का उल्लंघन किया है। भारत के राष्ट्रपति, जो देश में सर्वोच्च पद पर है, उन पर भी कॉन्ग्रेस ने राजनीति करने की कोशिश की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत देश के राष्ट्रपति जी को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस क्या ग़रीब तबके, दलित समाज से आने वाले राष्ट्रपति जी के ख़िलाफ़ है। एक काबिल व्यक्ति और ज्ञानी व्यक्ति होने के बावजूद केवल समाज का नाम लेकर कॉन्ग्रेस राष्ट्रपति जी के साथ पूरे समाज और देश को बदनाम कर कर रही है।”

भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा कि देश के राष्ट्रपति पर इस तरह का बयान देने के मामले पर वह संज्ञान ले और अशोक गहलोत को नोटिस देकर उन्हें माफ़ी माँगने के लिए कहा जाए। पार्टी ने पूछा कि क्या कॉन्ग्रेस सभी दलित, पिछड़े और ग़रीब राजनेताओं को जलील करके केवल एक परिवार को ही राज करने लायक समझती है?

इससे पहले 2017 में जब रामनाथ कोविंद की राष्ट्रपति उम्मीदवारी की घोषणा की गई थी, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा के दलित मोर्चा का अध्यक्ष होने के कारण उन्हें राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया गया है। कोविंद इससे पहले बिहार के राज्यपाल भी रह चुके हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राजस्थान में भगवा ध्वज फाड़ने वाले कॉन्ग्रेस MLA को लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा: वायरल वीडियो का FactChek

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि लाठी-डंडा लिए भीड़ एक शख्स को दौड़ा-दौड़ाकर पीट रही है।

दैनिक भास्कर के ₹2,200 करोड़ के फर्जी लेनदेन की जाँच कर रहा है IT विभाग: 700 करोड़ की आय पर टैक्स चोरी का खुलासा

मीडिया समूह की तलाशी में छह वर्षों में ₹700 करोड़ की आय पर अवैतनिक कर, शेयर बाजार के नियमों का उल्लंघन और लिस्टेड कंपनियों से लाभ की हेराफेरी के आयकर विभाग को सबूत मिले हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,066FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe