Wednesday, May 12, 2021
Home राजनीति 73% लोग कृषि कानूनों के समर्थन में, 56.59% चाहें तत्काल खत्म हो किसान आंदोलन:...

73% लोग कृषि कानूनों के समर्थन में, 56.59% चाहें तत्काल खत्म हो किसान आंदोलन: सर्वे ने बताया देश क्या चाहता है

मीडिया संस्थान ने बताया है कि उसने इस सर्वे में कुल 22 राज्यों के लोगों की राय ली है। जिन राज्यों में खेती ज्यादा होती है, वहाँ के लोग इन कृषि कानूनों के समर्थन में और ज्यादा गोलबंद हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इन कृषि कानूनों को सब ज्यादा समर्थन मिला है।

जहाँ एक तरफ किसान संगठनों ने आंदोलन के नाम पर दिल्ली को बंधक बना रखा है और कह रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए बिना स्थिति में बदलाव नहीं होगा, वहीं दूसरी तरफ ‘न्यूज़ 18’ द्वारा कराए गए एक सर्वे में सामने आया है कि देश में अधिकतर लोग इन कृषि कानूनों से खुश हैं।

‘किसान आंदोलन’ चालू हुए 25 दिन हो गए हैं। कॉन्ग्रेस, AAP और अकाली दल लगातार आग में घी डालने के काम में लगे हुए हैं। मोदी सरकार ने कई दौर की बातचीत की, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। ‘न्यूज़ 18’ के सर्वे में सामने आया है कि 73.05% लोग इन कृषि सुधारों के समर्थन में हैं। इन लोगों का मानना है कि इन कानूनों से किसानों को फायदा होने वाला है। 48.71% लोगों ने इस आंदोलन को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है।

इस तरह दो तिहाई से अधिक लोग केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के समर्थन में हैं और करीब आधे लोग किसान आंदोलन को राजनीति से प्रेरित मानते हैं। ‘न्यूज़ 18’ का दावा है कि इस सर्वे में कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के हर कोने से लोगों की राय लेने का प्रयास किया गया है। कुल 2412 लोगों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया और उनसे कुल 12 सवाल पूछे गए। तो लोगों का क्या सोचना है? आइए, जानते हैं।

लोगों का मानना है कि इन कृषि सुधार कानूनों से आने वाले दिन में किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा और साथ ही वो इस कानून को देश व किसानों के हित में मानते हुए ये चाहते हैं कि ये आंदोलन जल्द से जल्द ख़त्म हो। 56.59% लोग चाहते हैं कि ये आंदोलन ख़त्म होना चाहिए। हालाँकि, 32.59% लोग ऐसे भी हैं जो सोचते हैं कि ये आंदोलन राजनीति से प्रेरित नहीं है और 18.7% लोगों ने इस मामले में कोई राय नहीं दी।

मीडिया संस्थान ने बताया है कि उसने इस सर्वे में कुल 22 राज्यों के लोगों की राय ली है। जिन राज्यों में खेती ज्यादा होती है, वहाँ के लोग इन कृषि कानूनों के समर्थन में और ज्यादा गोलबंद हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इन कृषि कानूनों को सब ज्यादा समर्थन मिला है। हालाँकि, पंजाब में इन कृषि कानूनों को लेकर समर्थन थोड़ा कम था, क्योंकि वहाँ कृषकों को स्वतंत्रता देने वाले कानून को राजनीतिक मसला बना दिया गया है।

कृषि कानूनों को लेकर ‘न्यूज़ 18’ का सर्वे

52.69% लोग चाहते हैं कि इन कृषि सुधार कानूनों को ख़त्म करने के लिए जोर-जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए और किसान संगठनों को सरकार से समझौता करना चाहिए। 60.90% लोगों का मत है कि इन कानूनों के लागू होने से किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा। 73.05% लोग कृषि सुधारों और कृषि में आधुनिकीकरण के पक्षधर हैं। 69.65% ने माना कि अब किसान APMC से बाहर उत्पाद बेच सकेंगे।

अफवाह फैलाई जा रही है कि इससे राज्यों के APMC (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्किट कमिटी) की शक्ति कम हो जाएगी, या फिर वो निष्प्रभावी हो जाएँगे। जबकि, ऐसा नहीं है। इस बिल का उद्देश्य राज्यों की APMC को निष्प्रभावी करना है ही नहीं। ये किसानों को मौजूदा APMC का अतिरिक्त विपणन चैनल प्रदान करेगा। APMC अपने प्रचलन की दक्षता में और सुधार करें, इसके लिए ये क़ानून उन्हें प्रोत्साहित करेगा।

उधर, भारतीय किसान यूनियन (BKU एकता-उग्राहन) की विदेशी फंडिंग शक के घेरे में है। BKU (एकता-उग्राहन) ने दावा किया है कि उसे एक केंद्रीय एजेंसी ने उस रजिस्ट्रेशन का विवरण साझा करने को कहा है, जिसके तहत उसे विदेशी फंडिंग पाने की अनुमति मिली हुई है। उसे पिछले 2 महीनों में 8 लाख रुपए की फंडिंग मिली है। कहा जा रहा है कि BKU (एकता-उग्राहन) ने FCRA के नियमों का पालन नहीं किया है, ऐसे में उसे आई विदेशी फंडिंग वापस दानदाताओं के एकाउंट्स में लौट सकती है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऑक्सीजन पर लताड़े जाने के बाद केजरीवाल सरकार ने की Covid टीकों की उपलब्धता पर राजनीति: बीजेपी ने खोली पोल

