Tuesday, January 18, 2022
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PM Cares मामले में CM योगी ने राहुल पर साधा निशाना, कहा- अपरिपक्व, ओछी राजनीति के लिए दें जवाब

“कोरोना महामारी में जनहित की सुरक्षा के दृष्टिगत पीएम नरेंद्र मोदी के नूतन प्रयास PM CARES का विशिष्ट योगदान रहा है। इस पर सवाल उठाना राहुल गाँधी की अपरिपक्वता का उदाहरण था। आज माननीय सुप्रीम कोर्ट ने PM CARES की महत्ता को वैधानिकता प्रदान कर दी। सत्यमेव जयते!”

प्राइम मिनिस्टर्स सिटिजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमर्जेंसी सिचुएशंस (PM CARES) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज कर दी गई। याचिका खारिज होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पीएम केयर्स पर सवाल उठाना राहुल गाँधी की अपरिपक्वता का उदाहरण था। सुप्रीम कोर्ट ने बुद्धिजीवियों को आइना दिखा दिया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने एक के बाद एक दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “कोरोना महामारी में जनहित की सुरक्षा के दृष्टिगत पीएम नरेंद्र मोदी के नूतन प्रयास PM CARES का विशिष्ट योगदान रहा है। इस पर सवाल उठाना राहुल गाँधी की अपरिपक्वता का उदाहरण था। आज माननीय सुप्रीम कोर्ट ने PM CARES की महत्ता को वैधानिकता प्रदान कर दी। सत्यमेव जयते!”

इस ट्वीट के बाद योगी ने दूसरा ट्वीट किया और कहा कि राहुल गाँधी को अब जवाब देना होगा। योगी ने लिखा, “कोरोना काल में आमजन का सहारा बने PM CARES के संबंध में कुप्रचार कर रहे ‘स्वयंभू’ बुद्धिजीवियों को आज सुप्रीम कोर्ट ने आईना दिखा दिया। PM CARES जन संपत्ति है। जनहित में ही इसका उपयोग हो रहा है। ओछी राजनीति के लिए राहुल गाँधी और स्वयंभू बुद्धिजीवियों को जनता को जवाब देना होगा।”

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि शीर्ष कोर्ट के फैसले से पीएम केयर्स फंड को लेकर राहुल गाँधी के नापाक मंसूबों पर पानी फिर गया। जेपी नड्डा ने ट्वीट किया, “पीएम केयर्स पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राहुल गाँधी और उनके भाड़े के आदमियों (रेंट-ए-कॉज बैंड) के कुटिल मंसूबों पर पानी फेर दिया है। यह दर्शाता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों के गलत इरादे और दुर्भावनापूर्ण प्रयासों के बावजूद सच्चाई सामने आती है।”

उन्होंने आरोप लगाया, “राहुल गाँधी के इस बारे में हल्ला मचाने को आम आदमी ने बार-बार खारिज किया है, जिन्होंने पीएम-केयर्स में भारी योगदान दिया है। शीर्ष कोर्ट ने भी अपना फैसला सुना दिया है, क्या राहुल और उनके रेंट-ए-कॉज कार्यकर्ता खुद में सुधार लाएँगे या आगे भी शर्मिदा होते रहेंगे।”

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, “गाँधी परिवार ने पीएमएनआरएफ को दशकों से व्यक्तिगत संपत्ति के रूप में संचालित किया। पीएमएनआरएफ से नागरिकों की मेहनत से अर्जित धन को अपने परिवार के ट्रस्टों को ट्रांसफर कर दिया है। देश बहुत अच्छी तरह से जानता है कि पीएम केयर्स फंड के खिलाफ अभियान कॉन्ग्रेस द्वारा अपने पापों को धोने का एक प्रयास है।”

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया, “सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अभियान चलाए जाने की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि शीर्ष अदालत ने NDRF को पीएम केयर्स फंड के ट्रांसफर का आदेश देने से इनकार कर दिया है।” अमित मालवीय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि पीएम केयर्स फंड पब्लिक चैरिटेबल फंड की तरह ही है। इसे एनडीआरएफ को ट्रांसफर किए जाने की जरूरत नहीं है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (अगस्त 18, 2020) को पीएम केयर्स फंड में जमा पैसों को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में ट्रांसफर करने की माँग ठुकरा दी। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये दोनों फंड अलग हैं। नवंबर 2019 में बनी योजना ही पर्याप्त है। अलग से योजना बनाने की जरूरत नहीं है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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