5 साल से डरे हुए हैं मुसलमान, CAA वापस लो: पूर्व LG नजीब जंग ने किया ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ का बचाव

"सीएए के विरोध में चल रहा प्रदर्शन असाधारण है, 21वीं सदी में ऐसा आंदोलन कहीं देखने को नहीं मिला। यह हॉन्गकॉन्ग आंदोलन की तरह है। मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के विरुद्ध काम कर रही है, ऐसा भाव बन रहा है।"

दिल्ली के पूर्व उप-राजयपाल नजीब जंग नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे लोगों के समर्थन में उतर आए हैं। हाल ही में उन्होंने जामिया में सीएए विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताया था और इस क़ानून में बदलाव की माँग की थी। अब वो इस्लामी नारे ‘ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मद रसूलल्लाह’ के बचाव में उतर आए हैं। बता दें कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों में ‘तेरा-मेरा रिश्ता क्या, ला इलाहा इल्लल्लाह’ के नारे लगे थे। इसके बाद आरोप लगा था कि ये प्रदर्शन इस्लामी कट्टरपंथियों के कब्जे में जा चुका है। लेकिन, कई बुद्धिजीवी इसके बचाव में उतर आए।

दिल्ली के पूर्व एलजी ने कहा कि जब तक सीएए को वापस नहीं लिया जाता, ये आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने शाहीन बाग़ में धरने पर बैठी उन महिलाओं का भी समर्थन किया, जिनके ‘पिकनिक’ के कारण पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है और भारी ट्रैफिक जाम लग रहा है। पूर्व एलजी ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से जामिया के 250 छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने माना कि आज मुस्लिमों में नेतृत्व का अभाव है, लेकिन साथ ही उन्होंने इस बात पर ख़ुशी जताई कि मुस्लिम सामूहिक नेतृत्व में सड़क पर निकल कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

दिल्ली के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि सीएए के विरोध में चल रहा प्रदर्शन असाधारण है और 21वीं सदी में ऐसा आंदोलन कहीं देखने को नहीं मिला है। उन्होंने इस आंदोलन की तुलना हॉन्गकॉन्ग में चल रहे आंदोलन से की। पूर्व एलजी ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर- तीनों के ख़िलाफ़ विरोध जताया। ‘न्यूज़ 18’ को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा:

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“इस आंदोलन से सिर्फ़ मुस्लिम ही नहीं जुड़े हुए हैं और न ही कोई विपक्षी राजनीतिक दल उसे चला रहा है। जामिया के आंदोलन में कोई राजनेता नहीं दिखा। अगर विपक्ष इतना ही मजबूत होता तो ये क़ानून संसद में पास ही नहीं हो पाता। आज हमारी तुलना पाकिस्तान से हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। लोग कह रहे हैं कि हमारा देश पाकिस्तान बन गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की नकारात्मक छवि बन रही है।

हालाँकि, पूर्व उप-राजयपाल ने माना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की छवि सुधारने के लिए पिछले 5 वर्षों में काफ़ी मेहनत की है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया के मन में ये भाव बन रहा है कि मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के विरुद्ध काम कर रही है। जंग ने इस दौरान अल्लामा इक़बाल के शेर का भी जिक्र किया। जंग ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की भी तारीफ़ की। बता दें कि उनके कार्यकाल के दौरान दोनों में ख़ासा टकराव चलता था और केजरीवाल उन्हें ‘भाजपा का एजेंट’ भी बताते थे। जंग ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की तारीफों के भी पुल बाँधे।

पूर्व एलजी ने दावा किया कि पिछले 5 वर्षों में मुस्लिमों व ईसाईयों के मन में डर का भाव बढ़ता ही जा रहा है। तीन तलाक़ हटाना अच्छा हो या बुरा, मुस्लिमों को लगा कि इसके द्वारा उनके समाज में हस्तक्षेप किया जा रहा है।जंग ने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने मुस्लिमों को टिकट दिया, जो अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध में आज मुस्लिम ‘वन्दे मातरम’ गा रहे हैं और उन्हें पता चल रहा है कि इसमें कुछ भी बुरा नहीं है, ये अच्छी बात है।

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