Monday, June 17, 2024
Homeराजनीतिट्विटर अकाउंट अनलॉक करवाने को राहुल गाँधी ने बोला झूठ? दिल्ली की कथित रेप...

ट्विटर अकाउंट अनलॉक करवाने को राहुल गाँधी ने बोला झूठ? दिल्ली की कथित रेप पीड़िता की माँ का सहमति देने से इनकार

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में पीड़िता की माँ ने खुलासा किया है कि उसने राहुल गाँधी के साथ बातचीत की थी। लेकिन सोशल मीडिया पर पहचान उजागर करने के लिए किसी तरह की कोई सहमति नहीं ली गई थी।

क्या कॉन्ग्रेस के पूर्व राहुल गाँधी ने ट्विटर अकाउंट अनलॉक करवाने के लिए झूठ बोला था? यह सवाल दिल्ली की उस 9 वर्षीय बच्ची की माँ के एक बयान से खड़ा हुआ है, जिसकी कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। पीड़ित माँ का कहना है कि तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले राहुल गाँधी ने उनसे कोई अनुमति नहीं माँगी थी।

POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) एक्ट नाबालिग रेप पीड़िता या उसके माता-पिता की तस्वीर साझा करने को प्रतिबंधित करता है ताकि उनकी पहचान उजागर न हो। बावजूद इसके राहुल गाँधी ने पीड़िता के माता-पिता की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद उनका अकाउंट लॉक कर दिया गया था।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में पीड़िता की माँ ने खुलासा किया है कि उसने राहुल गाँधी के साथ बातचीत की थी। लेकिन सोशल मीडिया पर पहचान उजागर करने के लिए किसी तरह की कोई सहमति नहीं ली गई थी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इंटरव्यू लेने वाले ने पीड़िता की माँ से पूछा कि क्या उसने अपनी पहचान उजागर करने के लिए किसी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, तो उसने कहा कि उसने ऐसे किसी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। पीड़िता की माँ के मुताबिक, “न तो मैंने और न ही मेरे पति ने किसी कागजात पर हस्ताक्षर किए है।” उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि उसकी तस्वीर साझा की जा रही थी। महिला का कहना है कि उसकी एकमात्र चिंता यह है कि उनकी बेटी को न्याय मिले और अपराधियों को मौत की सजा मिले।

टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में बच्ची की माँ ने बताया कि राहुल गाँधी ने उन्हें न्याय दिलाने में मदद करने का वादा किया था, लेकिन किसी तरह की कोई इजाजत नहीं ली थी। महिला ने कहा, “हमने अपनी तस्वीर नहीं दी, उन्होंने खुद ली।” इसके साथ ही पीड़िता की माँ ने इस बात का भी खुलासा किया कि वो और उनके पति दोनों अनपढ़ हैं। उन्होंने न तो किसी कागज पर हस्ताक्षर किए हैं और न ही किसी पर अपना अँगूठा लगाया है।

इस मामले में कॉन्ग्रेस के अकाउंट ‘INC_Television’ ने 14 अगस्त को ट्वीट किया था कि पीड़िता के माता-पिता ने इमेज शेयर करने के लिए लिखित में अपनी सहमति दी थी। राहुल गाँधी के ट्विटर अकाउंट को अनलॉक करने के लिए इसी दावे का इस्तेमाल किया गया था।

राहुल गाँधी बनाम ट्विटर

बलात्कार पीड़िता की पहचान बताकर राहुल गाँधी द्वारा कानून का उल्लंघन करने के बाद एनसीपीसीआर ने ट्विटर को पत्र लिखा था कि अगर खुद राहुल गाँधी इसे नहीं हटाते हैं, तो माइक्रो ब्लॉगिंग साइट 24 घंटे के भीतर ट्वीट को हटा दे। इसके बाद ट्विटर ने ट्वीट को हटा दिया और राहुल गाँधी के खाते को बंद कर दिया था। नियमों के मुताबिक, पहली बार अपराध करने के कारण उनके अकाउंट को 12 घंटे के लिए बंद किया गया। हालाँकि, बाद में रिपोर्ट आने के बाद कि उन्हें पीड़िता के माता-पिता से तस्वीर का उपयोग करने की ‘अनुमति’ मिली थी, ट्विटर ने पलक झपकते ही राहुल गाँधी के अकाउंट को बहाल कर दिया था।

ट्विटर द्वारा राहुल के अकाउंट पर कार्रवाई होने के बाद कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने POCSO अधिनियम का उल्लंघन करने वाले राहुल गाँधी के साथ बलात्कार पीड़िता के माता-पिता की ‘एकजुटता’ वाली तस्वीर ट्वीट की। हालाँकि, उन ट्वीट्स को भी ट्विटर ने अंततः हरी झंडी दिखा दी, लेकिन कुछ खातों को बंद भी किया गया। इस बीच कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने एकजुटता दिखाने के लिए अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर और नाम बदलकर राहुल गाँधी कर लिया। हालाँकि, यह भी ट्विटर नीति का उल्लंघन था और फिर से कई नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स को लॉक कर दिया गया।

इसके बाद कॉन्ग्रेस ने अपना रोना शुरू करते हुए ट्विटर पर भारत सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। इस बीच कई नेटिज़न्स ने ये अनुमान लगाया कि ये ट्विटर और कॉन्ग्रेस के बीच शैडोबॉक्सिंग हो सकती है, ताकि ट्विटर खुद को तटस्थ दिखा सके और आने वाले चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं के ट्विटर अकाउंट्स को निलंबित कर सके। अब जबकि ट्विटर ने राहुल गाँधी का अकाउंट अनलॉक कर दिया है, उन्होंने अभी तक कोई ट्वीट नहीं किया है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बकरों के कटने से दिक्कत नहीं, दिवाली पर ‘राम-सीता बचाने नहीं आएँगे’ कह रही थी पत्रकार तनुश्री पांडे: वायर-प्रिंट में कर चुकी हैं काम,...

तनुश्री पांडे ने लिखा था, "राम-सीता तुम्हें प्रदूषण से बचाने के लिए नहीं आएँगे। अगली बार साफ़-स्वच्छ दिवाली मनाइए।" बकरीद पर बदल गए सुर।

पावागढ़ की पहाड़ी पर ध्वस्त हुईं तीर्थंकरों की जो प्रतिमाएँ, उन्हें फिर से करेंगे स्थापित: गुजरात के गृह मंत्री का आश्वासन, महाकाली मंदिर ने...

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि किसी भी ट्रस्ट, संस्था या व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि इस पवित्र स्थल पर जैन तीर्थंकरों की ऐतिहासिक प्रतिमाओं को ध्वस्त करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -