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‘300 साल में भी कोई मियाँ लोगों को गुवाहाटी से नहीं निकाल पाएगा’: AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने दी चुनौती

बदरुद्दीन अजमल ने यहाँ यह भी कहा कि अगर CM सरमा यह दिखा दें कि राज्य में 8 वर्ष की मुस्लिम बच्चियों की शादी हो रही है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। गौरतलब है कि हाल ही में असम में मुस्लिम मैरिज एक्ट को समाप्त किया गया था। इसे बाल विवाह रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया था।

AIUDF के मुखिया और धुबरी सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि कोई भी 3 साल क्या 300 साल में भी मियाँ (असम में बंगाली मुस्लिमों का संबोधन) को गुवाहाटी से बाहर नहीं निकाल पाएगा। उन्होंने कहा कि है मियाँ नहीं होंगे तो राज्य में काम-धाम रुक जाएगा।

बदरुद्दीन अजमल ने असम के नौगाँव के रुपाहीहाट में आयोजित एक सभा में यह विवादित बयान दिया। वह यह बयान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को निशाना बना कर दे रहे थे। अजमल ने कहा, “इतना मियाँ-मियाँ करने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हें चुनौती देता हूँ कि अगर गुवाहाटी में मियाँ लोग ना हों तो तीन दिन तक खाना नहीं मिलेगा। कंस्ट्रक्शन का काम बंद हो जाएगा। सब्जियाँ कहाँ से आएंगी?”

अजमल ने अपना बयान आगे जारी रखा और कहा, “तुमको लगता होगा कि मियाँ लोगों से तीन दिन में गुवाहाटी खाली हो जाएगी, लेकिन 3 दिन क्या 300 साल में तुम गुवाहाटी को मियाँ लोग से खाली नहीं करवा पाओगे।”

बदरुद्दीन अजमल ने यहाँ यह भी कहा कि अगर CM सरमा यह दिखा दें कि राज्य में 8 वर्ष की मुस्लिम बच्चियों की शादी हो रही है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। गौरतलब है कि हाल ही में असम में मुस्लिम मैरिज एक्ट को समाप्त किया गया था। इसे बाल विवाह रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया था।

मुख्यमंत्री सरमा ने इस पर विधानसभा में कहा था कि जब तक वह जीवित हैं तब तक राज्य में बाल विवाह नहीं होने देंगे। यह बात उन्होंने कॉन्ग्रेस और AIUDF के विधायकों को संबोधित करते हुए कही थी। इससे पहले भी CM सरमा और अजमल में जुबानी जंग का दौर चलता आया है।

CM सरमा ने असम के लखीमपुर में कहा कि अजमल को अपना जादुई इलाज बंद करना होगा वरना वह कानून का उल्लंघन करने के मामले में गिरफ्तार किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि अजमल जादुई इलाज का दावा करते हैं और वह ऐसा रैलियों में भी कर चुके हैं।

उन्होंने हाल ही में पास किए गए कानून के तहत अजमल पर कार्रवाई होने की बात कही। गौरतलब है कि असम में हाल ही में एक ऐसा कानून पास हुआ है जो ऐसी अंधविश्वासी तकनीकों से इलाज का दावा करता है। CM सरमा ने कहा कि अजमल उनकी ना सुनें लेकिन उन्हें विधानसभा की बात माननी पड़ेगी।

इस कानून के तहत पहला अपराध करने पर ₹50,000 का जुरमाना और 1 वर्ष की जेल हो सकती है। इस जेल अवधि को तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। अगर दुबारा कोई इसका दोषी पाया जाता है जो तो जुर्माना ₹1 लाख और सजा पाँच वर्ष तक की हो सकती है। गौरतलब है कि अजमल फूंक डाल कर पानी देते देखे गए हैं। बड़ी संख्या में मुस्लिम उनके पास इसके लिए आते भी हैं। उनका मानना है कि इससे पानी की ठीक करने की शक्ति बढ़ती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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