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‘राजनीतिक हितों के लिए पत्रकारों का दमन’ – TRP स्कैम और महाराष्ट्र सरकार पर प्रकाश जावड़ेकर

"एक कंप्लेन में किसी का नाम आता है, चार्ज दूसरे पर लगता है। ये मुंबई पुलिस जो कर रही है, मुझे लगता है कि इस तरह से पत्रकारों का दमन अपने राजनीतिक हितों के लिए करना गलत है।"

महाराष्ट्र सरकार और रिपब्लिक टीवी के बीच बढ़ते विवाद के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने टीआरपी मामले पर अपना बयान दिया है। उन्होंने रिपब्लिक टीवी के कर्मचारियों पर हो रहे हमले (सरकारी, पुलिसिया) के मद्देनजर कहा है कि राजनीतिक हितों के लिए पत्रकारों का दमन बेहद गलत है।

ऑपइंडिया संपादक अजीत भारती को दिए साक्षात्कार में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से जब टीआरपी स्कैम व किसी खास मीडिया पर हो रहे हमले से संबंधित सवाल पूछा गया, तब उन्होंने अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा, “एक कंप्लेन में किसी का नाम आता है, चार्ज दूसरे पर लगता है। ये मुंबई पुलिस जो कर रही है, मुझे लगता है कि इस तरह से पत्रकारों का दमन अपने राजनीतिक हितों के लिए करना गलत है।”

TRP स्कैम, रिपब्लिक टीवी और मुंबई पुलिस

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में टीआरपी स्कैम का मामला बेहद गरमाया हुआ है। मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निराधार तरीके से रिपब्लिक टीवी का नाम इस स्कैम में लिए जाने के बाद से चैनल इस मुद्दे पर लगातार अपनी रिपोर्टिंग कर रहा है।

वहीं, मुंबई पुलिस को लेकर भी खुलासे हो रहे हैं कि वह टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी का नाम न होने के बावजूद गवाहों से उनके चैनल का नाम जबरन बुलवा रहा है। अभी हाल में मुंबई पुलिस ने मीडिया संस्थान के 1000 कर्मचारियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था, जिसकी जगह-जगह आलोचना हुई।

रिपब्लिक टीवी चैनल के CFO (मुख्य वित्तीय अधिकारी) से संस्थान के हर छोटे-बड़े खर्चे का हिसाब माँगा गया। कर्मचारियों की सैलरी, स्टेशनरी के सामान से लेकर टॉयलेट पेपर तक का खर्चा बताने को कहा गया था।

यहाँ बता दें कि आज केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा टीआरपी मामले पर दिया गया बयान ऑपइंडिया को दिए साक्षात्कार का हिस्सा है। यह बयान केवल पूरे इंटरव्यू का एक छोटा सा भाग है। ऑपइंडिया के साथ बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कई अन्य मुद्दों पर भी बात की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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