Saturday, May 25, 2024
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दीदी की सत्ता के साथ ही गंगा सागर में डूब जाएगी प्रशांत किशोर की दुकान?

”भाजपा की बंगाल में जो सुनामी चल रही है, सरकार बनने के बाद इस देश को एक चुनाव रणनीतिकार खोना पड़ेगा।” - BJP दहाई के आँकड़े के लिए संघर्ष कर रही, प्रशांत किशोर के इस दावे पर...

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी टीएमसी में मची भगदड़ के बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि बीजेपी दोहरे अंक में पहुँचने के लिए संघर्ष करेगी। बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि चुनाव के बाद देश एक रणनीतिकार खो देगा। ध्यान रहे पीके 2021 में होने वाले बंगाल चुनाव के लिए टीएमसी की रणनीति बना रहे हैं। हाल में कई नेताओं ने उनके तौर-तरीकों का विरोध करते हुए टीएमसी छोड़ी है।

For all the hype AMPLIFIED by a section of supportive media, in reality BJP will struggle to CROSS DOUBLE DIGITS in #WestBengal

PS: Please save this tweet and if BJP does any better I must quit this space!

— Prashant Kishor (@PrashantKishor) December 21, 2020

आज सुबह ट्वीट कर प्रशांत किशोर ने बताया, “मीडिया का एक वर्ग बीजेपी के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, हकीकत यह है कि बीजेपी दहाई के आँकड़े के लिए संघर्ष कर रही है। अगर बीजेपी बंगाल में बेहतर प्रदर्शन करती है तो मैं इस जगह को छोड़ दूँगा।”

प्रशांत किशोर के इस ट्वीट के आने के बाद ही सोशल मीडिया पर दिग्गज नेताओं की प्रतिक्रिया आने लगी है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय लिखते हैं, ”भाजपा की बंगाल में जो सुनामी चल रही है, सरकार बनने के बाद इस देश को एक चुनाव रणनीतिकार खोना पड़ेगा।”

शवंत देशमुख लिखते हैं, “वाह! तो इनके अनुसार 99 सीटों तक पहुँचना बीजेपी के लिए एक अलग तरह की संभावना है। हकीकत में ये वाकई दिलचस्प है। इस समीकरण के मुताबिक भले ही कॉन्ग्रेस और लेफ्ट 50 % बिखर जाएँ, लेकिन क्या दीदी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हो रही हैं।”

बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर को इस समय यूजर्स सस्ता योगेंद्र यादव बता रहे हैं। लोग उन्हें बता रहे हैं कि वो बिहार में तो अपना अस्तित्व बचा नहीं पाए, लेकिन बंगाल में मास्टरगिरी कर रहे हैं।

जेनिश पटेल लिखते हैं, “इस चुनाव के बाद तो वैसे भी आपकी विदाई तय है, घोषणा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसके बाद आपको कोई सीरियस लेगा ही नहीं।”

बोधगया के पूर्व विधायक हरि मांझी लिखते हैं, “मुझे अंग्रेज़ी नहीं आती, इसलिए मेरे एक साथी ने बताया की प्रशांत किशोर जी क़हिन है कि ‘भाजपा बंगाल में दहाई का आँकड़ा नहीं छू पाएगी’ प्रशांत जी मोटी रक़म लेकर ही आप ममता दी का काम कर रहे तो अब आप चुनाव बाद वो रक़म लौटाने का प्रबंध कीजिए क्यूँकि दीदी ज़ोरदार हार रही है। जय श्री राम।”

एबीपी पत्रकार रुबिका लियाकत प्रशांत किशोर के ट्वीट को लेकर दावा करती हैं कि प्रशांत ने ‘चित भी मेरी पट भी मेरी’ के तहत ट्वीट किया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्तमान राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया लेकिन लोग कह रहे हैं कि उन्होंने ट्विटर छोड़ने की बात की है।

यहाँ गौरतलब हो कि भाजपा का दावा है कि बंगाल चुनावों में वह ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाले हैं लेकिन प्रशांत किशोर जैसे चुनाव रणनीतिकार की बात सामने आने के बाद अब हर भाजपा समर्थक उन्हें चुनौती दे रहा है। उनसे ट्विटर, राजनीति छोड़ने की तैयारी करने को कहा जा रहा है।

बता दें कि प्रशांत किशोर पिछले कई चुनावों से चर्चा में नहीं रहे। साल 2014 के बाद उनकी भूमिका सिर्फ लालू-नीतिश गठबंधन में नजर आई थी। इसके बाद उनकी भूमिका लगभग हर चुनाव में क्षीण रही। यूपी के चुनावों में उन्होंने कॉन्ग्रेस की मदद करने की सोची लेकिन वहाँ पार्टी को बीजेपी से करारी शिकस्त मिली। इसके बाद बिहार में जदयू के जरिए अपनी महत्वाकांक्षा को न साध पाने वाले प्रशांत किशोर काफी समय से राजनैतिक पटल पर गायब चल रहे थे। आज अचानक उन्होंने बंगाल चुनाव को लेकर भविष्यवाणी की है। इसके बाद से मीडिया में उन्हें कवरेज मिल रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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