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‘विभाजन पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी, आज़ादी के बाद उन्हें भुला दिया गया’: PM मोदी ने लाल किले से खिलाड़ियों का किया सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देश के डॉक्टरों, नर्सों और सफाईकर्मियों से लेकर अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को भी धन्यवाद दिया।

इस साल स्वतंत्रता दिवस मनाने के साथ ही देश आज़ादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। भारत सरकार इसे ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले से सम्बोधन दिया। उससे पहले वो महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट गए। इसके बाद उन्होंने लाल किला पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का निरीक्षण किया। नरेंद्र मोदी ने 8वीं लाल किले से देश को सम्बोधित किया।

आम लोगों को भी राष्ट्रगान गाकर ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ में भाग लेने का मौका मिला है। ‘rashtragaan.in’ नामक वेबसाइट के जरिए वो राष्ट्रगान गाकर अपलोड कर सकते हैं और इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देश के डॉक्टरों, नर्सों और सफाईकर्मियों से लेकर अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने कोरोना काल में पल-पल जनसेवा में भागीदारी दी। उन्होंने देश के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की बात करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी घटनाओं के पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी ने भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने समारोह में मौजूद भारतीय ओलंपिक खिलाड़ियों और देश के अन्य सभी खिलाड़ियों की तारीफ़ करते हुए लोगों से कहा कि वो तालियाँ बजा कर भारत को गौरव दिलाने वाले इन युवाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी इन खिलाड़ियों ने प्रेरित किया है। इसके बाद पीएम मोदी ने बँटवारे के दर्द की बात की।

उन्होंने इसे पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक करार दिया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद इन लोगों को जल्द ही भुला दिया गया। इसीलिए, देश ने निर्णय लिया है कि 14 अगस्त को हर साल ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में याद किया जाएगा। जो विभाजन के दौरान अमानवीय दौर से गुजरे, अत्याचार सही और अंतिम-संस्कार तक का अधिकार नहीं मिला, वो हमारी स्मृति में जीवित रहने चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये ऐसे लोगों को हर भारतवासी की तरफ से श्रद्धांजलि है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू हों, देश को एकजुट राष्ट्र में बदलने वाले सरदार पटेल हों या भारत को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले बाबासाहेब आंबेडकर, देश ऐसे हर व्यक्तित्व को याद कर रहा है, देश इन सब का ऋणी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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