Friday, July 30, 2021
Homeराजनीतिहमें रूस से क्या खरीदना है क्या नहीं, कोई और न बताए: रूस से...

हमें रूस से क्या खरीदना है क्या नहीं, कोई और न बताए: रूस से S-400 डील पर विदेश मंत्री की अमेरिका को दो टूक

“हम नहीं चाहते कि कोई देश हमें बताए कि रूस से क्या खरीदना है और क्या नहीं। हमने हमेशा इस बात को कहा है कि हम क्या सैन्य उपकरण खरीदते हैं, यह हमारा संप्रभु अधिकार है। इसी तरह हम नहीं चाहते कि कोई हमें बताए कि हमें अमेरिका से क्या खरीदना है और क्या नहीं।”

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस से सैन्य समझौता करने पर सोमवार (सितंबर 30, 2019) को अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है। अमेरिका दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंधों के खतरे के बावजूद रूस से मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के भारत के अधिकार का बचाव किया। जयशंकर ने कहा कि भारत अमेरिका की चिंताओं पर चर्चा कर रहा है, लेकिन उन्होंने रूस से एस-400 खरीदने के संबंध में किसी भी अंतिम निर्णय के बारे में पहले से बताने से इनकार कर दिया।

जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के साथ सोमवार को बैठक से पहले कहा कि भारत रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस-400 खरीदने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कोई देश हमें बताए कि रूस से क्या खरीदना है और क्या नहीं। हमने हमेशा इस बात को कहा है कि हम क्या सैन्य उपकरण खरीदते हैं, यह हमारा संप्रभु अधिकार है। इसी तरह हम नहीं चाहते कि कोई हमें बताए कि हमें अमेरिका से क्या खरीदना है और क्या नहीं।”

जयशंकर ने पत्रकारों से कहा, “इस चयन का अधिकार हमारा है और मुझे लगता है कि इस बात को समझना सभी के हित में है।” उल्लेखनीय है कि रूस की यूक्रेन एवं सीरिया में सैन्य संलिप्तता और अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप के आरोपों के कारण अमेरिका ने 2017 कानून के तहत उन देशों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया है जो रूस से बड़े हथियार खरीदते हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल भारत ने रूस से 5.2 बिलियन डॉलर के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का करार किया है। अमेरिका द्वारा कई देशों पर रूसी हथियारों को ना खरीदने की धमकी देने के चलते रूस को अपने हथियारों की बिक्री के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अमेरिका की तरफ से धमकी दिए जाने के बावजूद भारत ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन लगातार ही भारत और रूस के बीच सैन्य समझौते पर नाराजगी जताता रहा है। 2 महीने पहले भी जब भारत ने रूस को एडवांस पेमेंट किया, तब भी अमेरिका ने धमकी देते हुए कहा था कि भारत का यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों पर गंभीर असर डालेगा। अमेरिका ने नाराजगी जताते हुए कई बार भारत पर प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मनमोहन सिंह ने की थी मनमर्जी, मुसलमान स्पेशल क्लास नहीं’: सुप्रीम कोर्ट में सच्चर कमेटी की सिफारिशों को चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने को चुनौती दी गई है। याचिका 'सनातन वैदिक धर्म' नामक संगठन के छह अनुयायियों ने दायर की है।

‘2 से अधिक बच्चे तो छीन लें आरक्षण और वोटिंग का अधिकार’: UP के जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में 97% लोग

जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर उत्तर प्रदेश विधि आयोग को मिले सुझाव में से ज्यादातर में सख्त कानून का समर्थन किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,994FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe