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‘मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाना चाहती है BJP सरकार, हम क्यों बने सेकुलरिज्म के कुली?’

भारत की लोकतंत्र व्यवस्था का संदर्भ लेते हुए ओवैसी ने मुस्लिमों को चेताया कि लोकतंत्र में केवल वोट देने का ही नहीं बल्कि चुनाव में खड़े होने का भी अधिकार है। ओवैसी ने ज़ोर देते हुए कहा कि चुनाव भले ही कोई भी हो, उसमें भागीदारी ज़रूरी है।

विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले हैदराबाद के सांसद और AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक कार्यक्रम के दौरान एक बार फिर से भाजपा पर निशाना साधा है। इस कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिम समुदाय को कई तरह की हिदायतें दी हैं।

उन्होंने कहा, “बीजेपी की सरकार भारत के मुस्लिमों को सेकंड क्लास नागरिक बनाना चाहती है और भारत के मुस्लिम इस बात का एहसास नहीं करते। भारत के मुस्लिमों को इस बात का एहसास होना चाहिए कि हम बहुत समय तक सेकुलरिज्म के कुली नहीं बन सकते तो हमारा वोट सेक्युलर पार्टियों के पास क्यों जाना चाहिए? मुस्लिमों को अपने समुदाय में राजनीतिक नेतृत्व खोजना चाहिए। यह इकलौता ऐसा रास्ता है जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हमें संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं।”

ओवैसी ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार भारत के मुस्लिमों को सेकंड क्लास सीटिजन्स बनाना चाहती है और मुस्लिम समुदाय यह बात समझ नहीं रहा है।

मुस्लिम समुदाय को चेताते हुए ओवैसी ने कहा कि वो अपना नेतृत्व बनाएँ, अपने आपको बदलें, क्योंकि ऐसा करने के लिए कोई आसमान से नीचे नहीं उतरेगा जो आपको जन्नत ले जाएगा। मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि सभी को मेहनत करनी होगी और इस बात को अच्छे से समझना होगा कि लोकतंत्र में वोट का काफ़ी महत्व है।

भारत की लोकतंत्र व्यवस्था का संदर्भ लेते हुए ओवैसी ने मुस्लिमों को चेताया कि लोकतंत्र में केवल वोट देने का ही नहीं बल्कि चुनाव में खड़े होने का भी अधिकार है। ओवैसी ने ज़ोर देते हुए कहा कि चुनाव भले ही कोई भी हो, उसमें भागीदारी ज़रूरी है। उन्होंने कहा, “इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वह आज हारे हैं या कल हारेंगे लेकिन मुस्लिमों को अपने संवैधानिक अधिकारों का आक्रामक तरीके से प्रयोग करना आना चाहिए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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