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मनीष सिसोदिया नहीं छोड़ सकेंगे देश, CBI ने जारी किया लुक आउट नोटिस: कार्रवाई से पहले राष्ट्रपति की ले ली गई थी मंजूरी

बता दें कि मनीष सिसोदिया सहित अन्य लोगों पर दर्ज FIR में PMLA की दो धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। इस तरह सीबीआई के अलावा, अगर जरूरत पड़ी तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी इसमें एंट्री हो सकती है और वह मामले की जाँच में शामिल हो सकती है।

शराब घोटाले में FIR के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Delhi Deputy CM Manish Sisodia) सहित 14 लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। ये लोग बिना इजाजत के अब देश नहीं छोड़ सकेंगे। हालाँकि, इसमें ‘ऑनली मच लाउडर’ कंपनी के मालिक विजय नायर का नाम शामिल नहीं है।

शराब घोटाले की FIR में कुल 15 लोगों के नाम हैं, जिनमें मनीष सिसोदिया का नाम सबसे ऊपर है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मनीष सिसोदिया पर कार्रवाई करने से पहले CBI ने राष्ट्रपति से आवश्यक मंजूरी ले ली थी।

नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “सिसोदिया के खिलाफ 17 अगस्त को राष्ट्रपति कार्यालय से 17A की मंजूरी मिलने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एक बार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिसोदिया सहित सभी नामित 13 व्यक्तियों के खिलाफ एलओसी जारी किए गए थे, ताकि किसी के भी भारत से बाहर जाने की स्थिति में आव्रजन अधिकारियों को सतर्क किया जा सके।”

दरअसल, केंद्रशासित प्रदेशों के किसी विधायक पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17A के तहत जाँच के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यकता होती है। वहीं, आबकारी अधिकारियों की जाँच की अनुमति उप-राज्यपाल देता है।

अधिकारी ने यह भी बताया कि 2 मार्च 2016 को पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या देश छोड़कर ब्रिटेन भाग गया था। इसके बाद से सीबीआई लगभग सभी मामलों में एहतियात के तौर पर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ लुक आउट जारी करना शुरू कर दिया है।

बता दें कि मनीष सिसोदिया सहित अन्य लोगों पर दर्ज FIR में PMLA की दो धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। इस तरह सीबीआई के अलावा, अगर जरूरत पड़ी तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी इसमें एंट्री हो सकती है और वह मामले की जाँच में शामिल हो सकती है।

उधर मनीष सिसोदिया ने शनिवार (20 अगस्त 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि केंद्र सरकार उनके काम पर ब्रेक लगाने के लिए उन्हें परेशान कर रही है और अगले 2-4 दिन में उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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