Homeराजनीतिअधिकारियों का जत्था, पुलिस दल, एम्बुलेंस: CM कमलनाथ के रिश्तेदारों को सरकारी VVIP सुविधाएँ

अधिकारियों का जत्था, पुलिस दल, एम्बुलेंस: CM कमलनाथ के रिश्तेदारों को सरकारी VVIP सुविधाएँ

"क्या इन रिश्तेदारों को कैबिनेट रैंक दिया गया है या किसी विभागीय पद पर बैठाया गया है? या फिर, केवल मुख्यमंत्री को ख़ुश करने के लिए ऐसा किया गया?"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के रिश्तेदारों को विशेष सरकारी सुविधाएँ देने का मामला सामने आया है। रिपब्लिक टीवी की एक ख़बर के अनुसार, कमलनाथ के रिश्तेदारों को पुलिस दल की सुविधाएँ दी गईं, उनके साथ सरकारी अधिकारियों को भी रखा गया और सरकारी एम्बुलेंस भी साथ में था। यह घटना तब की है जब मुख्यमंत्री के रिश्तेदार उज्जैन मंदिर में दर्शन करने आए थे। रतुल पुरी सीएम के भतीजे हैं और उद्योगपति भी हैं। जब वह अपनी पत्नी के साथ मंगलवार (जून 4, 2019) को उज्जैन पहुँचे, तब उन्हें सरकारी अधिकारीगण, पुलिस दल, एम्बुलेंस सहित कई ऐसी सरकारी सुविधाएँ दी गईं, जो मुख्यमंत्री द्वारा पद के दुरूपयोग और वीवीआईपी रेसिज्म को सामने लाती हैं, ऐसा ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ की ख़बर में कहा गया है।

भाजपा ने आरोप लगाया है कि व्यक्तिगत दौरे पर गए कमलनाथ के रिश्तेदारों को सरकारी सुविधाएँ क्यों मुहैया कराई गईं? भाजपा का पूछ्ना है कि जब उनके रिश्तेदार किसी ऐसे सरकारी पद पर नहीं हैं, जिनमें ये सब सुविधाएँ दी जाती हों (यह कोई सरकारी दौरा नहीं बल्कि व्यक्तिगत यात्रा थी), तब ऐसा कैसे किया गया? भाजपा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर पद के दुरूपयोग का सीधा आरोप लगाया है। उज्जैन के सांसद अनिल फिरोज़िया ने इस बारे में टिप्पणी करते हुए कहा:

“उन्हें (कमलनाथ के रिश्तेदार) आकर मंदिर में दर्शन करना चाहिए, यह अच्छी बात है। लेकिन, जिला प्रशासन ने उनके लिए प्रोटोकॉल जारी किया, क्यों? मैं जिलाधिकारी से पूछना चाहता हूँ कि ऐसा क्यों किया गया और किसके कहने पर किया गया? क्या इन रिश्तेदारों को कैबिनेट रैंक दिया गया है या किसी विभागीय पद पर बैठाया गया है? या फिर, केवल मुख्यमंत्री को ख़ुश करने के लिए ऐसा किया गया? यह सार्वजनकि संपत्ति के दुरूपयोग का मामला है।”

‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ के अनुसार, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने पर बताया गया कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें कमलनाथ के रिश्तेदारों को ‘VVIP Escorts’ देने को निर्देशित किया गया था। बता दें कि सत्ता संभालने के बाद से ही कमलनाथ लगातार विवादों में हैं। कभी राज्य में बिजली गायब होने को लेकर वो सुर्ख़ियों में रहते हैं, तो कभी किसानों की कर्ज़माफ़ी में गड़बड़ियों के कारण वे ख़बरों में रहते हैं। मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार होने के बावजूद हालिया लोकसभा चुनावों में पार्टी की बुरी हार हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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