Homeराजनीतिहमारा दिमाग ही सभी फैसले करता है, मुझे गाजर खाना पसंद नहीं था, लेकिन...

हमारा दिमाग ही सभी फैसले करता है, मुझे गाजर खाना पसंद नहीं था, लेकिन अब मैं खाता हूँ: राहुल गाँधी

'मैं उन्हें (नरेंद्र मोदी) पसंद करता हूँ। वह शानदार हैं। मोदी को आम पसंद है, लेकिन मुझे विपश्यना पसंद है। और जहाँ तक बात रही आम की; तो हाँ, मुझे भी आम पसंद हैं, केले भी पसंद हैं। मुझे गाजर खाना पसंद नहीं था, लेकिन अब मैं गाजर भी खाता हूँ।'

एक इंटरव्यू में कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष और रॉबर्ट वाड्रा के साले राहुल गाँधी ने पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर अपने बारे में बड़े खुलासे किए। इस इंटरव्यू में ही राहुल गाँधी ने स्वीकार किया कि मोदी की ताकत उनकी छवि है और दावा किया कि वो इसे इसे खराब कर के रहेंगे। इस इंटरव्यू में राहुल गाँधी ने  कहा कि नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने का काम उन्होंने शुरू भी कर दिया है।

‘मुझे आम पसंद हैं, केले भी पसंद हैं और अब मैं गाजर भी खाता हूँ’

कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष और प्रियंका गाँधी के भाई राहुल गाँधी ने आगे कहा, “आप गरीब लोगों को पसंद कर सकते हैं या फिर आप उनसे नफरत कर सकते हैं। यह सब आप अपने मन से निर्धारित करते हैं। हमारा दिमाग ही है जो सभी फैसले करता है। हो सकता है कि मैं किसी से नफरत करता हूँ, लेकिन जब उनसे थोड़ी बातचीत कर लूँ, तो मैं फिर चीजों को उनके नजरिए से देखने लगता हूँ। वास्तव में मैं उन्हें (नरेंद्र मोदी) पसंद करता हूँ। वह शानदार हैं। मोदी को आम पसंद है, लेकिन मुझे विपश्यना पसंद है। और जहाँ तक बात रही आम की; तो हाँ, मुझे भी आम पसंद हैं, केले भी पसंद हैं। मुझे गाजर खाना पसंद नहीं था, लेकिन अब मैं गाजर भी खाता हूँ।”

‘राफेल डील में पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया’

वहीं, राफेल डील के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी नियमों को अनदेखा कर अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी शुरू से ही इसकी जाँच की माँग कर रही है। इसके साथ ही राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी पीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार में तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने इसका कभी ढिढोरा नहीं पीटा। इसके आगे राहुल ने कहा कि मिस्टर मोदी और बीजेपी चुनाव नहीं जीत रहे हैं। कॉन्ग्रेस की अगुवाई में यूपीए सरकार बनाने वाली है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कहीं लहराई तलवारें, कहीं चाकू गोदकर ले ली जान तो कहीं AK-47 दिखा फैलाई दहशत: मुहर्रम पर कई राज्यों में इस्लामी कट्टरपंथियों ने की...

देश के अलग-अलग हिस्सों से मुहर्रम के दौरान विवाद, झड़प और हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं। कहीं युवक की हत्या की गई को कहीं पुलिस पर हमला।

लड़कियों को फँसाओ, निकाह से पहले प्रेग्नेंट करो और बच्चा ले लो… क्या है ‘जिहाद अल-अकबर’, जिसके जरिए हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण की साजिश...

पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी आकाओं ने 'जिहाद अल अकबर' से एक खास एजेंडा तैयार किया है। बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण करवाना है।
- विज्ञापन -