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हिंन्दू विरोधी दिग्विजय सिंह के लिए मंदिरो के दरवाजें बंद हों: भोपाल में लगे पोस्टर

“आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है?....."- दिग्विजय सिंह के इस बयान पर काफी बवाल हुआ था।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के मंदिर में रेप वाले बयान के बाद शुरू हुआ सियासी बवाल अब पोस्टर वॉर का रूप ले चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई मंदिरों के बाहर दिग्विजय सिंह के प्रवेश निषेध को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। जिनपर दिग्विजय सिंह को मंदिरों में प्रवेश नहीं देने का संदेश लिखा हुआ हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के परशुराम मंदिर, साईं मंदिर, हनुमान मंदिर समेत कई मंदिरों में ऐसे पोस्टर चिपकाए गए हैं। हालाँकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं, लेकिन इन पोस्टर्स पर निवेदक के तौर पर हिन्दू समाज का नाम लिखा हुआ है। साथ ही संदेश के रूप में दिग्विजय सिंह की तस्वीर पर क्रॉस का निशान लगाकर लिखा है, “हिंदू समाज की यही पुकार हिंन्दू विरोधी दिग्विजय सिंह के लिए मंदिर के दरवाजें बंद हों, बंद हों।”

यहाँ बता दें कि पुलिस को इन पोस्टर्स की भनक लगते ही ये सभी पोस्टर्स तुरंत हटवा दिए गए हैं।

गौरतलब है कि अभी बीते दिनों दिग्विजय सिंह ने भोपाल में संत समागम को संबोधित करते हुए कहा था कि सनातन धर्म सबसे पुराना धर्म है, इसके अलावा जितने भी धर्म हैं वो अलग-अलग विचारधारा के ज़रिए उत्पन्न हुए हैं। विश्व का सबसे प्राचीनतम धर्म सनातन धर्म है, जिसका कभी अंत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा था, “आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।”

जिसके बाद उनके इस बयान पर काफी बवाल हुआ था और उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए लिखा था कि हिंदू संत हमारी सनातन आस्था का प्रतीक हैं। इसीलिए उनसे उच्चतम आचरण की अपेक्षा की जाती है। अगर संत वेश में कोई भी गलत आचरण करता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठनी ही चाहिए। सनातन धर्म, जिसका मैं स्वयं पालन करता हूँ, उसकी रक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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