Tuesday, May 21, 2024
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चुनाव प्रचार के 10 कार्यक्रम छोड़कर वैष्णो देवी चले गए सिद्धू, पंजाब कॉन्ग्रेस में इलेक्‍शन से पहले कलह: अटकलों का बाजार गर्म

राजनीति के विशेषज्ञ इसे पंजाब कॉन्ग्रेस कुर्सी को लेकर मचे घमासान के नतीजे के रूप में देख रहे हैं। बता दें कि कॉन्ग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री चेहरे के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) की तर्ज पर आनलाइन सर्वे करवाया जा रहा है।

पंजाब के अमृतसर पूर्वी से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी नवजोत सिंह सिद्धू बुधवार (2 फरवरी 2022) को अचानक चुनाव प्रचार छोड़ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने रवाना हो गए। इसके बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि कहीं कॉन्ग्रेस सीएम फेस की घोषणा तो नहीं करने वाली है। माता वैष्णो देवी जाने को लेकर सिद्धू ने खुद ट्विटर पर पोस्ट भी डाली है। उन्होंने माता वैष्णो देवी दरबार जाने के बारे में लिखते हुए माता वैष्णो देवी से प्रार्थना की कि वे दुष्टों का विनाश करें, पंजाब का कल्याण करें और धर्म की स्थापना करें। 

राजनीति के विशेषज्ञ इसे पंजाब कॉन्ग्रेस कुर्सी को लेकर मचे घमासान के नतीजे के रूप में देख रहे हैं। बता दें कि कॉन्ग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री चेहरे के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) की तर्ज पर आनलाइन सर्वे करवाया जा रहा है। कॉन्ग्रेस कभी भी पंजाब में सीएम फेस की घोषणा कर सकती है।

सुबह पूर्व पंजाब कॉन्ग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने यह कहकर राजनीतिक खलबली मचा दी कि पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के त्याग पत्र के बाद उन्हें 42 विधायकों का समर्थन हासिल था लेकिन सीएम बने 2 विधायकों के समर्थन वाले चरणजीत सिंह चन्नी। सुखजिंदर सिंह रंधावा को 16 और नवजोत सिंह सिद्धू को मात्र 6 विधायकों ने अपना समर्थन दिया था। 

दस निर्धारित कार्यक्रम छोड़कर माता वैष्णो देवी गए सिद्धू

सिद्धू के बुधवार के शेड्यूल के मुताबिक हलके की विभिन्न वार्डों में दस के लगभग कार्यक्रम निर्धारित थे। सुबह डीसीसी की पूर्व प्रधान व पार्षद जतिंदर सोनिया के निवास पर रखे गए पहले ही कार्यक्रम में वह नहीं पहुँचे। पता करने पर जानकारी मिली कि सिद्धू माँ वैष्णों देवी के दर्शनों को चले गए हैं। उनके अचानक यूँ हलके विधानसभा से जाने से कई तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। कॉन्ग्रेस की पूर्व शहरी प्रधान व पार्षद जतिंदर सोनिया ने बताया कि उनके घर पर सिद्धू के आने की जानकारी मिली थी। वैसे मंगलवार (1 फरवरी 2022) को कार्यक्रम था, जिसमें सिद्धू को आना था, पर वह नहीं आए। बुधवार (2 फरवरी 2022) को उनके आने की उम्मीद थी, पर कोई सूचना नही दी थी।

अकाली दल के बिक्रम मजीठिया ने दी है सिद्धू को चुनौती

बता दें कि मंगलवार को शिअद महासचिव व हलके से शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी बिक्रम सिंह मजीठिया ने घोषणा की थी कि वह सिद्धू की चुनौती स्वीकार करते हैं। वह सिर्फ पूर्वी हलके की सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। उनके पुराने विधानसभा क्षेत्र मजीठा से उनकी पत्नी मैदान में रहेंगी। सिद्धू मंगलवार को अमरगढ़ में आयोजित रैली में भाग लेने के लिए गए हुए थे, ऐसे में बुधवार को उनके अपने हलके में निकलने का कार्यक्रम था। पूर्वी हलके से मजीठिया के मैदान में उतरने के बाद यहाँ मुकाबला काफी कड़ा हो गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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