Homeराजनीतिसरकार की स्पष्ट सोच है, जिन्हें सरकार नहीं चाहिए उन पर नहीं बल्कि वंचितों...

सरकार की स्पष्ट सोच है, जिन्हें सरकार नहीं चाहिए उन पर नहीं बल्कि वंचितों के लिए संसाधन का उपयोग करना चाहिए: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, "हमारी सरकार इस मामले में हमेशा से स्पष्ट रही है कि ऐसे लोगों के जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना है, जिन्हें सरकार की ज़रूरत नहीं है। सरकार को अपने संसाधनों का उपयोग वंचित और हाशिए पर मौजूद लोगों के लिए करना चाहिए।"

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने हाल ही में किसानों के लिए पारित किए गए विधेयकों से होने वाले सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए इस बात की ओर भी इशारा किया कि पहले किस तरह किसानों के साथ अत्याचार होता था। 

इसके अलावा उन्होंने संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं से निवेदन किया कि वह किसानों के पास जाएँ और उन्हें नए विधेयक से होने वाले लाभ की जानकारी दें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “एक राष्ट्र, समाज के रूप में भारत को बेहतर बनाने के लिए दीन दयाल जी का योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला है।”

किसानों पर अब तक हुए अत्याचार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा, “आजादी के अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए, लेकिन समय की कसौटी ने​ सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं, सिर्फ नारें थे। देश अब इन बातों को भली भाँति जानता है। किसानों को ऐसे कानूनों में उलझाकर रखा गया।” 

“जिसके कारण वो अपनी ही उपज को, अपने मन मुताबिक बेच भी नहीं सकता था। नतीजा ये हुआ कि उपज बढ़ने के बावजूद किसानों की आमदनी उतनी नहीं बढ़ी। हाँ, उन पर कर्ज जरूर बढ़ता गया। किसानों से जिन्होंने हमेशा झूठ बोला है वो लोग इन दिनों अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों के कंधे पर बंदूक फोड़ रहे हैं। किसानों को भ्रमित करने में लगे हैं, ये लोग अफवाहें फैला रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “हमारी सरकार इस मामले में हमेशा से स्पष्ट रही है कि ऐसे लोगों के जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना है, जिन्हें सरकार की ज़रूरत नहीं है। सरकार को अपने संसाधनों का उपयोग वंचित और हाशिए पर मौजूद लोगों के लिए करना चाहिए।”

इसके अलावा उन्होंने किसानों से कई अन्य पहलुओं पर भी अपना विचार रखा। देश के सामान्य वर्ग को जितनी बार पार्टी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी उतनी बार हम अपने देशव्यापी संपर्क से लोगों की सेवा में जुट गए। चाहे भाजपा की केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, उसका प्रयास हमेशा से यही रहा है कि समाज के हर वर्ग से आने वाले नागरिक को बराबर अवसर मिले। 

भाजपा के हर कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह हर किसान को इस विधेयक के बारे में सरल भाषा में समझाए। जिससे किसान इस विधेयक से होने वाले फायदे समझ पाएँ। 

यूपीए सरकार ने 5 साल के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड के ज़रिए किसानों को लगभग 20 लाख करोड़ रूपए का कर्ज़ दिया था। वहीं भाजपा सरकार ने 5 सालों में किसानों को 35 लाख करोड़ रूपए का कर्ज़ दिया।  

एनडीए सरकार की शुरू से कोशिश रही है कि ज़्यादा से ज्यादा किसान भाइयों को बैंकिंग की सुविधा मिले। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 10 करोड़ किसानों को 1 लाख करोड़ रूपए दिए जा चुके हैं।    

हमारे सामने कई बड़े लक्ष्य हैं, 130 करोड़ की आबादी वाले देश के लोगों को बेहतर जीवनशैली देना। इस संबंध में जितने प्रयास लगातार हो रहे हैं, वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे दिव्य पुरुषों के आशीर्वाद का नतीजा है। 

दीनदयाल जी ही थे, जिन्होंने भारत की राष्ट्रनीति, अर्थनीति, समाजनीति, राजनीति सभी पहलुओं पर भारत के अथाह सामर्थ्य के हिसाब से तय करने की बात मुखरता से कही थी।

ऐसे बहुत लोग बचे हैं जिन्होंने दीनदयाल को सुना, समझा और उनके साथ काम किया हो। उनकी स्मृतियाँ और उनका मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा देता है और ऊर्जा का अनुभव कराता है।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -