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ट्विटर पोल में भी पास नहीं हुए राहुल गाँधी: इंडिया टुडे ने फिर दिया मौका, पर नहीं बदल पाए नतीजे

ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि यह सर्वेक्षण कॉन्ग्रेस के दबाव में कराया गया था। उन्हें बेहतर नतीजे की आस थी। लेकिन इसके ठीक उलट परिणाम आए। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि अगर सर्वेक्षण उनके पक्ष में आता तो वह इसे ख़बर में तब्दील कर देते। लेकिन राहुल गाँधी इस सर्वेक्षण में बहुत पीछे नज़र आए।

2019 के आम चुनावों में राहुल गॉंधी प्रधानमंत्री बनने की लड़ाई बुरी तरह हारे थे। यहॉं तक कि अपनी परंपरागत सीट अमेठी भी नहीं बचा पाए थे। अब एक बार फिर उन्हें करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है।

इंडिया टुडे के हालिया ट्विटर पोल में अगला प्रधानमंत्री बनने की लड़ाई भी उन्हें नरेंद्र मोदी के हाथों हारनी पड़ी। इस सर्वेक्षण के नतीजों ने राजदीप सरदेसाई को भी हैरान कर दिया था। वे विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि देश के आम लोगों की पसंद अभी भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं।

इस सर्वेक्षण में लोगों से पूछा गया कि आने वाले समय में वे किसे प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि यह सर्वेक्षण कॉन्ग्रेस के दबाव में कराया गया था। उन्हें बेहतर नतीजे की आस थी। लेकिन इसके ठीक उलट परिणाम आए। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि अगर सर्वेक्षण उनके पक्ष में आता तो वह इसे ख़बर में तब्दील कर देते। लेकिन राहुल गाँधी इस सर्वेक्षण में बहुत पीछे नज़र आए।   

इंडिया टुडे और राहुल गांधी

इंडिया टुडे ने भले इस सर्वेक्षण और राहुल गाँधी के मोनोलॉग का ‘आलोचना’ बताने का प्रयास किया हो। लेकिन अंत में इसका भी उन्हें कोई फ़ायदा नहीं हुआ। यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं है जब इंडिया टुडे ने ऐसा कुछ किया हो। 

इसके पहले इंडिया टुडे ने बहुत बारीकी से राहुल गाँधी को अगला या आगामी प्रभावी चेहरा दिखाने का पूरा प्रयास किया है। नीचे मौजूद इंडिया टुडे पत्रिका की कवर से साफ़ है कि उन्होंने अक्सर राहुल गाँधी को बतौर चेहरा स्थापित करने का पूरा प्रयास किया है।   

इंडिया टुडे के कवर पर राहुल गाँधी

इन सारी बातों से यह भी साफ़ है कि इंडिया टुडे ने हमेशा इस बात का इंतज़ार किया है कि राहुल गाँधी की तरफ से कुछ ऐसा हो जिसकी किसी ने कल्पना न की हो। जो राहुल के राजनीतिक कद के लिए बेहद ही अप्रत्याशित हो। लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हासिल हुई है। यहाँ तक कि इंडिया टुडे खुद इसके लिए जितनी बार कोशिश करता है उन्हें भी असफलता ही हासिल होती है।    

दरअसल राहुल गाँधी ने 27 जुलाई 2020 को एक वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने केंद्र सरकार को तमाम मुद्दों पर घेरने का प्रयास किया था। इसमें उनसे सवाल किया जाता है कि उन लोगों के बारे में आपका क्या ख्याल है जो कहते हैं कि प्रधानमंत्री से चीन पर आपके सवाल, भारत को कमजोर कर रहे हैं? वीडियो में उनका कहना था उनकी पहली प्राथमिकता यह देश और जनता है। इसके बाद राहुल ने कहा, ”यह बात एकदम साफ है कि चीनी हमारे इलाके में घुस आए हैं। यह बात मुझे परेशान करती है। इससे मेरा खून खौलने लगता है कि कैसे एक दूसरा देश हमारे इलाके में घुस आया?”

India today conducted a poll regarding upcoming PM of the nation Rahul gandhi lost this poll too

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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