Homeराजनीतिशायर मुनव्वर राणा की बेटी के साथ UP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने किया दुर्व्यवहार: खुद...

शायर मुनव्वर राणा की बेटी के साथ UP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने किया दुर्व्यवहार: खुद उरूसा राणा ने बताई हर बात

मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा राणा ने आरोप लगाया - "जब गाँधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन से पहले प्रियंका का अभिवादन करने उनके नजदीक पहुँचीं तो प्रदेश अध्यक्ष लल्लू ने बेइज्जत करके चले जाने को कहा।"

उत्तर प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस की मध्य जोन इकाई की उपाध्यक्ष और विवादित शायर मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा राणा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने बीते दिन कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के लखनऊ में धरने के दौरान दुर्व्यवहार किए जाने की बात की हैं।

लल्लू पर उरूसा ने बेइज्जती का लगाया आरोप

उरूसा ने आरोप लगाया कि जब वह गाँधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन से पहले प्रियंका का अभिवादन करने उनके नजदीक पहुँचीं तो लल्लू ने उन्हें बेइज्जत करके वहाँ से चले जाने को कहा।

CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लल्लू सहयोग माँगते थे: उरूसा 

उरूसा ने कहा कि जब लखनऊ में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन की बारी थी तब लल्लू उनसे सहयोग माँगते थे। आज जिस तरह उन्होंने बर्ताव किया, उससे वह बहुत ‘आहत’ हैं।

लल्लू ने आरोपों को बताया गलत

उधर, प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने उरूसा के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। अजय कुमार लल्लू के अनुसार उरूसा पार्टी की सम्मानित पदाधिकारी हैं और उनका अपमान करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। लल्लू ने कहा कि बल्कि खुद उन्होंने ही प्रियंका से उरूसा का परिचय कराया था। उरूसा खुद को जहाँ से हटाए जाने की बात कर रही हैं, वहाँ प्रियंका गाँधी के अलावा किसी और को नहीं बैठना था।

बता दें कि अक्टूबर 2020 में उरूसा राणा ने कॉन्ग्रेस का दामन थामा था। शायर मुनव्वर राणा की बेटियाँ फौजिया, सुमैया और उरूसा ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। तब से ये तीनों चर्चा में आई थीं। फौजिया राणा तो शाहीन बाग भी पहुँची थीं, जो सीएए विरोध का प्रमुख केंद्र रहा। फौजिया ने लखनऊ में भी घंटाघर पर सीएए के विरोध में धरना दिया था। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

उरूसा राणा ने अपनी बहन सुमैय्या और फौजिया राणा का खुलकर समर्थन किया था। साथ ही, पीएम मोदी और यूपी की योगी सरकार को खुली चुनौती देते हुए घंटाघर पर कई दिनों तक सरकार के खिलाफ चले महिलाओं के प्रर्दशन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

गौरतलब है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में चल रहे सीएए, एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने कहा था, “हमें ध्यान रखना है कि हमें इतना भी न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं होना है कि हमारी पहचान ही खत्म हो जाए। पहले हम मुस्लिम हैं और उसके बाद कुछ और हैं। हमारे अंदर का जो दीन है, जो इमान है, वह जिंदा रहना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि हम अल्लाह को भी मुँह दिखाने लायक न रह जाएँ।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है ‘सेफ हार्बर’ कानून, जिसके तहत फेसबुक-गूगल को मिल रखी है छूट? समझिए भारत और दुनिया भर में क्यों शुरू हुई इसे हटाने...

पीएम मोदी के फेसबुक से वीडियो कुछ देर के लिए हटाने के मामले में समिति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सेफ हार्बर सुरक्षा रद्द करने की चेतावनी दी है।

₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अल-फलाह के जवाद सिद्दीकी को झटका, दोनों अर्जियाँ खारिज: पढ़ें- क्या थीं ‘अनरिलाइड दस्तावेज’ समेत अन्य माँगें...

अल-फलाह समूह के ₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद सिद्दीकी को 2 अर्जियों को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जानें- क्या थीं ये अर्जियाँ?
- विज्ञापन -