Wednesday, April 21, 2021
Home राजनीति 'सिर्फ असम नहीं बल्कि पूरे देश में लागू होगा NRC, बाहर भेजे जाएँगे सारे...

‘सिर्फ असम नहीं बल्कि पूरे देश में लागू होगा NRC, बाहर भेजे जाएँगे सारे अवैध प्रवासी’

"आप इंग्लैंड, नीदरलैंड, अमेरिका जाके बस जाएँ, कोई नहीं घुसने देगा आपको। तो फ़िर भारत में आकर कोई कैसे बस सकता है? यहाँ कोई भी आकर बस सकता है क्या? देश ऐसे नहीं चलता। देश के नागरिकों का रजिस्टर होना, ये समय की जरूरत है।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार (सितंबर 18, 2019) को पूरे देश भर से अवैध प्रवासियों को बाहर का रास्ता दिखाने की हुंकार भरी। उन्होंने राँची में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनता को आश्वासन दिलाया कि पूरे भारत में NRC लाया जाएगा और सभी अवैध प्रवासियों को वैध तरीकों से देश से बाहर किया जाएगा।

अपने चुनाव घोषणा पत्र में जनता से किए वादे को दोहराते हुए अमित शाह ने इस दौरान कहा, “हमने अपने चुनाव घोषणापत्र में देश की जनता से वादा किया था कि केवल असम में नहीं बल्कि पूरे देश में एनआरसी लाएँगे और देश की जनता का एक रजिस्टर बनाएँगे तथा बाकी (अवैध प्रवासियों) लोगों पर कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी।”

अमित शाह ने इस दौरान जनता के बीच स्पष्ट कहा कि NRC का पूरा नाम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर है, न कि असम नागरिक रजिस्टर। इसलिए ये पूरे देश में लागू होना चाहिए, और देश की जनता की एक सूची होनी चाहिए।

हिंदुस्तान अखबार द्वारा आयोजित कार्यक्रम (हिन्दुस्तान पूर्वोदय 2019) में बोलते हुए अमित शाह ने असम के उन लोगों की स्थिति के बारे में भी बात की, जिनका नाम किसी कारणवश NRC में नहीं आया है।

हिन्दुस्तान पूर्वोदय 2019 में प्रधान संपादक शशिशेखर से बातचीत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह।

उन्होंने बताया कि असम में जिन लोगों के नाम NRC में नहीं आए हैं, उन्हें विदेशी न्यायाधिकरणों के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। साथ ही असम सरकार ने ऐसे लोगों के लिए वकील मुहैया कराने की भी व्यवस्था की है, जो अपना पक्ष रखने के लिए वकीलों का शुल्क नहीं वहन कर सकते।

गृहमंत्री ने अन्य देशों का हवाला देते हुए भी NRC की जरूरत को समझाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि दुनिया में एक भी ऐसा देश नहीं हैं, जहाँ जाकर कोई बस सके। तो भारत में आकर कैसे कोई बस सकता है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा, “आप इंग्लैंड, नीदरलैंड, अमेरिका जाके बस जाएँ, कोई नहीं घुसने देगा आपको। तो फ़िर भारत में आकर कोई कैसे बस सकता है? यहाँ कोई भी आकर बस सकता है क्या? देश ऐसे नहीं चलता। देश के नागरिकों का रजिस्टर होना, ये समय की जरूरत है। और हमने चुनावी घोषणा पत्र में देश की जनता से वादा किया था कि केवल असम में नहीं पूरे देश भर में हम NRC लेकर आएँगे। और देश के नागरिकों का रजिस्टर बनेगा। इसके अलावे… और आगे कानूनी प्रक्रिया में कार्रवाई करेंगे।”

यहाँ उल्लेखनीय है कि असम में एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट 31 अगस्त को जारी किया गया था, जिसमें 19 लाख निवासियों के नाम एनआरसी सूची में नहीं थे। इस संबंध में भी अमित शाह ने इस कार्यक्रम में बात की।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

पंजाब के 1650 गाँव से आएँगे 20000 ‘किसान’, दिल्ली पहुँच करेंगे प्रदर्शनः कोरोना की लहर के बीच एक और तमाशा

संयुक्त किसान मोर्चा ने 'फिर दिल्ली चलो' का नारा दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस बार अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएँ होंगी।

हम 1 साल में कितने तैयार हुए? सरकारों की नाकामी के बाद आखिर किस अवतार की बाट जोह रहे हम?

मुफ्त वाई-फाई, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी से आगे लोगों को सोचने लायक ही नहीं छोड़ती समाजवाद। सरकार के भरोसे हाथ बाँध कर...

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,781FansLike
82,726FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe