AAP से गठबंधन को लेकर कॉन्ग्रेस में मची चिल्ल-पों

दिल्ली कॉन्ग्रेस में शीला दीक्षित वाला खेमा नहीं चाहता कि लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से गठबंधन किया जाए। जबकि, अजय माकन और प्रभारी पीसी चाको अरविन्द केजरीवाल की पार्टी से गठबंधन के पक्ष में माने जाते हैं।

दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर कॉन्ग्रेस की ओर से कराए जा रहे सर्वे से खुद कॉन्ग्रेस पार्टी में घमासान मच गया है। कॉन्ग्रेस के दिल्‍ली प्रभारी पीसी चाको की ओर से कराए जा रहे सर्वे को लेकर जहाँ दिल्‍ली प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी की अध्‍यक्ष शीला दीक्षित नाराज हैं, वहीं पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष अजय माकन ने इस सर्वे पर सहमति जताई है। शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली कॉन्ग्रेस नेतृत्व गठबंधन को लेकर राहुल गाँधी के सामने अपनी राय रख चुका है और उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछकर ही गठबंधन न करने की बात शीर्ष नेतृत्व को बताई थी।

शीला दीक्षित ने आगे कहा, “सर्वे पर चाको जी ही बता सकते हैं। मैंने भी आज अखबारों में पढ़ा है। राहुल गाँधी जी ने गठबंधन न करने के लिए सहमति दी थी। अब ये क्यों किया जा रहा है, मुझे नहीं मालूम। कार्यकर्ताओं से बातचीत करके ही हमने राहुल जी से बात की थी। हमने सोचा था चैप्टर क्लोज हो गया, आपके सवाल का जवाब केवल चाको ही दे सकते हैं।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीसी चाको के साथ मतभेद के सवाल पर शीला ने कहा, “हमारे बीच कोई टकराव नहीं है। जब वे आ जाएँगे तब देखा जाएगा। सीनियर लीडरशीप को लूप में लेकर सर्वे किया जा रहा होगा? इसका जवाब मुझे नहीं मालूम। अगर फायदा होता तो पहले ही कह देते।” शीला दीक्षित ने जोर देते हुए कहा कि उन्‍हें लगता है कि कॉन्ग्रेस को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए, कॉन्ग्रेस सक्षम है और सब कुछ जानती है।

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वहीं इस पर अजय माकन ने कहा, “अच्छी बात है कि कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है। कॉन्ग्रेस इसी तरह से काम करती आयी है। मेरी जो राय है, वो मैं राहुल गाँधी को बता चुका हूँ। ये सब कुछ राहुल गाँधी के निर्देश से ही हो रहा है। ‘शक्ति एप्प’ राहुल गाँधी ही देखते हैं। पीसी चाको के पास 52 हजार लोगों के नंबर नहीं हैं।”

बता दें कि दिल्ली कॉन्ग्रेस में शीला दीक्षित वाला खेमा नहीं चाहता कि लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से गठबंधन किया जाए। जबकि, अजय माकन और प्रभारी पीसी चाको अरविन्द केजरीवाल की पार्टी से गठबंधन के पक्ष में माने जाते हैं। माना ये भी जा रहा है कि शीला दीक्षित यह गठबंधन इसलिए भी नहीं चाहती हैं क्योंकि उनकी नजर अगले विधानसभा चुनावों पर है।

पीसी चाको और शीला दीक्षित के इस सम्पूर्ण प्रकरण ने कॉन्ग्रेस में खलबली मचा दी है क्योंकि फिलहाल पार्टी की जितनी बैठकें हुई हैं, उनमें गठबंधन को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी न तो किसी अंजाम तक पहुँची है और न ही आगे की कोई संभावना जताई गई है।

ये सारा प्रकरण पीसी चाको के एक ऑडियो सन्देश से सामने आया है। यह ऑडियो मैसेज सुनकर साफ होता है कि कॉन्ग्रेस के अंदर एक खेमा ऐसा भी है जो आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहता है। ऑडियो में चाको अपने कार्यकर्ताओं से गठबंधन की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं। चाको इस ऑडियो में कह रहे हैं, “अगर वे चाहें तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हो सकता है।” चाको का यह ऑडियो मैसेज ‘शक्ति एप्प’ के जरिये दिल्ली के लगभग 50 हजार कार्यकर्ताओं को भेजा गया है।

शीला दीक्षित ने इस पर कहा, “मुझे नहीं पता कि चाको साहब ऐसा क्यों कर रहे हैं, जबकि पूरी दिल्ली यूनिट गठबंधन के खिलाफ है। मैं दिल्ली की इंचार्ज हूँ, इसलिए मुझे तो कम से कम बताना ही चाहिए।” हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने इस पर कहा कि चाको से जुड़ा सारा वाकया पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी के निर्देश पर हुआ है। माकन ने कहा, “यह राहुल गाँधी का फैसला है क्योंकि शक्ति एप्प केवल वे ही यूज करते हैं। राहुल गाँधी के निर्देश पर ही शक्ति एप्प का उपयोग किया गया है। इसलिए अगर कोई राहुल गाँधी पर सवाल उठा रहा है तो यह पूरी तरह से गलत है।”

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कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक आम हिन्दू की तरह, आपकी तरह- मैं भी गुस्से में हूँ और व्यथित हूँ। समाधान तलाश रहा हूँ। मेरे 2 सुझाव हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस गुस्से का हिन्दुओं के लिए कोई सकारात्मक नतीजा निकले, मेरे इन सुझावों को समझें।

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