Saturday, March 2, 2024
Homeराजनीतिकोरोना से जंग जीतने वालों से PM मोदी की मन की बात, कहा- लॉकडाउन...

कोरोना से जंग जीतने वालों से PM मोदी की मन की बात, कहा- लॉकडाउन तोड़ने वाले जीवन से कर रहे खिलवाड़

"मैं जानता हूँ कि कोई कानून नहीं तोड़ना चाहता है, लेकिन कई लोग कानून तोड़ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं, लॉकडाउन को तोड़ेंगे तो कोरोना वायरस से नहीं बच पाएँगे। नियम तोड़ने वाले अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में कोरोना वायरस से जुड़े ख़तरों पर बात की और देश में चल रहे लॉकडाउन को लेकर जनता से अपनी बात साझा की। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे लोगों से भी बातचीत की, जो कोरोना वायरस से अभी-अभी उबरे हैं। उन्होंने डॉक्टर नीतीश गुप्ता से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि उनके अस्पताल में कोरोना के 16 मरीज ठीक होकर जा चुके हैं। डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि मरीज कोरोना के बारे में सुनकर डर जाते हैं, इसलिए उनकी काउंसलिंग भी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हमारा एक ही कर्तव्य है, सभी लोगों को ठीक कर के घर भेजने के प्रयास में लगे रहना।

कोरोना के संक्रमण से हल ही में उबरे अशोक कपूर ने पीएम मोदी से बातचीत के दौरान बताया कि वो और उनके परिवार के 6 लोग पीड़ित थे। उन्हें आगरा से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। उन्होंने बताया कि पूरे परिवार को 14 दिन अस्पताल में रखा गया। उन्होंने डॉक्टरों व अन्य मेडिकल कर्मचारियों का धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने काफ़ी अच्छे से सबका ख्याल रखा। वहीं कोरोना से ठीक हुए रामगम्पा तेजा ने बताया कि वो काम की वजह से दुबई गए थे, लेकिन संक्रमित हो गए। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें डर लग रहा था लेकिन बाद में डॉक्टरों और नर्सों ने उनका हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी ने पीड़ितों की बात सुनने के बाद अपनी बात रखते हुए कहा:

मैं जानता हूँ कि कोई कानून नहीं तोड़ना चाहता है, लेकिन कई लोग कानून तोड़ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं, लॉकडाउन को तोड़ेंगे तो कोरोना वायरस से नहीं बच पाएँगे। नियम तोड़ने वाले अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आपको होने वाली असुविधा और कठिनाई के लिए मैं क्षमा माँगता हूँ। बीमारी और उसके प्रकोप से शुरुआत में ही निपटना पड़ता है, नहीं तो बाद में यह असाध्य हो जाता है। भारत आज यही कर रहा है। भारत जैसे 130 करोड़ लोगों के देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई और रास्ता नहीं था, कठोर कदम उठाना जरूरी था।

पीएम मोदी ने कहा कि अन्य देशों का उदाहरण देखें तो कोरोना के मामलों में मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ जाती है। भारत में ऐसी स्थिति ना हो, इसका हमें ध्यान रखना है। उन्होंने माना कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है। साथ ही इस क़दम को ज़रूरी भी बताया। प्रधानमंत्री ने संकट की घड़ी में गरीबों, भूखे लोगों की मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कोरोना के पीड़ितों और संदिग्धों के साथ भेदभाव न करने की सलाह देते हुए कहा कि ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ रखना है, ‘इमोशनल डिस्टेंसिंग’ नहीं।

पीएम ने कहा कि आज के कठिन समय में दुकानदार, ड्राइवर्स, वर्कर्स, बैंकिग क्षेत्र के लोग जोखिम उठाकर काम कर रहे हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों के लोग भी ऐसे वक्त डिलिवरी के काम में लगे हैं। फोन और इंटरनेट आदि सेवाओं में भी कई लोग लगे हैं। उन्होंने इन सभी लोगों को धन्यवाद दिया। पीएम ने डॉक्टरों के त्याग व समर्पण को देखते हुए आचार्य चरक की इन पंक्तियों की उद्धृत किया:

धन और किसी खास कामना के लिए नहीं, बल्कि मरीज की सेवा के लिए दयाभाव रखकर काम करता है, वही सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक होता है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

JNU PhD धारी कन्हैया कुमार के लिए वीजा मतलब वायरस, छात्रों की बात करते हुए ‘पिघल’ कर ‘बिहार में हनीमून’ तक पहुँच गए

कॉन्ग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने एच1एन1 को वीजा कैटेगिरी बता दिया, जबकि ये स्वाइन फ्लू वायरस का नाम है, जिसे डब्ल्यूएचओ महामारी तक घोषित कर चुका है।

विश्वासघात का दूसरा नाम TMC सरकार: पीएम मोदी ने कहा- ममता सरकार संदेशखाली के गुनाहगार को बचाना चाहती थी

पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में पुलिस नहीं, अपराधी तय करते हैं कि उन्हें कब गिरफ्तार होना है। उन्होंने टीएमसी सरकार पर करप्शन का आरोप लगाया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
418,000SubscribersSubscribe