पत्र को करीब से देखने से यह स्पष्ट होता है कि संबित पात्रा ने जो कहा वह वास्तव में सही है। पत्रों में उल्लेख है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार 'खरीद करने की योजना' बना रही है। न कि ऑर्डर दिया है।

‘#FreePalestine’ कैम्पेन पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, मोसाद के पैरोडी अकाउंट के साथ लोगों ने लिए मजे

स्वरा के ट्वीट का हवाला देते हुए @TheMossadIL ने ट्वीट किया कि अगर इस ट्वीट को स्वरा भास्कर के ट्वीट से अधिक लाइक मिलते हैं, तो वे भारतीय अभिनेत्री को एक स्पेशल ‘पॉकेट रॉकेट’ भेजेंगे।

स्वप्ना पाटकर के ट्वीट हटाने के लिए कोर्ट पहुँचे संजय राउत: प्रताड़ना का आरोप लगा PM को भी महिला ने लिखा था पत्र

संजय राउत ने उन सभी ट्वीट्स को हटाने का निर्देश देने की गुहार कोर्ट से लगाई है जिसमें स्वप्ना पाटकर ने उन पर आरोप लगाए हैं।

उद्धव ठाकरे की जाएगी कुर्सी, शरद पवार खुद बनना चाहते हैं CM? रिपोर्ट से महाराष्ट्र सरकार के गिरने के कयास

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाकर अब शरद पवार पछता रहे हैं। उन्हें यह 'भारी भूल' लग रही है।

बंगाल के नतीजों पर नाची, हिंसा पर होठ सिले: अब ममता ने मीडिया को दी पॉजिटिव रिपोर्टिंग की ‘हिदायत’

विडंबना यह नहीं कि ममता ने मीडिया को चेताया है। विडंबना यह है कि उनके वक्तव्य को छिपाने की कोशिश भी यही मीडिया करेगी।

मोदी से घृणा के लिए वे क्या कम हैं जो आप भी उसी जाल में उलझ रहे: नैरेटिव निर्माण की वामपंथी चाल को समझिए

सच यही है कि कपटी कम्युनिस्टों ने हमेशा इस देश को बाँटने का काम किया है। तोड़ने का काम किया है। झूठ को, कोरे-सफेद झूठ को स्थापित किया है।

प्रचलित ख़बरें

मुस्लिम वैज्ञानिक ‘मेजर जनरल पृथ्वीराज’ और PM वाजपेयी ने रचा था इतिहास, सोनिया ने दी थी संयम की सलाह

...उसके बाद कई देशों ने प्रतिबन्ध लगाए। लेकिन वाजपेयी झुके नहीं और यही कारण है कि देश आज सुपर-पावर बनने की ओर अग्रसर है।

‘इस्लाम को रियायतों से आज खतरे में फ्रांस’: सैनिकों ने राष्ट्रपति को गृहयुद्ध के खतरे से किया आगाह

फ्रांसीसी सैनिकों के एक समूह ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को खुला पत्र लिखा है। इस्लाम की वजह से फ्रांस में पैदा हुए खतरों को लेकर चेताया है।

टिकरी बॉर्डर पर किसानों के टेंट में गैंगरेप: पीड़िता से योगेंद्र यादव की पत्नी ने भी की थी बात, हरियाणा जबरन ले जाने की...

1 मई को पीड़िता के पिता भी योगेंद्र यादव से मिले थे। बताया कि ये सब सिर्फ कोविड के कारण नहीं हुआ है। फिर भी चुप क्यों रहे यादव?

‘#FreePalestine’ कैम्पेन पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, मोसाद के पैरोडी अकाउंट के साथ लोगों ने लिए मजे

स्वरा के ट्वीट का हवाला देते हुए @TheMossadIL ने ट्वीट किया कि अगर इस ट्वीट को स्वरा भास्कर के ट्वीट से अधिक लाइक मिलते हैं, तो वे भारतीय अभिनेत्री को एक स्पेशल ‘पॉकेट रॉकेट’ भेजेंगे।

उद्धव ठाकरे का कार्टून ट्विटर को नहीं भाया, ‘बेस्ट CM’ के लिए कार्टूनिस्ट को भेजा नोटिस

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे का कार्टून बनाने के लिए ट्विटर ने एक कार्टूनिस्ट को नोटिस भेजा है। जानिए, पूरा मामला।

‘हिंदू बम, RSS का गेमप्लान, बाबरी विध्वंस जैसा’: आज सेंट्रल विस्टा से सुलगे लिबरल जब पोखरण पर फटे थे

आज जिस तरह सेंट्रल विस्टा पर प्रोपेगेंडा किया जा रहा है, कुछ वैसा ही 1998 में परमाणु परीक्षणों पर भी हुआ था। आज निशाने पर मोदी हैं, तब वाजपेयी थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,392FansLike
92,425FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe