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‘रमजान में नहीं पढ़ पाए थे नमाज, बकरीद पर मस्जिदों में दी जाए छूट’ – कॉन्ग्रेस नेता सीएम इब्राहिम की गुहार

"हमने रमजान में नमाज नहीं पढ़ी। लेकिन अब लॉकडाउन खुला है। अगर सरकार इजाजत देती है, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ... तो हम इस बारे में सोचेंगे। अभी बकरीद में 8-9 दिन का टाइम है।"

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सीएम इब्राहिम ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को बकरीद (ईद-अल-अज़हा) के मद्देनजर पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अपील की है कि बकरीद के मौके पर मस्जिदों में नमाज पढ़ने की छूट दी जाए और पशुओं के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा हो।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्ग्रेस विधायक मीडिया से बातचीत में कहते हैं, “हमने रमजान में नमाज नहीं पढ़ी। लेकिन अब लॉकडाउन खुला है। अगर सरकार इजाजत देती है, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ… तो हम इस बारे में सोचेंगे। अभी बकरीद में 8-9 दिन का टाइम है।”

इस पत्र में कॉन्ग्रेस विधायक ने समुदाय विशेष की ओर से यह भी अपील की है कि वह इस अवसर पर उन्हें तथाकथित शांति-सुरक्षा के नाम पर बदमाशी करने वालों से से संरक्षण दिलाएँ।

ईद पर सीएम इब्राहिम ने लिखा था पत्र

गौरतलब है कि आज भले ही सीएम इब्राहिम अपने बयान में ये बात कह रहे हों कि अब लॉकडाउन खुल गया है। इसलिए वह मस्जिदों में नमाज पढ़ने की छूट चाहते हैं। लेकिन वास्तविकता में ये पहली बार नहीं है कि उन्होंने ईद के लिए छूट की अपील की हो। इससे पहले भी रमजान के बाद आने वाली ईद पर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

उस पत्र में भी उन्होंने मस्जिद और ईदगाह के मैदानों में नमाज पढ़ने की छूट देने की अपील की थी। पत्र में लिखा गया था कि कोरोना के कारण पूरे राज्य के लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ने में असमर्थ हैं। सरकार के निर्देशानुसार वे अपने घरों में रहकर ही नमाज अदा कर रहे हैं। इसलिए पूरे समुदाय की ओर से एक सलाह है कि सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का परामर्श लेकर लोगों को सभी एहतियाती उपायों के साथ ईद के दिन 1 बजे तक ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति दे।

यहाँ बता दें कि बेंगलुरू में इस समय कोरोना का कहर दिन पर दिन बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई सीएम इब्राहिम ऐसे निर्णय लेने के लिए सरकार से अपील कर रहे हैं, जिनसे संक्रमण का खतरा बढ़े? इससे पहले जब उन्होंने ये अपील की थी, तब देश लॉकडाउन के तीसरे चरण में था। पर, आज लॉकडाउन न होने से बढ़ते आँकड़ों ने चिंता बढ़ाई है। ऐसे में अगर बकरीद के मौके पर सैकड़ों-हजारों लोगों को एक जगह एक दिन के लिए इकट्ठा होने की अनुमति दी जाती है, तो स्थिति क्या होगी?

सपा नेता शफीकुर रहमान ने भी माँगी बकरीद में छूट

सीएम इब्राहिम से पहले समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद शफीकुर रहमान ने प्रशासन से बकरीद पर मस्जिद खोलने की अपील की थी। इस मामले पर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि बकरीद पर नमाज घर में पढ़ना काफी नहीं है। मस्जिद में दुआ करने से कोविड में लड़ने में मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र में भी बकरीद के लिए कॉन्ग्रेस नेता ने की थी अपील

बकरीद के मद्देनजर महाराष्ट्र में भी कॉन्ग्रेस नेताओं ने उद्धव सरकार पर खासा दबाव बनाया था। कॉन्ग्रेस नेता व पूर्व मंत्री आसिफ नसीम खान ने मुख्यमंत्री से अपील की थी और कहा था, “जैसे सरकार ने गणेशोत्सव मनाने की छूट दी है। वैसे ही हम अपील करते हैं कि उपयुक्त रोक के साथ समुदाय को ईद उल अदहा मनाने की अनुमति दी जाए।” उन्होंने कहा है कि इस गुहार पर सीएम प्राथमिकता के साथ निर्णय लें ताकि समुदाय अपना त्योहार मना पाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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