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उद्धव सरकार की वजह से खाली लौट रही ट्रेनें, देर रात तक जानकारी माँगते रहे पीयूष गोयल, नहीं मिली पैसेंजरों की लिस्ट

“उम्मीद है कि पहले की तरह ट्रेन स्टेशन पर आने के बाद, वापस खाली न जाना पड़े। आपको आश्वस्त करना चाहूँगा कि आपको जितनी ट्रेन चाहिए उतनी उपलब्ध होंगी। मैं आशा करता हूँ की महाराष्ट्र सरकार हमारे इन श्रमिकों के लाभ के लिए किए गए प्रयास में पूरा सहयोग करेगी।”

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार (मई 24, 2020) को बयान दिया कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र के प्रवासियों को घर पहुँचाने के लिए पर्याप्त ट्रेन उपलब्ध नहीं करा रही है। उद्धव ठाकरे सरकार ने दावा किया था कि उन्होंने रेलवे को 200 ट्रेनों की सूची दी थी, लेकिन अभी तक ट्रेनें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

उद्धव सरकार के इस दावे का खुलासा करने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “उद्धव जी, आशा है आप स्वस्थ हैं। आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभेच्छा। कल हम महाराष्ट्र से 125 श्रमिक स्पेशल ट्रेन देने के लिए तैयार है। आपने बताया कि आपके पास श्रमिकों की लिस्ट तैयार है।”

आगे लिखा, “इसलिए आपसे अनुरोध है कि सभी निर्धारित जानकारी जैसे, कहाँ से ट्रेन चलेगी, यात्रियों की ट्रेनों के हिसाब से सूची, उनका मेडिकल सर्टिफ़िकेट और कहाँ ट्रेन जानी है, यह सब सूचना अगले एक घंटे में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पहुँचाने की कृपा करे, जिससे हम ट्रेनों की योजना समय पर कर सकें।”

एक अन्य ट्वीट में गोयल ने लिखा, “उम्मीद है कि पहले की तरह ट्रेन स्टेशन पर आने के बाद, वापस खाली न जाना पड़े। आपको आश्वस्त करना चाहूँगा कि आपको जितनी ट्रेन चाहिए उतनी उपलब्ध होंगी। मैं आशा करता हूँ की महाराष्ट्र सरकार हमारे इन श्रमिकों के लाभ के लिए किए गए प्रयास में पूरा सहयोग करेगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों और गंतव्यों के विवरण प्रदान करने में महाराष्ट्र सरकार की विफलता के कारण, रेलवे को ट्रेनों की व्यवस्था करनी पड़ी और फिर रद्द करनी पड़ी।

गोयल द्वारा शेयर किए गए रेलवे के एक बयान में कहा गया कि महाराष्ट्र सरकार के पर्याप्त तैयारी नहीं करने की वजह से 65 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। इसमें कहा गया है कि केरल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा जैसे कुछ राज्यों ने चक्रवात अम्फान के कारण ट्रेन रद्द करने के बारे में रेलवे से विशेष अनुरोध किया है। मगर सरकार की ओर से अमरावती, धुले, नासिक, चद्रपौर और अकोला जैसे जिलों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के लिए इस तरह के अनुरोध नहीं किए गए हैं।

बयान में यह भी कहा गया कि रेलवे के नोडल अधिकारी लगातार महाराष्ट्र सरकार के नोडल अधिकारियों के संपर्क में थे। लेकिन रात 12 बजे यानि 25 मई शुरू होने तक महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कोई भी लिस्ट रेल मंत्रालय के पास नहीं आई।

पीयूष गोयल ने लिखा, “दुख की बात हैं की 1.5 घंटे हो गए है पर महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे के GM मध्य रेल को, कल की 125 ट्रेनों की निर्धारित जानकारी नही दी है। ट्रेन प्लान करने में समय लगता है और हम नही चाहते की ट्रेनें स्टेशन पर आ कर खाली खड़ी रहे इसलिए पूरी जानकारी के बिना प्लान करना असंभव है।”

पीयूष गोयल ने देर रात ट्वीट करते हुए लिखा, “रात के 12 बज चुके हैं और 5 घंटे बाद भी हमारे पास महाराष्ट्र सरकार से कल की 125 ट्रेनों की डिटेल्स और पैसेंजर लिस्टें नही आई है। मैंने अधिकारियों को आदेश दिया है फिर भी प्रतीक्षा करें और तैयारियाँ जारी रखें। मेरा अनुरोध है कि महाराष्ट्र सरकार अभी भी अगले एक घंटे में कितनी ट्रेन, कहाँ तक और पैसेंजर लिस्टें हमें भेज दें। हम प्रतीक्षा कर रहे है और पूरी रात काम कर कल की ट्रेनों की तैयारी करेंगे। कृपया पैसेंजर लिस्टें अगले एक घंटे में भेज दें। ”

उसके बाद लिस्ट फिर भी नहीं आई तो रात 2 बजे पीयूष गोयल ने फिर ट्वीट किया और कहा, “महाराष्ट्र से चलने वाली 125 ट्रेनों की लिस्ट कहाँ है? रात 2 बज चुके हैं और अब तक हमें केवल 46 ट्रेनों की लिस्ट मिली है जिसमें से पाँच बंगाल और ओडिशा की हैं। इनमें से अम्फान तूफान के कारण बंगाल और ओडिशा में ट्रेन नहीं चलाई जा सकती। हम 125 ट्रेन के लिए तैयार थे फिर भी हम 41 ट्रेन नोटिफाई कर रहे हैं।”

रेलवे ने 1 मई से 23 मई तक 520 ट्रेन रोजाना चला के 7,32,166 प्रवासी मजदूरों को अपने घर पहुँचाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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